कोयला खनन उद्योग के पेंशनर्स सरकार की क्रूर नीति से खफा

0
457
कोयला खनन
नागपुर में रविवार 17 मार्च 2024 को फेडरेशन ऑफ कोल इंडस्ट्री रिटायर्ड एम्प्लॉईज एसोसिएशन (FCIREA) की वार्षिक आम सभा का दृश्य.

फेडरेशन ऑफ कोल इंडस्ट्री रिटायर्ड एम्प्लॉईज एसोसिएशन (FCIREA), की वार्षिक आम सभा में उभरा आक्रोश 

नागपुर : देश के कोयला खनन उद्योग CIL से जुड़े पूर्व अधिकारी एवं कर्मचारियों का आक्रोश केंद्र सरकार की पेंशन नीति और चिकित्सा सुविधाओं में गड़बड़ी को लेकर यहां सामने आया.  यह नाराजगी “फेडरेशन ऑफ कोल इंडस्ट्री रिटायर्ड एम्प्लॉईस एसोसिएशन (FCIREA)” की “वार्षिक आम सभा- 2024” में रविवार,17 मार्च 2024 को देखने को मिला.  

CMPFO की नीतियां भी EPFO की तरह क्रूरतापूर्ण    

कोयला खनन

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की तरह कोयला खनन उद्योग के सेवानिवृत्तों के पेंशन की व्यवस्था केंद्र सरकार के श्रम एवं नियोजन मंत्रालय के अधीन कोयला खान भविष्य निधि संगठन (CMPFO) करता है. सरकार और CMPFO देश के कोयला खनन उद्योग के सेवानिवृतों के साथ भी पेंशन मामले में EPFO की तरह ही क्रूर नीतियां अपना रखा है. CMPFO ने पिछले 8 मार्च 2024 को कोयला खनन सेवा निवृतों का न्यूनतम पेंशन Rs.350/- से बढ़ाकर Rs. 1000/- करने की “क्रूरतापूर्ण कृपा” दर्शायी है.  

आम सभा में सभी वक्ताओं ने, सेवानिवृत्त गैर अधिकारी और अधिकारी वर्ग के कोयला कर्मियों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं (CPRMS), विधवा पेंशन में हो रहे विलंब, कोयला खान भविष्य निधि संगठन (CMPFO) के पेंशन पे आर्डर (PPO) और न्यूनतम पेंशन को Rs.350/- से बढ़ाकर 1000/- करने वाले, प्रकाशित GSR no – 165 (e )/दिनांक 8 मार्च 2024 पर विस्तृत चर्चा की तथा सरकार, कोल माइंस भविष्य निधि (CMPF) एवं कोर्ट की कार्यपद्धति के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया. इसमें सुधार के लिए भारत सरकार, कोल इंडिया लिमिटेड तथा श्रम मंत्रालय पर और दबाव बनाने का संकल्प लिया गया.

साथ ही अदालत में चल रहे पेंशन के मामले के शीघ्र निपटारे के लिए और कोशिश करने का तथा पेंशन प्राप्त करने वाले सात लाख भूतपूर्व कोयला कर्मियों के हित में उद्योग में कार्यरत केंद्रीय श्रम संगठन, अधिकार संगठन एवं राजनीतिक प्रतिनिधियों से सहयोग लेने का एवं आंदोलन को और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया. 

अध्यक्षीय संबोधन आर.बी. उपाध्याय ने किया. कोयला पेंशनरों की दयनीय स्थिति व असहनीय पीड़ा के निवारण के लिए पूर्व विधायक एवं RKKMS नेता एस.क्यू.जमा ने भी अपने विचार और सुझाव देकर उपस्थित सेवा निवृतों का मार्गदर्शन किया, ताकि कोयला कर्मियों को सम्मानजनक पेंशन मिल सके एवं सभी के सहयोग से  कोयला परिवार में प्रेम, संयम एवं सहकार की भावना जागृत हो सके.

के.के. शरण चुने गए नए महासचिव

सर्वसम्मति से के.के. शरण को ‘फेडरेशन ऑफ़ कोल इंडस्ट्री रिटायर्ड एम्प्लाइज एसोसिएशन’ का महासचिव चुना गया. संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी एस.के. पुरी और पी.के. वाजपेयी को दी गई तथा सह कोषाध्यक्ष का जिम्मा एम.के. गोयल को दिया गया. कार्यकारिणी सदस्य के रूप में प्रदीप कोकास, बाबा खान और श्रीमती मंजिरी जोशी को एवं क्षेत्रीय प्रभारी के रूप में प्रकाश गोजे, यूसुफ खान, नरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, हीरामन चौरे एवं सी.एच. रमैय्या को शामिल किया गया.

कोयला खनन

कोयला खनन उद्योग के पेंशनर्स के 13 एसोसिएशन आमसभा में शामिल 

यह वार्षिक आम सभा लैम्बन्ट आईटी पार्क, हरिहर नगर, बेसा, नागपुर में संपन्न हुई. इसमें देश भर के कोयला खनन उद्योग के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों के लगभग 13 एसोसिएशन (सीरोवा) नागपुर, (सीएमईआरए) रांची, (सीपीए) धनबाद, (सीआईएसएनकेएसएस) छिंदवाड़ा, (केकेएसएनकेडब्लूएस) पाथाखेड़ा,(सीआईपीए) बिलासपुर,(आरओएडब्लूडब्लूए) बर्दवान, (सीआईपीएस) हजारीबाग, (एसआरओडब्लूए) हैदराबाद, (सीएमपीए) हैदराबाद, (सीईएफ) कोलकाता, (सीआईपी डब्ल्यूए) कोलकाता, (सीआईआरईए) केरल के सक्रिय प्रतिनिधि गण, कोयला उद्योग के आधिकारिक संगठन (IMMA, CMOAI )  एवं केन्द्रीय श्रम संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए.

गणपति के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन तथा विश्व कल्याण की प्रार्थना के साथ आम सभा प्रारंभ हुई. फेडरेशन ऑफ़ कोल इंडस्ट्री रिटायर्ड एम्प्लाइज एसोसिएशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष एस.एन. कटियार ने प्रस्तावना रखी और संगठन के उद्देश्यों को सबके समक्ष विस्तार से रखा. तत्पश्चात, एजेंडा के अनुसार,सचिव की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और पिछले वर्ष का वित्तीय लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया.

NO COMMENTS