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विश्वविद्यालयों

विश्वविद्यालयों की सभी परीक्षाएं होंगी, तिथियां तय नहीं : सामंत

कुलाधिपति कोशियारी ने उपकुलपतियों की बैठक आमंत्रित की, लिए जाएंगे निर्णय मुंबई : राज्य के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों में वर्ष 2020 की सभी ग्रीष्मकालीन परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी. यह जानकारी राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने दी. लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि परीक्षाएं कब से शुरू होंगी. सभी प्रोफेशनल एक्जाम और कॉमन इंट्रेंस टेस्ट भी होंगे उन्होंने विदर्भ आपला को बताया कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों और सीईटी सेल प्रमुखों से वीडियो कांफ्रेंसिंग से चर्चा के बाद ग्रीष्मकालीन परीक्षाओं के बारे में निर्णय लिया गया है. सामंत ने कहा कि लॉकडाउन के कारण राज्य में इन परीक्षाओं को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी. सभी आर्ट्स, सायंस और कॉमर्स के साथ ही प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षाएं, अमूमन प्रति वर्ष मई-जून में संपन्न हो जाया करती थीं, लेकिन अब इन सभी के साथ कॉमन इंट्रेंस टेस्ट भी होंगे. सामंत ने बताया कि सभी विश्वविद्यालयों से कहा गया है कि अपने-अपने कैम्पस (परिसर) में वे कोरोना वायरस के परीक्षण की प्रयोगशालाएं भी आरंभ करें.   कुलाधिपति कोशियारी ने बुलाई बैठक उल्लेखनीय है कि राज्य के कुलाधिपति और राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने सभी विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों की बैठक बुलाई है. जिसमें राज्य में आगामी ग्रीष्मकालीन परीक्षाएं संपन्न कराने पर विचार-विमर्श किया जाएगा. ज्ञातव्य है कि राज्य में कोरोना संक्रमण से बिगड़ रही स्थिति के कारण लॉकडाउन है. ऐसे में परीक्षाओं को लेकर ठोस निर्णय लेने और तैयारियों के साथ अनुमानित तिथियां भी निर्धारित करने की जरूरत महसूस की जा रही है.  इसके लिए वैकल्पिक योजनाएं तैयार करने की जरूरत है. सूत्रों ने बताया कि उपकुलपतियों की बैठक में इन सारे पहलुओं पर ठोस फैसले लिए जाएंगे. नागपुर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व डॉ. चांदेकर करेंगे इस बीच तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. एस.पी. काणे का पांच वर्षों का कार्यकाल पूर्ण हो जाने के कारण कुलाधिपति ने उन्हें कार्यमुक्त कर दिया है. उन्होंने 15 अप्रैल 2015 को नागपुर विवि के उपकुलपति का पदभार संभाला था. डॉ. काणे को अपना कार्यभार संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. मुरलीधर चांदेकर को सौंपने को कहा गया था. डॉ. काणे ने अपना कार्यभार सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से डॉ. चांदेकर को सौंप दिया है. अब उपकुलपतियों की बैठक प्रतिनिधित्व भी डॉ. चांदेकर ही करेंगे.
मनपा

