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Voter Card

Voter Card को लिंक किया जाएगा Aadhar के साथ

चुनाव सुधार की दिशा में सरकार की बड़ी पहल, लिंकिंग प्रक्रिया पर तेजी से काम नई दिल्ली : चुनाव सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने मतदाता पहचान पत्र (Voter Card) को आधार से लिंक करने की अनुमति दे दी है. चुनाव आयोग की सिफारिश को केंद्र सरकार ने मान लिया है. इसके लागू होते ही देशभर में फर्जी वोटरों की पहचान संभव हो जाएगी. ज्ञातव्य है कि लम्बे समय से देश में यह मांग सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से यह मांग उठती रही है.   चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार सरकार 12 अंकों के आधार नंबर के साथ Voter Card को लिंकिंग की प्रक्रिया पर तेजी से काम कर रही है. अंग्रेजी दैनिक 'टाइम्स ऑफ इंडिया' (TOI) के अनुसार इसके लिए आधार अधिनियम में संशोधन के लिए जल्द ही एक कैबिनेट नोट ले जाया जाएगा.   TOI के अनुसार कानून मंत्रालय ने सहमति जता दी है. चुनाव प्रक्रिया में सुधार के लिए आधार अधिनियम में संशोधन करने को कहा गया है. इससे फर्जी Voter Card की भी पहचान करके उसे रद्द किया जा सकेगा. साथ ही प्रवासी मतदाताओं को रिमोट वोटिंग अधिकार देने में आसानी होगी. चुनाव सुधारों पर चर्चा के लिए चुनाव आयोग और मंत्रालय की मंगलवार को हुई बैठक में तय हुआ कि चुनाव प्रक्रिया इस तरह से बनाया जाए कि एक वोटर केवल एक जगह पर ही अपना वोट दे सके.  क्या होगा वोटर कार्ड के आधार से लिंक होने पर? उदाहरण के तौर पर किसी शख्स का उसके गांव के वोटर लिस्ट में नाम है और वह लंबे समय से शहर में रह रहा है. वह शख्स शहर के वोटर लिस्ट में भीअपना नाम अंकित करवा लेता है. फिलहाल दोनों जगहों पर उस शख्स का नाम वोटर लिस्ट में अंकित रहता है. लेकिन आधार से लिंक होते ही केवल एक वोटर का नाम एक ही जगह वोटर लिस्ट में हो सकेगा. यानी एक शख्स केवल एक जगह ही अपना वोट दे पाएगा.   चुनाव प्रक्रिया में 40 सुधारों पर हुई चर्चा चुनाव आयोग के शीर्ष पदाधिकारियों और कानून सचिव के बीच हुई बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कानून मंत्रालय को पोल पैनल की ओर से प्रस्तावित सुधारों के कार्यान्वयन को तेजी से लागू करने पर जोर दिया. इस बैठक में 2004-05 से पहले तक प्रस्तावित सुधारों पर भी चर्चा हुई. कानून सचिव नारायण राजू ने मतदान पैनल को आश्वासन दिया कि मंत्रालय चुनाव आयोग द्वारा प्रस्तावित 40 चुनावी सुधारों का अध्ययन कर रहा है. वोटरों की डिटेल कई स्तर पर सुरक्षित रखने का निर्देश मालूम हो कि चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय को जनप्रतिनिधि एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव दिया था. इसमें कहा गया है कि वोटर Card के लिए आधार नंबर देना अनिवार्य बनाया जाएगा. काननू मंत्रालय ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए डेटा को कई स्तर पर स्तर पर सुरक्षित करने के निर्देश दिए हैं. इससे पहले चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय को अगस्त 2019 में Voter ID Card को आधार से लिंक करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मान लिया था. आयोग ने प्रस्ताव में कहा था कि...
NCST

