यूपीए, कांग्रेस और राहुल के अस्तित्व को ही नकारा ममता ने

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विपक्षी एकता के लिए मुंबई में शिवसेना और पवार से की मुलाक़ात 

मुंबई : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र से पहले कांग्रेस द्वारा बुलाई गई बैठक से किनारा करने के बाद यूपीए और कांग्रेस के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं और राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया. यहां शिवसेना नेताओं और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाक़ात के बाद भारतीय जनता पार्टी को रोकने के लिए ममता ने सभी क्षेत्रीय पार्टियों की एकजुटता पर जोर दिया है. ममता ने यहां स्पष्ट कर दिया कि उनके ‘प्लान’ में कांग्रेस का अब कहीं कोई महत्व नहीं है.


हालांकि, शरद पवार से मुलाक़ात के पूर्व एनसीपी की ओर से यह संकेत देते हुए राज्य के मंत्री नवाब मालिक ने कहा था कि कांग्रेस के बिना कोइ विपक्षी गठबंधन नहीं बन सकता. बाद में ममता बनर्जी के साथ मजबूत विकल्प तैयार करने और कांग्रेस के इसमें शामिल होने के सवाल पर एनसीपी प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस हो या कोई अन्य पार्टी, बात यह है कि जो भाजपा के खिलाफ हैं, अगर वे एक साथ आएंगे, तो उनका स्वागत है.

एनसीपी प्रमुख पवार ने ममता संग बैठक के बाद कहा, “संजय राउत और आदित्य ठाकरे ने उनसे मुलाकात की थी. आज, मैंने और मेरे साथियों ने उनसे लंबी बातचीत की.” पवार ने कहा, “उनका इरादा है, आज की स्थिति में समान विचारधारा वाली ताकतों को राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ आना होगा और सामूहिक नेतृत्व स्थापित करना होगा.” पवार ने कहा, “हमें नेतृत्व के लिए एक मजबूत विकल्प देना होगा. हमारी सोच आज के लिए नहीं चुनाव के लिए है. इसे स्थापित करना होगा और इसी मंशा के साथ उन्होंने दौरा किया है और हम सभी ने बहुत सकारात्मक चर्चा की है.”

राहुल पर निशाना
आज (बुधवार) ममता बनर्जी ने मुंबई में नरीमन प्वाइंट स्थित वाई.बी. चव्हाण सेंटर में सिविल सोसायटी के सदस्यों से बात करते हुए भाजपा को 2024 के आम चुनाव में हराने का भी प्लान बताया. इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए उनके विदेश दौरों पर सवाल उठाए हैं. जब उनसे केंद्र सरकार के विरुद्ध विपक्षी एकता और राहुल गांधी के रोल को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘अगर आधा टाइम आप विदेश में रहो तो पॉलिटिक्स कैसे होगी. पॉलिटिक्स में भी पूरा टाइम आपको लगाना होगा.’

यूपीए के अस्तित्व पर सवाल
इतना ही नहीं ममता बनर्जी ने यूपीए के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिया हैं. एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि अब यूपीए नहीं है, फांसीवादी ताकतों से लड़ने के लिए अलग संगठन बनाना होगा. दरअसल ममता से पूछा गया था कि क्या शरद पवार यूपीए का नेतृत्व करेंगे? इस पर उन्होंने कहा, ‘अभी कोई यूपीए नहीं है.’ ममता ने क्षेत्रीय पार्टियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अकेले कोई कुछ नहीं कर पाएगा. भाजपा को 2024 के आम चुनाव में हराने का प्लान बताते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ‘यदि सभी क्षेत्रीय दल एक साथ आते हैं तो फिर भाजपा को हराना आसान होगा.’ इस तरह उन्होंने साफ संकेत दिया कि आने वाले दिनों में उनका कुछ और क्षेत्रीय दलों को जोड़ने का प्लान होगा.

विपक्षी दलों में ममता बना रहीं पैठ
मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शिवसेना के नेताओं आदित्य ठाकरे और संजय राउत से मुलाकात की थी. नेताओं के बीच इस मुलाकात को तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख द्वारा अन्य विपक्षी दलों तक पहुंचने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र दौरे पर आईं बनर्जी को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से भी मिलना था, लेकिन वह बीमार हैं इसलिए उनके बेटे और राज्य सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे ने तृणमूल प्रमुख से भेंट की.

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