व्यापारियों ने ले लिया बड़ा फैसला, अमरावती प्रशासन के हाथ-पांव फूले

सुबह-सुबह दुकानें बंद कराने और पुलिस के बिगड़े बोल से बिगड़ा वातावरण, बुधवार से होगी स्थिति सामान्य अमरावती (महाराष्ट्र) : अमरावती शहर के थोक और रिटेल किराना बाजार और सब्जी मंडी बुधवार, 8 अप्रैल से नियमित रूप से समय पर खुलेंगे. कुछ गलतफहमियों के कारण नाराज व्यापारियों ने सोमवार को अचानक आगामी 14 अप्रैल तक बंद रखने का निर्णय कर लिया था. लेकिन कल दिन भर व्यापारियों और अमरावती महानगर पालिका तथा पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों ने कई दौर की चर्चा की. बाद में संयुक्त बैठक में व्यापारियों की नाराजगी दूर हो सकी. फलस्वरूप व्यापारियों ने बुधवार से नियमित ढंग से बाजार खोलने और बंद करने का फैसला किया. इस बीच पुलिस और प्रशासन की ओर से बाजार क्षेत्र में ग्राहकों के आवागमन और माल लाने एवं बाहरगांव भेजने की व्यवस्था को सुचारू करने के लिए सर्वसम्मति से आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए. इसके तहत सक्कारसाथ में यातायात को वन-वे करने, पार्किंग और माल बुकिंग एवं माल लोडिंग के समय भी तय किए गए. व्यवस्था सुचारू करने के सर्वसम्मति से हुए निर्णय सक्कारसाथ बाजार, इतवारा मार्ग से आना होगा और जवाहर गेट मार्ग से बाहर जाना होगा. जवाहर गेट से कोई वाहन सक्कारसाथ नहीं जाएगा. बाजार के व्यापारी और ग्राहकों की वाहन बालाजी मंदिर प्रांगण में खड़े रहेंगे. वहां जगह कम पड़ी तो वाहन इतवारा और लोहा बाजार गली में खड़े किए जा सकेंगे. प्रमुख बाजार में केवल थोक व्यापारियों की दुकानें ही खुलेंगी. तय व्यवस्था के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में माल भेजने के लिए सुबह 7 बजे से 11 बजे तक माल बुकिंग का समय होगा. माल की लोडिंग 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक की जा सकेगी. रिटेल और सेमी रिटेल दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया गया. इसके लिए व्यापारियों से थोक और रिटेल दुकानों की सूची लिखित रूप से देने को कहा गया है. शाम की संयुक्त बैठक में मनपा आयुक्त प्रशांत रोड़े, विधि अधिकारी श्रीकांत चव्हाण, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विलास काले, नागपुरी गेट पुलिस के थानेदार अर्जुन ठोसरे, खोलापुरी गेट के थानेदार अतुल घारपांडे, थोक मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविन्द सोमाणी, रिटेल किराना व्यापारी असोसिएशन के अध्यक्ष आत्माराम पुरसवानी, मनोज खंडेलवाल, शैलेश राठी, अब्दुल सलीम, विजय माकड़ा, प्रशांत अग्रवाल और अन्य व्यापारी प्रतिनिधि शामिल थे. ऐसे अचानक व्यापारियों में फैली नाराजगी व्यापारियों में रोष का कारण बना सोमवार की सुबह 8.30 बजे अचानक पुलिस द्वारा बाजार बंद करने आदेश देना और पूछे जाने पर व्यापारियों के साथ बदसलूकी से पेश आना. सुबह आठ बजे व्यापारियों ने शनिवार और रविवार की बंदी के बाद अपनी-अपनी दुकानें खोली ही थीं कि पुलिस वाहन का सायरन बजने लगा और माइक से दुकानें बंद करने के फरमान सुनाए जाने लगे. इससे व्यापारी असमंजस में पड़ गए. क्योंकि शनिवार को भी अचानक दुकानें बंद कराए जाने के बाद उन्हें सोमवार से सुबह 8 बजे दुकानें खोलने की अनुमति दी गई थी. बता दें कि गत दिनों स्थानीय हाथीपुरा परिसर के एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी. उसकी रिपोर्ट पॉजीटीव आते ही जिला प्रशासन के निर्देश पर मनपा प्रशासन ने शनिवार को हाथीपुरा परिसर के आसपास...
मुलायम सिंह यादव