NCST लीडरशिप अवार्ड – 2020 वेकोलि को  

नागपुर : वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) को प्रतिष्ठित नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया है. केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम श्रेणी में कम्पनी को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) लीडरशिप अवॉर्ड-2020 प्रदान किया गया. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) के 16वें स्थापना दिवस पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में भव्य समारोह में केंद्रीय मंत्री, आदिवासी मामले अर्जुन मुंडा के हाथों कम्पनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री राजीव रंजन मिश्र ने यह सम्मान ग्रहण किया.   देश में अनुसूचित जनजाति की उत्कृष्ट सेवा तथा महत्वपूर्ण योगदान के लिए वेकोलि को यह अवार्ड प्रदान किया गया है. सीएमडी आर.आर. मिश्र ने इस उपलब्धि का श्रेय पूरी टीम वेकोलि को दिया है. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती रेणुका सिंह सरूता, माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री आदिवासी मामले, डॉ. नन्द कुमार साय अध्यक्ष, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, श्रीमती मायाताई इवनाते सदस्य,  NCST तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.
महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि 117 साल बाद आ रहा है सर्वार्थ सिद्धि योग लेकर  

महाशिवरात्रि कब से कब तक * चतुर्दशी तिथि प्रारंभ 21 फरवरी को सायं 5.20 बजे से * चतुर्दशी तिथि पूर्ण 22 फरवरी को सायं 7.02 बजे तक सत्येंद्र पाठक, रांची : महापर्व महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 21 फरवरी 2020 को मनाई जाएगी.  इस बार महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग, इसे महत्वपूर्ण बना रहा है. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है.  इस बार महाशिवरात्रि पर 117 साल बाद शनि और शुक्र का दुर्लभ योग बन रहा है. इस साल महाविशरात्रि पर शनि अपनी स्वयं की राशि मकर में और शुक्र ग्रह अपनी उच्च राशि मीन में रहेगा. यह एक दुर्लभ योग है, जब ये दोनों बड़े ग्रह महाशिवरात्रि पर इस स्थिति में रहेंगे. इससे पहले ऐसी स्थिति वर्ष 1903 में बनी थी. स्कंद पुराण के अनुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि के समय भूत, प्रेत, पिशाच शक्तियां एवं स्वयं शिवजी पृथ्वीलोक में भ्रमण करते हैं. अत: उस समय शिवजी का पूजन आदि करने से मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. "निशिभ्रमन्ति भूतानि शक्तय: शूलभृद्यत:। अस्तस्यां चतुर्दश्यां सत्यां तत्पूजनं भवेत्।।" सायंकाल सूर्यास्त काल अर्थात 6 बजकर 22 मिनट से प्रथम प्रहर का प्रारंभ, रात्रि में 9 बजकर 31 मिनट से द्वितीय प्रहर का प्रारंभ, मध्यरात्रि में 12 बजकर 40 मिनट से तृतीय प्रहर का प्रारंभ तथा अपररात्रि 3 बजकर 50 मिनट से लेकर सूर्योदय तक 6 बजकर 59 मिनट तक चतुर्थ प्रहर में पूजा आदि करने की समयावधि रहेगी. सायंकाल सूर्यास्त से लेकर अगले दिन सूर्योदय पर्यंत प्रत्येक प्रहर में भगवान शंकर का पूजन (पाठ, जप, रूद्राभिषेक, आरती, जागरण व संकीर्तन आदि) यथाशक्ति अवश्य करना चाहिए. महाशिवरात्रि पूजन निशिथकाल रात्रि में किया जाता है. चूंकि निशिथकाल में चतुर्दशी तिथि 21 फरवरी की रात्रि में रहेगी, अगले दिन 22 फरवरी को निशिथकाल से पूर्व सायं 7.02 बजे ही चतुर्दशी तिथि समाप्त हो जाएगी और 22 फरवरी को पंचक भी है, इसलिए महाशिवरात्रि का पूजन 21 फरवरी को किया जाएगा. पंचदेवों में भगवान शिव प्रमुख वेदों में पंचदेव पूजा का विधान बताया गया है, जिसमें प्रमुख देवता के रूप से भगवान शिव को मान्यता दी गई है. भगवान शिव की पूजा न केवल मृत्यु पर विजय दिलाती है, वरन जीवन की प्रत्येक समस्या का हल भी प्रदान करती है. धन, संपत्ति, सुख, वैभव, रोगों से मुक्ति से लेकर तमाम साधन-संसाधनों की पूर्ति भगवान शिव की आराधना-पूजा से होती है. वैसे तो भगवान शिव को किसी भी समय, कभी भी पूजिए वे तुरंत शुभ फल प्रदान करते हैं, लेकिन विशेष दिन महाशिवरात्रि पर यदि अपनी किसी विशेष कामना की पूर्ति के लिए उनका पूजन किया जाए तो यह कई गुना अधिक शुभ होता है.  
अमिताभ

