Higher Pension में EPFO का एक और अड़ंगा नाकाम 

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Higher Pension

पैरा 26(6) के तहत चुने गए विकल्प की प्रतियां पेंशनर्स द्वारा प्रस्तुत करने की बाध्यता समाप्त

*विदर्भ आपला डेस्क-
केरल हाई कोर्ट ने पिछले  बुधवार, 12 अप्रैल को EPFO की चालों को निष्फल करते हुए EPS 95 पेंशनर्स के पक्ष में फैसला सुनाया है. इस फैसले ने Higher Pension के लिए EPFS, 1952 के पैरा 26(6) के तहत चुने गए विकल्प की प्रतियां पेंशनर्स द्वारा प्रस्तुत करने की बाध्यता समाप्त कर दी है.

साथ ही, न्यायमूर्ति जियाद रहमान एए ने अंतरिम आदेश (डब्ल्यूपी-सी नंबर 8979/23 और अन्य) में निर्देश दिया कि EPFO और उसके अधीन आने वाले प्राधिकरण फिलहाल अपनी ऑनलाइन सुविधा में कर्मचारियों या पेंशनभोगियों को सक्षम बनाने के लिए पर्याप्त प्रावधान करें. यह भी स्पष्ट किया कि EPFS, 1952 के पैरा 26(6) के तहत चुने गए विकल्प की प्रतियां प्रस्तुत किए बिना सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार विकल्प प्रस्तुत करें.

अदालत ने आगे निर्देश दिया कि यदि ऑनलाइन सुविधा में उचित संशोधन नहीं किए जा सकते हैं तो विकल्पों की हार्ड कॉपी जमा करने की अनुमति सहित व्यवहार्य वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए या दी जानी चाहिए. अदालत ने 10 दिनों के भीतर आवश्यक व्यवस्था करने का आदेश दिया है.

अदालत के 10 दिनों के भीतर आवश्यक व्यवस्था करने के आदेश को EPFO को लागू करना है. लेकिन इतिहास गवाह है कि अदालतों के आदेशों से बच निकलने की राह बनाने में EPFO की चालें भी सफल होती रही हैं. हालांकि इसमें सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसले ने भी इस ‘स्वघोषित दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा चलाने वाले सरकारी संगठन’ EPFO को अपनी धूर्तता बरकरार रखने में सहयोग किया है, तथापि न्याय प्रक्रिया को हायर पेंशन मामले में निष्फल बनाने की उसकी चाल एक बार फिर नाकाम तो हुई है, लेकिन इस आशंका को दरकिनार नहीं किया जा सकता कि EPFO इसे भी निष्फल करने के लिए फिर कोई नई चाल चल सकता है.

केरल उच्च न्यायालय का बुधवार, 12 अप्रैल का आदेश EPFO के इन्हीं चालों को न केवल उजागर किया है, बल्कि एक बार फिर लाचार और कमजोर वयोवृद्ध पेंशनर्स में Higher Pension पाने की आस जगाई है. अदालत ने इस योजना के पहले के लिए चुने जाने के प्रमाण पर जोर दिए बिना पेंशनर्स और कर्मचारियों को Higher Pension के लिए योगदान करने की अनुमति देने का भी आदेश दिया है.

Higher Pension के लिए देश के 70 लाख EPS 95 पेंशनर्स का संघर्ष जारी है. वे ऑनलाइन फॉर्म दाखिल करने में जुटे हैं. इसकी भी तिथि आगामी 3 मई 2023 को समाप्त हो जाएगी. ऐसे में केरल हाई कोर्ट के 10 दिनों के भीतर अर्थात आगामी 22 अप्रैल 2023 तक यदि ऑनलाइन सुविधा में उचित संशोधन, अथवा विकल्पों की हार्ड कॉपी जमा करने की अनुमति देने के आदेश का अनुपालन EPFO करता है, अथवा पहले की भांति कोई और पेंच लगाता है, यह देखना है.

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