अब एक और बायॉपिक ‘नेता जी’ मुलायम सिंह यादव पर

रिलीज हुआ 'मैं मुलायम सिंह यादव' का टीजर मुंबई : बॉलिवुड में पिछले काफी समय से बायॉपिक का दौर चल रहा है. कई स्पोर्ट्सपर्सन की बायॉपिक्स के बाद अब राजनीतिक हस्तियों पर भी बायॉपिक बन रही हैं. इस बीच भारत के पूर्व रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे समाजवादी पार्टी के पूर्व मुखिया मुलायम सिंह यादव पर भी एक बायॉपिक आने को तैयार है. इस फिल्म का ऑफिशल टीजर रिलीज कर दिया गया है. देखें, फिल्म का टीजर-   https://youtu.be/ElNlKVmnTG0 टीजर में मुलायम सिंह यादव की शुरुआती जिंदगी के बारे में दिखाया गया है. मुलायम सिंह यादव ने एक शौकिया पहलवान के तौर पर अपनी जिंदगी शुरू की थी. शायद इसीलिए टीजर में अखाड़े के सीन दिखाए गए हैं. राजनीति में में आने पर वे शीघ्र ही 'नेता जी' के नाम से भी मशहूर हो गए. टीजर के साथ कैप्शन में लिखा है, 'यह एक किसान के बेटे की प्रेरणादायक कहानी है, जो एक राज्य का सबसे बड़ा नेता बन जाता है.' फिल्म में अमित सेठी, मिमोह चक्रवर्ती, गोविंद नामदेव, मुकेश तिवारी, सुप्रिया कार्णिक, सियाजी शिंदे, सना अमीन शेख, जरीना वहाब जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं. फिल्म म्यूजिक तोषी और शारिब ने दिया है, जबकि इसका डायरेक्शन सुवेंदु राज घोष ने किया है.    
जावडेकर

कोरोना संकट : सांसदों के वेतन, पेंशन में एक वर्ष तक 30% कटौती

सभी का स्वेच्छा से लिया गया फैसला, मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट एक्ट, 1954 में संशोधन विधेयक पारित नई दिल्ली : कोरोना वायरस की महामारी के खिलाफ पूरे देश में एकजुट होकर लड़ाई जारी है. इस बीच केंद्र सरकार की कैबिनेट की बैठक में अहम फैसला लिया गया है. बैठक में तमाम सांसदों की वेतन और पेंशन में बदलाव के लिए कैबिनेट ने विधेयक को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी.  जावडेकर ने बताया कि मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट एक्ट, 1954 में संशोधन के लिए विधेयक को पास कर दिया गया है, जिसमें प्रस्ताव रखा गया था कि सभी सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन 1 अप्रैल 2020 से एक वर्ष के लिए 30 फीसदी कम हो जाएगी.   केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सभी राज्यों के राज्यपाल ने खुद स्वेच्छा से यह फैसला लिया है कि वह अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के तहत सैलरी कम लेंगे. यह पैसा देश के कंसोलिडेटेड फंड में जाएगा. एमपीएलएडी फंड स्थगित   प्रकाश जावडेकर ने बताया कि कैबिनेट ने अस्थायी तौर पर एमपीएलएडी फंड को वर्ष 2020-2021 और 2021-2022 के लिए स्थगित कर दिया है. ऐसा देश में कोरोना संकट के चलते किया जा रहा है. इन दो वर्षों में एमपीएलएडी का कुल 79,000 करोड़ रुपए कंसोलिडेटेज फंड ऑफ इंडिया में जाएगा.   जावडेकर ने कहा कि देश में गरीबों की दिक्कत को देखते हुए सरकार ने पहले ही एक लाख 70 हजार करोड़ रुपए का पैकेज दिया था। हमे इसके अलावा तमाम वर्ग के लोगों को राहत देने का काम करना है, जो लॉकडाउन के चलते प्रभावित हुए हैं।
Aarogya Setu App