अमिताभ बच्‍चन से माफी मांगी अमर सिंह ने

नई दिल्‍ली : समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह ने मंगलवार को अमिताभ बच्‍चन के प्रति अपने व्‍यवहार पर खेद जताते हुए माफी मांगी है. उन्‍होंने अपने ट्विटर हैंडल पर अमिताभ बच्‍चन के साथ गिले-शिकवे को दूर करते हुए कहा कि उन्‍हें बच्‍चन परिवार के प्रति अपने व्‍यवहार को लेकर खेद है. अभी उनका इलाज सिंगापुर के अस्‍पताल में चल रहा है. कुछ साल पहले उनकी किडनी में समस्‍या आई थी, जिसका इलाज चल रहा है. अमिताभ से मांगी माफी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अमर सिंह ने अपने मित्र रहे अमिताभ बच्चन और उनके परिवार से माफी मांगी. वीडियो में अमर सिंह काफी कमजोर दिख रहे हैं. उन्‍होंने अपने ट्वीट में अमिताभ बच्‍चन के साथ टूटे संबंधों की खाई को पाटने की कोशिश की है. कुछ साल पहले अमिताभ और अमर के बीच गहरी दोस्‍ती थी. ट्वीट में जताया खेद उन्‍होंने ट्विटर पर लिखा, ‘मेरे पिता की आज पुण्‍यतिथि है और अमिताभ बच्‍चन ने मुझे हमेशा की तरह मैसेज किया है. जीवन के इस पड़ाव पर जब मैं जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहा हूं, मुझे अमित जी और उनके परिवार के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया के लिए खेद है. ईश्वर उन सभी को आशीर्वाद दे.' उन्‍होंने अपने वीडियो में कहा, ‘आज के दिन मेरे पूज्‍य पिताजी का स्‍वर्गवास हुआ था. इस तिथि पिछले एक दशक से लगातार श्री अमिताभ बच्‍चन मुझे संदेश भेजते हैं. संबंध जितना निकट होता है, उसके टूट की चुभन भी उतनी तेज होती है. पिछले दस वर्षों से मैं बच्‍चन परिवार से दूर रहा, लेकिन आज फिर अमिताभजी ने मेरे पिताजी का स्‍मरण किया. इसी सिंगापुर में दस साल पहले गुर्दों की बीमारी के लिए मैं और अमित जी दो महीने तक साथ रहे. उसके बाद से हमारे बीच संबंध खत्‍म हो गए, लेकिन दस साल बाद भी उनकी निरंतरता में बाधा नहीं आई. विभिन्‍न अवसरों पर चाहे वह मेरा जन्‍मदिवस हो या पिता की पुण्‍यतिथि अपने कर्तवय का निर्वहन करते रहे.' अमर सिंह ने खेद जताते हुए कहा, "60 से ऊपर जीवन की संध्‍या होती है. मैं जिंदगी और मौत के बीच से गुजर रहा हूं. वे हमसे उम्र में बड़े हैं, मुझे नरमी रखनी चाहिए थी. मुझे लगता है कि मैंने जो कटु वचन बोले हैं, उसके प्रति खेद प्रकट कर देना चाहिए. मेरे मन में कटुता और नफरत से ज्‍यादा उनके व्‍यवहार के प्रति निराशा रही, लेकिन उनके मन में न कटुता है न निराशा है, बल्‍कि कोई और भावना है. इसलिए पिताजी को श्रद्धांजलि देते हुए जो श्रद्धासुमन उन्‍होंने व्‍यक्‍त किया है वह देते हुए, हमें सब ईश्‍वर पर छोड़ना चाहिए बजाए उसमें दखल देने के. बहुत-बहुत धन्‍यवाद अमित जी आपके संदेश का.’ पनामा मामले में जब फंसे थे अमिताभ वर्ष 2017 में जब अमिताभ पनामा मामलों में फंसे थे तब अमर सिंह ने कहा, 'मैं अमिताभ बच्चन के लिए प्रार्थना करूंगा. सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका के बाद सीबीआई जांच की जा रही है. काले धन पर एसआईटी जांच कर रही है. कहानी यहां खत्म नहीं होती. मैं भगवान से प्रार्थना करूंगा कि उन्हें इस असहनीय झटके को सहने...
कोटा

