महाराष्ट्र में भाजपा की लहर जारी : जीती दोनों महापालिका चुनाव

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मराठा बहुल सांगली से किया कांग्रेस का पता साफ, जलगांव में शिवसेना को उखाड़ा

मुंबई : महाराष्ट्र के सांगली और जलगांव महापालिका के लिए आज शुक्रवार को हुई मतगणना के मुताबिक दोनों ही महापालिकाओं में भाजपा के मेयर बनने का रास्ता साफ हो गया है. सांगली की 78 सीटों में से 41 सीटें भाजपा ने जीत ली हैं तो वहीं जलगांव की 75 सीटों में 57 सीटों पर भी उसी की जीत हुई है. आंकड़े बता रहे हैं कि उत्तर महाराष्ट्र में भाजपा की लहर जारी है, यही वजह है कि जलगांव में भाजपा को भारी जीत मिली हुई है.

दोनों महापालिकाओं की 153 सीटों पर 754 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया था. सांगली में 78 और जलगांव में 75 सीटों के लिए मतदान हुआ था. जलगांव और सांगली- मिरज- कुपवाड महानगर पालिका चुनाव में लगभग 57 प्रतिशत मतदान हुआ था. इन चुनावों में महाराष्ट्र में प्रमुख विपक्षी दल की भूमिका निभा रही कांग्रेस और एनसीपी ने गठबंधन किया था. वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना अलग-अलग चुनाव लड़ी थी.

सांगली में ढह गया कांग्रेस का किला, भाजपा को मिला स्पष्ट बहुमत
शाम पांच बजे तक हुई मतगणना के मुताबिक सांगली महापालिका चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत हासिल की है. यहां से भाजपा ने कांग्रेस के किले को ढहा दिया है. भाजपा ने 78 में से 41 सीटें जीत कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. आपको बता दें कि कांग्रेस को 20 और एनसीपी को 15 सीटों पर जीत मिली है. जबकि शिवसेना को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली है. स्वाभिमानी आघाड़ी और निर्दलीय को एक-एक सीट पर जीत हासिल हुई है. इस चुनाव में 78 सीटों के लिए 451 उम्मीदवार मैदान में थे. सांगली मिरज महापालिका बनने के बाद से ही इस पर कांग्रेस का कब्जा था. लेकिन इस बार के चुनाव में वह किला ढह गया है. उल्लेखनीय है कि सांगली पश्चिम महाराष्ट्र में आता है. यहां मराठा मतदाता ज्यादा हैं.

जलगांव में भाजपा की एकतरफा जीत, कांग्रेस का नहीं खुला खाता
महाराष्ट्र के जलगांव नगर निगम में भाजपा को एकतरफा जीत मिली है. जलगांव की 57 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार जीत गए हैं. जलगांव नगरनिगम की 75 सीटों पर हुए चुनाव में से शिवसेना को कुल 13 सीटों पर जीत हासिल हुई, जबकि एमआईएम के 3 उम्मीदवार जीते हैं. यहां से निर्दलीय 2 उम्मीदवार भी जीते हैं. इस नगर निगम में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन का खाता तक नहीं खुल सका. ज्ञातव्य है कि शिवसेना ने नेता सुरेशदादा जैन के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था. सुरेशदादा जैन पहले खानदेश विकास आघाड़ी में लड़ते थे. शिवसेना के चुनाव चिह्न पर इस बार लड़े. 20 साल बाद नगर निगम में सुरेशदादा जैन की हार हुई है.

महाराष्ट्र के जलगांव में भाजपा को अब तक की सब से बड़ी जीत मिली है. जलगांव में मुख्यमंत्री फड़णवीस के निकटवर्तीय गिरीश महाजन के नेतृत्व की यह बड़ी जीत मानी जा रही है. जलगांव में 75 सीट के लिए मतदान हुआ है.

गौरतलब है कि जलगांव सिटी में मराठा वोटर कम हैं. यहां के स्थानीय नेता सुरेश जैन के लिए यह सबसे बड़ा धक्का माना जा रहा है. सुरेश जैन कुछ महिनों पहले ही घरकुल घोटाले में जमानत पर बाहर आए हैं. जलगांव उत्तर महाराष्ट्र में आता है.

शिवसेना को भारी नुकसान
जलगांव में शिवसेना को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. जलगांव शहर शिवसेना नेता सुरेशदादा जैन का गढ़ रहा है. 20 साल तक सुरेशदादा जैन ने जलगांव नगर निगम पर सत्ता चलाई है.

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