Arogya Setu App : 8 मिलियन लोगों ने सिखा कोरोना ट्रैक करना

चार दिन पहले ही लॉन्च किया है भारत सरकार ने; हिंदी, अंग्रेजी सहित 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध   कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है. इस त्रासदी से लोगों को बचाने के लिए भारत सरकार ने एक कोरोना ट्रैकिंग ऐप लॉन्च किया है. इस ऐप का नाम Aarogya Setu App है. इसे चार दिन पहले ही लॉन्च किया गया है, लेकिन चंद दिनों में ही इस ऐप को 8 मिलियन लोगों ने गूगल प्ले स्टोर से अपने फोन में इंस्टॉल किया है. Aarogya Setu App के बारे में आपको बता दें कि यह ऐप लोगों को कोरोना के बारे में यह जानकारी देता है कि आप जिस इलाके में रह रहे हैं या पिछले कुछ दिनों में जिस जगह की यात्रा की है, उसके हिसाब से आपको कोरोना संक्रमण का खतरा है या नहीं और है तो कितना है? अभी तक इस ऐप को तीन दिनों में करीब 8 मिलियन से ज्यादा बार इंस्टॉल किया जा चुका है. Aarogya Setu App का यूज़ करने का तरीका स्टेप 1 :- इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए आपको पहले अपने फोन के गूगल प्ले स्टोर पर जाना होगा और वहां जाकर आपको Aarogya Setu ऐप को ढूंढना होगा.   स्टेप 2 :- ऐप इंस्टॉल करने के बाद आपको भाषा चुनकर Next पर क्लिक करना होगा. फिलहाल, यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी समेत 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है.   स्टेप 3 :- उसके बाद आपको अपने फोन का ब्लूटूथ और लोकेशन का स्विच ऑन करना होगा.   स्टेप 4 :- आप अपनी लोकेशन शेयरिंग को हमेशा Always पर करके रखें, ताकि इस ऐप को पता रहे कि आप कब-कब कहां-कहां पर जा रहे हैं. स्टेप 5 :- इसके बाद इसमें तीन-चार स्लाइड्स हैं, जिसमें COVID-19 के बारे में जानकारी दी गई है. इन जानकारियों को पढ़ने के बाद आप आगे बढ़ें. स्टेप 6:- अब आपको रजिस्टर करने का ऑप्शन आएगा. आपको अपना फोन नंबर आएगा, जिसमें आपको अपना फोन नंबर डालकर उसमें आने वाला ओटीपी डालना होगा. स्टेप 7:- इसके बाद कुछ टर्म और कंडीशन आपको सामने आएगी, जिन्हें पढ़कर आपको नीचे आने वाले "मैं सहमत हूं" के विकल्प को क्लिक करना होगा. स्टेप 8:- उसके बाद Aarogya Setu App आपसे आपके फोन के लोकेशन का एक्सेस मांगेगा, उसके Allow करना होगा. इसके बाद आपका फोन में एक नोटिश आएगा, जिसमें लिखा होगा कि वह आपके फोन के संपर्क में आने वाले ब्लूटूथ डिवाइसों को भी 120 सेकेंड के लिए एक्सेस करना चाहता है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि आपके फोन के साथ-साथ आपके फोन के आस-पास भी जितने डिवाइस हैं, उनके ब्लूटूथ के जरिए उनके ट्रैवल हिस्ट्री के बारे में भी पता किया जा सकता है और पता चल सकता है कि आपके आस-पास में रहने वाला व्यकित खुद कोरोना संक्रमित तो नहीं है या किसी कोरोना संक्रमित जगहों से तो नहीं आया है. स्टेप 9 :- इसके बाद आपको वहां पर व्यक्तिगत विवरण भरना होगा. जिसमें नाम, उम्र, व्यवसाय भरना होगा. इसके बाद आपको पूछा जाएगा कि आपने पिछले 30 दिनों में किन देशों की यात्रा की है. स्टेप 10 :- अगर...
सोशल मीडिया