कोटा वि.वि. में सूचना अधिकार का प्रशिक्षण देंगे नवीन अग्रवाल

विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित नागपुर : सूचना अधिकार (आरटीआई) विशेषज्ञ नवीन महेशकुमार अग्रवाल को सूचना का अधिकार विषय पर आयोजित कार्यशाला में राजस्थान के कोटा विश्वविद्यालय द्वारा मुख्य वक्ता (Keynote Speaker) के रूप में आमंत्रित किया गया है. अग्रवाल दादा रामचंद बाखरू सिंधु महाविद्यालय के रजिस्ट्रार हैं. वे महाराष्ट्र के जाने-माने आरटीआई विशेषज्ञ हैं.  कार्यशाला का आयोजन आगामी 27 फरवरी को कोटा विश्वविद्यालय स्थित कुलपति सचिवालय के सेमीनार हॉल में किया गया है. जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी गण सूचना का अधिकार विषय पर मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे.  महाराष्ट्र सरकार की शीर्ष प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्था यशदा, पुणे के सूचना अधिकार केंद्र के अतिथि व्याख्याता एवं सचिवालय प्रशिक्षण तथा प्रबंध संस्थान, कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार द्वारा प्रमाणित सूचना अधिकार प्रशिक्षक नवीन अग्रवाल अब तक लगभग 1500 से अधिक सरकारी एवं गैर सरकारी अधिकारियों को सूचना का अधिकार विषय पर प्रशिक्षण प्रदान कर चुके हैं.  नवीन अग्रवाल की उपलब्धि पर सिंधी हिंदी विद्या समिती के अध्यक्ष एच.आर. बाखरू, चेयरमैन डॉ. विंकी रूघवानी, महासचिव डॉ. आई.पी. केसवानी, महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. संतोष कसबेकर, उपप्राचार्य सतीश तेवानी, आनंद थदानी व विजय पाटील, अजय मुंधड़ा, ए.ए. कुरेशी, मुकेश कौशिक, योगेश भूते, मिलिंद शिनखेड़े, राजकुमार खापेकर, जयंत वाल्के, सुनील दहीरे, उपेंद्र वर्मा, ज्ञान ऐलानी, रामा राव,  संगीता रूघवानी, अनुराधा पोद्दार, लीना चंदनानी, सपना तिवारी, रत्ना सरकार, जीनत कश्मीरी, सुजाता मानकर, भारती अनेराव, ज्योति महात्मे, माया वासवानी, संघमित्रा शिम्पी, सुचिता वाघाए, सुनीता हिवरकर, सीमा अच्छपीला, राजू गेहानी, श्याम शेंडे, दिनेश गुप्ता, मिलिंद अम्बादे, महेश आसुदानी, राम तेजवानी, शैलेन्द्र हनवते, कपिल कुकरेजा आदि ने अभिनन्दन किया है.
NPR

NPR : शिवसेना से सत्तारूढ़ महा आघाड़ी के कांग्रेस, एनसीपी खफा

महाराष्ट्र दिवस 1 मई से राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पर काम शुरू करने का सीएम ने दिया आदेश मुंबई : महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन महाविकास आघाड़ी के सहयोगियों शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को लेकर तनाव और बढ़ा है. मुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एल्गार परिषद् मामले में यू टर्न लेने के बाद अब एनसीपी और कांग्रेस की आपत्तियों को दरकिनार कर दिया है. उन्होंने NPR पर आगे बढ़ने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने आगामी 1 मई से राज्य में  NPR का काम शुरू करने का आदेश जारी कर दिया है. कांग्रेस और एनसीपी का विरोध सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे राज्य में 1 मई से NPR  की प्रक्रिया शुरू करना चाहते हैं. वहीं कांग्रेस और एनसीपी इस पूरी कवायद का खुलेआम विरोध कर रही है. समझा जा रहा है कि मुख्यमंत्री ठाकरे सहयोगी दलों, ख़ास कर एनसीपी को यह अहसास दिलाना चाहते हैं कि नीतिगत मामलों में उन पर किसी का (शरद पवार) रिमोट कंट्रोल नहीं चल सकता. कांग्रेस जहां  NPR  को एनआरसी (NRC) का मुखौटा करार दे रही है, वहीं एनसीपी ने भी इसे लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी आपत्तियां दर्ज कराई है. एनसीपी के वरिष्ठ नेता और मंत्री माजिद मेमन ने कहा, 'यह स्पष्ट है कि पार्टी  NPR  का समर्थन नहीं करती. शरद पवार ने भी इसे लेकर आपत्तियां जताई है. इस मामले में ऐसा ही फैसला लिया जाएगा, जो तीनों पार्टियों को स्वीकार्य हो.' एल्गार परिषद मामले की जांच एनआईए को सौंपने से बड़ी नाराजगी हालांकि यह पहला मौका नहीं, जब महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ महा आघाड़ी में इस तरह मतभेद दिखे हों. इस पहले एनसीपी चीफ शरद पवार ने एल्गार परिषद मामले की जांच मुख्यमंत्री द्वारा महाराष्ट्र पुलिस से लेकर एनआईए को सौंपे जाने को लेकर उद्धव ठाकरे सरकार की शुक्रवार को आलोचना की है. शरद पवार ने यहां पत्रकारों से कहा है कि केंद्र ने मामले की जांच पुणे पुलिस से लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपकर ठीक नहीं किया, क्योंकि कानून-व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है.पवार ने कहा, 'मामले की जांच एनआईए को सौंपकर केन्द्र सरकार ने ठीक नहीं किया और इससे भी ज्यादा गलत बात यह हुई कि राज्य सरकार ने इसका समर्थन किया.' उल्लेखनीय है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शिवसेना महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार की सहयोगी है और इसके एक नेता अनिल देशमुख राज्य के गृह मंत्री हैं.
बारातियों

बारातियों से भरी बस, कंटेनर से टकराई, 4 मृत, 13 जख्मी

नागपुर : गोंदिया जिले के तिरोड़ा में विवाह के बाद बारातियों को लेकर नागपुर लौट रही एक निजी बस की एक कंटेनर वाहन से टक्कर हो जाने से 4 लोगों की मौत हो गई, वहीं 13 अन्य गंभीर रूप से जख्मी हो गए. इनमें दो बारातियों की हालत गंभीर बताई जाती है. यह घटना आज शनिवार की सुबह लगभग 5.45 बजे की है. यह भीषण दुर्घटना नागपुर-भंडारा राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक-6 पर हुई. बस में चालाक-क्लीनर मिला कर कुल 35 बाराती सवार थे. मिली जानकारी के अनुसार नागपुर पुलिस मुख्यालय में सेवारत सिपाही अमित प्रवीण झिलपे का विवाह शुक्रवार को तिरोड़ा में संपन्न हुआ. उसके सभी रिश्तेदार और मित्र विवाह के बाद देर रात तिरोड़ा से रिजर्व बस से नागपुर के लिए रवाना हुए थे. राष्ट्रीय महामार्ग पर तेज गति से दौड़ रही बस (क्र. MH 31/CQ 8548) सिंगोरी गांव के पास सामने से आ रही एक बड़े कंटेनर वाहन (क्र.  MH 49/AT 3855)  से टकरा गई. दुर्घटना के वक्त अधिसंख्य बाराती नींद में थे. जब लोगों की नींद खुली तो उनके सेज-संबंधी या तो बुरी तरह घायलावस्था में थे, कुछ अपने प्राण गवां चुके थे. दुर्घटना में जिन बारातियों ने अपने प्राण गवाएं, उनमें दूल्हे की दादी 72 वर्षीया विठाबाई तुकाराम झिलपे, करुणा विजय खोंडे (58), आनंद रमेश आठवले (28) सभी नागपुर निवासी और सतीश जांभुळकर गोंदिया निवासी शामिल हैं. पुलिस को दुर्घटना की सूचना बरात में शामिल नागपुर पुलिस अपराध शाखा में हेड कांस्टेबल दूल्हे के चाचा अरविंद तुकाराम झिलपे ने 100 नं. पुलिस हेल्पलाइन पर दी. दुर्घटना में हुई आवाज से जाग चुके सिंगोरी के ग्रामीण दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए और बारातियों की मदद में जुट गए. दुर्घटना के कारण रोड जाम हो जाने से दोनों ओर से रोड पर वाहनों की कतार लग गई. मौके पहुंची भंडारा और मौदा की पुलिस ने तुरंत एम्बुलेंस का इंतजाम किया और घायलों तथा मृतकों के शव नापुर के मेयो अस्पताल भेजवाया.
माता-पिता