सोशल मीडिया पर 80 फीसदी जानकारी फर्जी

डिजिटल समाचार मीडिया का इस्तेमाल बढ़ा, नागपुर विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के सर्वेक्षण से तथ्य आया सामने नागपुर : एक सर्वेक्षण में सामने आया है कि अधिकांश लोगों को लगता है कि सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस से जुड़ी 50 से 80 फीसदी जानकारी या खबर 'फर्जी होती हैं. एक समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक लॉकडाउन के दौरान डिजिटल समाचार मीडिया का इस्तेमाल 5.8 प्रतिशत तक बढ़ा है, जबकि टीवी के दर्शकों की संख्या में 8 फीसदी से थोड़ी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. यह सर्वेक्षण नागपुर के राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विश्वविद्यालय (नागपुर विश्वविद्यालय) के जनसंचार विभाग ने 28 मार्च से चार अप्रैल के बीच करीब 1200 लोगों पर किया है. सर्वेक्षण कहता है कि लॉकडाउन के दौरान लोग ई-समाचार पत्रों के जरिए खुद को अपडेट रख रहे हैं. सर्वेक्षण में छात्र, सरकारी और निजी कर्मचारी, व्यापारी, पेशेवर और गृहणियां शामिल हुईं. जनसंचार विभाग के प्रमुख डॉ. मोइज मन्नान हक ने बताया, “फर्जी खबर के एक सवाल पर 39.1 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि सोशल मीडिया पर 50 से 80 प्रतिशत जानकारी झूठी थी. करीब 10.8 फीसदी लोगों को लगता है कि सोशल मीडिया पर 80 फीसदी से अधिक जानकारी फर्जी होती है. इस सवाल पर कि वह यह कैसे पता लगाते हैं कि कोई पोस्ट या खबर गलत है तो 36.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्हें यह आधिकारिक स्पष्टीकरण या सरकारी स्रोत से सुधार देखने के बाद पता चलता है.  
मोदी

कोई बड़े कदम तो उठाने नहीं जा रहे पीएम मोदी..?

सर्वदलीय बैठक के पूर्व बड़े नेताओं से बातचीत को लेकर व्यक्त की जा रही संभावना नई दिल्ली : कोरोना संक्रमण के खिलाफ देशव्यापी जंग को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी क्या अब कोई बड़ी तैयारी कर रहे हैं..? यह चर्चा यहां आम हो रही है. आगामी 8 अप्रैल को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के पूर्व विपक्ष के बड़े नेताओं और पूर्व राष्ट्रपतियों से आज हुई. उनकी बातचीत की खबर आने बाद यह चर्चा आम हो रही है. उल्लेखनीय है कि 'सबका साथ और सबका विश्वास' जीतने की कोशिश में लगे पीएम मोदी सर्वदलीय बैठक से पहले ही सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा में जुट गए हैं. पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को दो पूर्व राष्ट्रपतियों और दो पूर्व प्रधानमंत्रियों के अलावा विपक्ष के कई बड़े नेताओं से कोरोना वायरस संकट पर चर्चा की है.   पीएम मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग के बीच पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रतिभा पाटिल और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, एचडी देवगौड़ा से फोन पर बात की है. इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी बात की है. पीएम ने समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी, बीजद चीफ नवीन पटनायक, अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल के अलावा दक्षिण भारत के बड़े नेताओं के चंद्रशेखर राव, एम.के. स्टालिन से भी चर्चा की है. सर्वदलीय बैठक 8 अप्रैल को कोरोना से निपटने के लिए रणनीति बनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 8 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. पीएम मोदी संसद में विभिन्न पार्टियों के नेताओं के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संवाद करेंगे. संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि प्रधानमंत्री 8 अप्रैल को सुबह 11 बजे सदन में उन विभिन्न पार्टियों के नेताओं से बातचीत करेंगे, जिनके लोकसभा और राज्यसभा में 5 या इससे अधिक सदस्य हैं. इसी को लेकर यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने की दिशा में कोई बड़े कदम की तैयारी में है. उल्लेखनीय है कि देश इस समय कोरोना वायरस के संक्रमण के गंभीर संकट से जूझ रहा है. देश में कोरोना संक्रमण मामलों की संख्या 3 हजार के पार चली गई है. 77 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 266 लोग ठीक हुए हैं. चीन के बाद कोरोना वायरस दुनियाभर में कहर बरपा रहा है. अमेरिका जैसे देश इससे पस्त हो गए हैं.
जावेद