मातृ-पितृ पूजन : जब माता-पिता, स्कूली बच्चे भावविभोर हो उठे

वेलेंटाइन डे नहीं, मातृ-पितृ पूजन कर दिवस मनाया छात्र-छात्राओं ने नागपुर : एक तरफ पाश्चात्य जगत की नकल कर 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे मनाया जा रहा था. वहीं नागपुर में विश्व सिंधी सेवा संगम (वीएसएसएस) की महिला टीम ने राजकुमार केवलरमानी हाई स्कूल, जरीपटका में भारतीय संस्कृति की रक्षा हेतु ऋषि परंपरा के अनुसार स्कूली छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ विधिवत माता-पिता पूजन दिवस मनाया गया. इस पूजन के दृश्य ने सबके ह्रदय को छू लिया. माता-पिता और बच्चों की आंखों से भी खुशी और मातृत्व के आंसू निकल गए. सभी उपस्तिथजन भी भावुक हो उठे. विदर्भ की विश्व सिंधी सेवा संगम की अध्यक्ष श्रीमती कंचन जग्यासी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की. महासचिव ऋचा केवलरमानी और लता भागिया के आग्रह पर सर्वप्रथम अतिथियों ने माता सरस्वती और झूलेलाल के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया. आयोजन में प्रमुखता से वीएसएसएस, महाराष्ट्र के अध्यक्ष प्रताप मोटवानी, स्कूल के संचालक दादा विजय कुमार केवलरमानी, विजय विधानी और कैलाश केवलरमानी उपस्तिथ थे. भाई रामसुखदास ने विधिवत बच्चों से पूजन करवाया बच्चों ने अपने माता-पिता को टीका लगा कर पुष्प माला पहिनायी, सात बार परिक्रमा कर उनसे आशीर्वाद लेकर उनका मुंह मीठा कर संकल्प लिया कि जिंदगी भर उनकी सेवा करते रहेंगे, उन्हें कभी दु:ख नहीं देंगे. उसके बाद अपने माता-पिता की आरती कर उनके गले लगे. माता-पिता भी खुशी के मारे भावविभोर हो गए. बच्चों द्वारा ऐसे पूजन से प्रफुल्लित होकर अपने-अपने बच्चों को गले लगा लिया. महिला टीम की अन्य पदाधिकारियों में उपाध्यक्ष नीलम आहूजा, कल्चलर प्रमुख मोनिका मेठवानी, सहसचिव मंजूषा असरानी, मीता जग्यासी, सचिव कोमल जग्यासी, कार्यकारी सदस्य करिश्मा मोटवानी ने सभी अभिभावकों को रूमाल में श्रीफल देकर इस पावन आयोजन का शगुन दिया. इस अवसर पर प्रताप मोटवानी ने कहा कि माता-पिता हमारे भगवान हैं, आज उनका पूजन कर हम अपने ईश्वर की आराधना कर उनकी खुशी, अच्छे स्वास्थ्य, समृद्वि की कामना कर उनका मातृत्व पाकर भाग्यशाली समझते हैं. मातृ-पितृ पूजन दिवस भारतीय संस्कृति के मूल्यों की रक्षा करता है. गणेशजी ने शिव पार्वती की सात प्रदक्षिणा कर जो पुण्य कमाया और तब से गणेशजी प्रथम पूज्य हो गए, आज वही पुण्य हमें अपने माता-पिता की प्रदक्षिणा से मिलता है. आज पाश्चत्य की नकल करने वाले और हमारे बच्चों को बुरे संस्कार देने वाले वेलेंटाइन दिन का सख्त विरोध कर परित्याग करना चाहिए. दादा विजयकुमार केवलरमानी ने कहा कि आज बच्चों और अभिभावकों द्वारा मनाया गया यह पर्व बेहद ही आनंदमयी है. अब से हर साल अपने स्कूल में 14 फरवरी को भव्यता से इसे मनाएंगे. उन्होंने सभी अपने छात्रों को स्कूल आने के पूर्व अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेकर आने को कहा. उनके आश्रीवाद से ही बच्चे अपना भविष्य उज्ज्वलमय बना सकते हैं. विजय विधानी और कैलाश केवलरमानी ने भी कहा कि आज हम इस पावन पर्व पर बेहद भावुक हो गए. ऐसा पहली बार भारतीय संस्कृति से बच्चों और अभिभावकों के पूजन का पर्व पहली बार देखने का अवसर मिला है. महिला टीम अध्यक्ष कंचन जग्यासी ने कहा उनकी टीम सदैव ऐसे आयोजन करेगी, जिससे बच्चों में अच्छे संस्कार आएं. अंत में आभार उपाध्यक्ष और स्कूल...
एसिड अटैक

एसिड अटैक : दो महिला डॉक्टर सहित तीन बाल-बाल बचीं 

हिंगणघाट के पेट्रोल अटैक की घटना के 11वें दिन सावनेर में एसिड अटैक सावनेर (नागपुर) : हिंगणघाट में महिला कॉलेज लेक्चरर पर पेट्रोल अटैक की घटना के 10 दिन बीतते ही आज 11वें दिन यहां नागपुर जिले के तहसील शहर सावनेर में एसिड अटैक की घटना को एक सनकी युवक ने अंजाम दे दिया. आज गुरुवार को दोपहर करीब 12.30 बजे यह घटना सामने आई. इसमें नागपुर के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की एक महिला असिस्टेंट लेक्चरर एक जूनियर डॉक्टर और एक सहायिका सहित तीन लोग एसिड अटैक के शिकार बनने से बाल-बाल बचीं. हालांकि घटनास्थल पर ही हमलावर स्थानीय लोगों द्वारा दबोच लिया गया और उसकी सभी ने दम भर धुनाई कर दी. इसके बाद उसे सावनेर पुलिस के हवाले भी कर दिया. इस घटना को लेकर नागरिकों ने थाने में खूब हंगामा भी किया. देर तक थाने में जमे लोग आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करते रहे. बताया जाता है कि सनकी युवक शराब के नशे में तह और वह उनसे पहले अन्य महिलाओं के साथ भी बदतमीजी की फिराक में था.  महिला लेक्चरर अपने सहयोगियों के साथ नेशनल ऐड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (नेको) के एक प्रोजेक्ट के लिए यहां सर्वेक्षण कर रही थीं. उनकी यह टीम स्थानीय अस्पतालों के माध्यम से आम लोगों से जानकारी प्राप्त कर रही थी. साथ ही वे कुछ ऐड्स पीड़ितों से प्रत्यक्ष मुलाकात भी कर रही थी. इसी बीच जब वे सावनेर के कळकळी महाराज मंदिर के समीप थीं, तभी एक निलेश कन्हेरे नामक 22 वर्षीय युवक उनके पास आया और यह कहते हुए कि मैं तुम लोगों का चेहरा खराब करता हूं (तुझा चेहरा खराब करतो), उनके ऊपर एसिड फेंक दिया. एसिड से बचने के लिए उन्होंने अपना चेहरा दूसरी ओर झुका लिया, लेकिन उनके पीछे उनकी टीम की एक जूनियर डॉक्टर और एक सहायिका पर एसिड के छींटे पड़ गए. वे दोनों मामूली जख्मी हो गईं. उस बदमाश सनकी युवक की कारस्तानी देखते ही आस-पास के लोगों ने उसे दबोच लिया और जम कर उसकी धुनाई करने लगे. महिला लेक्चरर सहित तीनों को तुरंत नागपुर पहुंचाया गया. बाद में आरोपी को लोगों ने पुलिस के हवाले किया. ज्ञातव्य है कि पिछले 2 फरवरी की सुबह 7.30 बजे वर्धा जिले के हिंगणघाट में कॉलेज की एक महिला लेक्चरर पर एक सिरफिरे ने पेट्रोल डाल कर आग लगा दी थी. महिला लेक्चरर अंकिता पिसुद्दे की दो दिन पूर्व 11 फरवरी को ही नागपुर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई.
दीप्ति नवल