काबा, मदीना बंद हैं तो भारत के मस्जिद क्यों नहीं – जावेद अख्तर

उनके द्वारा किए गए एक ट्वीट की इन दिनों हो रही है बहुत प्रशंसा नागपुर : बॉलीवुड के सुप्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर के उनके हाल के एक ट्वीट की इन दिनों बहुत प्रशंसा हो रही है. उन्होंने अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन और इस्लामिक स्कॉलर ताहिर मोहम्मद साहब के एक ट्वीट की प्रशंसा के साथ यह बात भी जोड़ी है कि यदि काबा और मदीना के मस्जिदों को बंद किया जा सकता है तो भारत के मस्जिदों को क्यों नहीं? Tahir Mehmood Saheb an scholar n the Ex chairman of the minority commision has asked Darul ulum Deoband to give a Fatwa to close all the mosques till corona crisis is there. I totally support his demand If Kaaba n the mosque in Madina canbe closed down why not Indian mosques— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) March 30, 2020 ताहिर मोहम्मद साहब ने देवबंद के दारुल उलुम से अपील की है कि देश में फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए भारत के सभी मस्जिदों को बंद रखने का फतवा जारी की जाए. कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मंदिर-मस्जिदों समेत सभी धार्मिक स्थलों को बंद रखने और सभी सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित रखने की अपील सरकार द्वारा की गई है. इसके बावजूद देश के अनेक मस्जिदों में सरकार की अपील को ठुकरा कर लोगों को मस्जिद में आने और नमाज अता करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.  Maharashtra Govt under leadership of CM Uddhav Thackray needs to be congratulated for handling the Covid 19 with clear directives. My salute .— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) April 4, 2020 ताहिर मोहम्मद साहब और जावेद अख्तर, दोनों विद्वानों ने सरकार की अपील का समर्थन किया है. उन्होंने इसका अक्षरशः पालन करने पर भी बल दिया है. जावेद अख्तर ने महाराष्ट्र में लॉकडाउन का पालन सख्ती से और बेहतर ढंग से कराने पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की प्रशंसा भी की है. उन्होंने उन्हें बधाई भी दी है. 
खाद्यान्न

खाद्यान्न : बेघरों के लिए वेकोलि ने 1.5 करोड़ दिए 

नागपुर : कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की अनुषंगी कम्पनी वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) ने निगमित सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत कोरोना वायरस के वर्तमान संकट में अपने कमांड क्षेत्र के गरीबों और बेघरों के खाद्यान्न के लिए कुल 1.5 करोड़ रुपए का योगदान किया है.   वेकोलि महाराष्ट्र के नागपुर, चन्द्रपुर तथा यवतमाल और मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा एवं बैतूल जिलों में कोयला-खनन करती है. कम्पनी ने अपने कमांड क्षेत्र के इन प्रत्येक पांच जिलों के लिए 25-25 लाख रुपयों का प्रावधान किया है. इस राशि से सम्बन्धित जिलाधिकारी के माध्यम से, इन जिलों के आसपास के गरीबों और बेघरों को एक खाद्यान्न राहत बैग/किट में नमक, हल्दी, मिर्च एवं धनिया पाउडर, खाने का तेल, चीनी, चाय, पोहा, रवा, बेसन, तुअर दाल, साबुन, आलू, प्याज़ इत्यादि दिए जाएंगे. वेकोलि इन पांच जिलों में स्थित अपने 10 क्षेत्रों में कोयला-खनन करती है. अपनी खदानों के आसपास रहनेवाले बेघर गरीबों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कम्पनी ने प्रत्येक क्षेत्र के लिए लगभग 2.5 लाख रुपए का प्रावधान किया है, ताकि भोजन के रूप में इनलोगों को तुरंत खाद्यान्न के रूप में राहत मिल सके.  इसके अतिरिक्त कम्पनी-कर्मी एवं उनके परिवार के सदस्य भी स्वेच्छा से क्षेत्रों में जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं. कम्पनी के 10 क्षेत्रों तथा नागपुर स्थित मुख्यालय के आसपास गरीबों-बेघरों को पिछले एक सप्ताह से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. नागपुर क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को पीने का पानी "कोल नीर" निःशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा है. इसी तरह, वेकोलि के कमांड एरिया के आसपास ज़रूरतमंदों को फेसमास्क भी प्रदान किए गए हैं. झंकार महिला मंडल ने किया पीएम केयर्स फंड में एक लाख का योगदान कोरोना वायरस के संकट से निपटने में झंकार महिला मंडल, नागपुर की ओर से योगदान के रूप में "पीएम केयर्स फंड" में पिछले दिन एक लाख रुपए की राशि दी गई. झंकार महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती अनिता मिश्र एवं पदाधिकारियों की पहल पर यह राशि चेक के माध्यम से दी गई. उल्लेखनीय है कि झंकार महिला मंडल सामाजिक कार्यों में सदैव अग्रणी भूमिका निभाता रहा है.
दाल 