दीप्ति नवल वेलेंटाइन डे पर फिर दे रही हैं दस्तक

वेब सीरीज : 'पवन एंड पूजा' तीन अलग-अलग जोड़ियों की कहानी *जीवंत के. शरण, रोमांटिक कॉमेडी फिल्म 'चश्मे बद्दूर'... जी हां, अस्सी के दशक की यह दीप्ति नवल की बेहद चर्चित फिल्म थी. इसमें वे वाशिंग पाउडर बेचने वाली सेल्सगर्ल के किरदार में थी. फिल्म में उनका किरदार 'मिस चमको' खूब दर्शकों को भाया था. वही दीप्ति नवल इस वेलेंटाइन डे पर एक वेब सीरीज 'पवन एंड पूजा' में महेश मांजरेकर के साथ एक अलग अंदाज में नजर आने वाली हैं. रिलेशनशिप ड्रामा सीरीज में तीन अलग-अलग जोड़ियों की कहानी के साथ यह शो आगे बढ़ेगा. इन तीनों कपल का नाम पवन और पूजा है. दाम्पत्य जीवन में उम्र के बढ़ने के साथ प्यार का अंदाज भी बदलते जाता है. शो में पवन और पूजा के चालीस साल के वैवाहिक जीवन यात्रा को बेहद प्रभावी तरीके से परोसा गया है. इस तरह के किरदार को अपने सजीव अभिनय से बेहद ऊंचाई पर ले जाने के लिए जाने जाते हैं, दीप्ति नवल और महेश मांजरेकर. फिल्मों से लगभग ओझल हो चुकी दीप्ति नवल की पहचान एक संवेदनशील अदाकारा के रूप में रही है. न्यूयॉर्क में उनके पिता यूनिवर्सिटी में पढ़ाते थे. दीप्त‍ि एक्टिंग के साथ पेंटिंग का भी शौक रखती थी. साल 1978 में उनकी पहली फिल्म 'जुनून' आई. अस्सी के दशक में सुरेश ओबेरॉय के साथ फिल्म 'एक बार फिर' के बाद उनका सितारा चमक उठा. उनकी सबसे ज्यादा चर्चित फिल्में फारुख शेख के साथ रही है. 'चश्मे बद्दूर' के अलावा 'कथा', 'साथ-साथ' फिल्मों को भी काफी पसंद किया गया.   1985 में फिल्मकार प्रकाश झा की फिल्म 'दामुल' में भी दीप्ति नवल की अदाकारी को खूब पसंद किया गया. इसी फिल्म के बाद दीप्ति ने प्रकाश झा के साथ व्याह रचा लिया. हालांकि तकरीबन सतरह साल के बाद दोनों अलग हो गए. दोनों की गोद ली हुई एक बेटी है. उसका नाम दिशा है. वह संगीत में अपना करियर बना रही है. ऐसी है 'पवन एंड पूजा' की कहानी... निजी जिंदगी में लंबे उतार चढ़ाव को जीने के बाद उससे मिलते जुलते हुए किरदार को अंजाम देना बेहद रोमांचक होता है. वेब सीरीज 'पवन एंड पूजा' की कहानी में पवन कालरा (महेश मांजरेकर) और पूजा  (दीप्ति नवल) की शादी होती है. चालीस साल के वैवाहिक जीवन में पूजा हमेशा पति की ताकत बन कर साथ रहती है. दोनों के रिश्ते की नींव विश्वास और आपसी समझ है. इनकी खुशहाल जिंदगी में एक बेटा है. पिता और बेटे के मध्य दोस्तों जैसा रिश्ता है. पिता की सहजता के कारण बेटा अपनी तमाम बातें जरूर शेयर करता है. परिवार का मुखिया पवन तमन्नाओं को पूरा करने के लिए एक 'पछतावा सूची' बनाता है. ताकि, उसे इसी जिंदगी में पूरी कर ले. अन्यथा मरने पर ये पछतावा होगा कि ये पूरा नहीं किया, वो अधूरा रह गया. फिल्म 'हिचकी' के निर्देशक रह चुके सिद्धार्थ पी मल्होत्रा और शाद अली ने कहानी लिखी है. निर्देशन शाद अली तथा अजय भुयान का है. सिद्धार्थ और शाद अली को रोजमर्रा की छोटी-छोटी उलझन भरी बातों को सुलझाने में माहिर माना जाता है. वेलेंटाइन डे पर दस्तक देने वाली मैक्स प्लेयर की इस वेब...