कोरोना इफेक्ट : मांसाहार त्याग शाकाहारी बन रहे लोग

दालों की खपत 25 प्रतिशत बढ़ी, सार्थक हो रहा गीत- 'दाल-रोटी खाओ प्रभु के गुण गाओ' *प्रताप मोटवानी, कोरोना वायरस के भय से देश में करीब 30 से 40 प्रतिशत लोगों ने मांसाहार का त्याग कर उसके स्थान पर दालों का अधिक सेवन शुरू कर दिया है. पिछले कुछ वर्षों से देश में दलहन का वार्षिक उत्पादन 240 से बढ़ कर 250 लाख टन हो गई है. जबकि खपत लगभग 250 लाख टन ही अनुमानित है. दलहन का उत्पादन बढ़ने से कई दलहन समर्थन मूल्यों से बेहद कम भाव बिक रहे हैं. इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा था. इसलिए सरकार ने दलहन आयात पर रोक लगाना शुरू किया. सभी दलहनों पर मात्रात्मक प्रतिबन्ध लगाने के आदेश जारी किए. विदेश से चना, तुअर, मूंग, उड़द, बटाना, मसूर, काबली चना, हरा बटाना का आयात होता है. इनकी स्टॉक सीमा पर रोक हटा दी और निर्यात शुरू किया. इसके साथ ही अनेक दलहनों आयात पर भारी ड्यूटी भी लगा दी. साथ ही सरकार ने भारी मात्रा में सरकारी एजेंसियों के माध्यम से देश विदेश से दलहनों की खरीदी की. इसके बावजूद दलहनों के भाव समर्थन मूल्यों से बेहद कम रहे थे. मार्च माह की शुरुआत में पूरे विश्व में कोरोना महामारी का आतंक होने से इतिहास में पहली बार पूरे विश्व के लोग और सभी देशों के शासन बुरी तरह हिल गए. भारत सरकार ने भी देश के लोगों की सुरक्षा और उनके बचाव की दृष्टि से 21 दिनों का लॉक डाउन की घोषणा कर दिया है. पूरा तंत्र कोरोना वायरस से सुरक्षा और बचाव के कार्यों में जुटा हुआ है. लोगों में उसके बचाव के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया गया है. बात सामने आई कि चीनियों की मांसाहार की आदत के कारण यह भयंकर वायरस फैला है. मांसाहार से बचने की सलाह दी जाने गगी है. इसका देश के लोगों पर सापेक्ष परिणाम भी सामने आया है. इस दौरान देश की जनता मांसाहार से परहेज करने लगी है. क्योंकि वह बात भी सामने आई कि यह वायरस चीन के लोगों की चमगादड़ और अन्य प्राणियों के भक्षण की आदत के कारण पैदा हुआ था. सभी को मांसाहार खाने से भय होने लगा. उसके परिणामस्वरूप देश मे दालों की खपत संभावित 25% बढ़ने के आसार हो गए हैं. इसके पूर्व देश में प्रतिमाह 21 लाख टन दलहन की खपत रहती थी, जो बढ़कर 26 लाख टन हो गई है. यह हमारा सौभाग्य है कि देश में व्यापारियों के पास और सरकार के पास दलहन की कोई कमी नहीं है. सरकार ने लोगों से इसीलिए पैनिक बाइंग से बचने को कहा. सरकार के पास 435 लाख टन खाद्यानों के अधिशेष भंडार है. जिसमें से 272.19 टन चावल और 162.79 टन गेहूं मौजूद है. करीब 37 लाख टन दालों का भी संग्रहण सरकार के पास है. सरकार देश में 5 लाख राशन की दुकानों के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी को 1 अप्रैल को 5 किलो गेंहू और 5 किलो चावल 1 किलो दाल एक माह का राशन देने जा रही है जिससे गरीब, जरूरतमंद परिवार की पूर्ति आसानी से शुरू की गई है. यह...