शानदार रहा “एक शाम शहीदों नाम” आयोजन, शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित

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कार्यक्रम में अपने उदगार व्यक्त करते पूर्व ले. जनरल राजेंद्र निम्भोरकर.

शहीदों को दिए राष्ट्रपति पुरस्कार, कार्यक्रम में जवानों की शहादत के प्रति उदगार और सुरांजलि

अश्विन शाह
पुलगांव (वर्धा) :
यहां सेना के सेन्ट्रल आर्डनेंस (गोला-बारूद) डिपो, पुलगांव के शहीद जवानों के सम्मान में गुरुवार, 31 मई को “एक शाम, शहीदों के नाम…” कार्यक्रम का आयोजन अचानक आई आंधी और बारिश के बावजूद शानदार ढंग से संपन्न हुआ. दो वर्ष पूर्व 31 मई के ही दिन डिपो के गोला-बारूद भंडार में आग लग जाने से डिपो के 19 जवानों ने आग से जूझते हुए अपनी जान गंवाई थी और अनेक जवान जख्मी हुए थे. कार्यक्रम में उनकी शहादत को और विदर्भ के अन्य देश की सीमा पर शहीद हुए एवं नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों की शहादत को अपने उदगारों और सुरांजलि के माध्यम से सम्मानित किया गया.

इस अवसर पर देश सीमा पार आतंकवादियों के ठिकानों और पाकिस्तान के नापाक इरादों को धवस्त करने के लिए ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण “सर्जिकल स्ट्राइक” का नेतृत्व करने वाले पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र निम्भोरकर ने अपने मार्मिक और जोशीले भाषण में शहीदों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व की उस 31मई की उस रात को पुलगांवासियों के लिए भुला पाना असंभव है. क्योंकि इसी दिन हमने अपने 19 जाबांज़ जवानों को खोया था. आज हम अपने उन अफसरों, जवान और कर्मचारियों के प्रति हार्दिक श्रन्धांजलि अर्पित करने और उनकी उस जांबाजी को याद कर रहे हैं, जब 31 मई की रात आयुध भण्डार के एक गोदाम में लगी भीषण आग बुझाते समय हुए बमों के विस्फोट में अपने प्राणों की आहुति देकर पुलगांववासियों और आस-पास परिसर के सैकड़ों लोगों की जान बचाई थी.

जनरल निम्भोरकर ने कहा कि इस भीषण कांड में किसी ने अपना पुत्र, किसी ने पति, किसी ने पिता तो किसी ने अपना भाई खोया है. ऐसे सभी जांबाज शहीदों को मैं सैल्यूट करता हूं, जिन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया. सेना में भर्ती होने के साथ ही भारत माता के लिए प्राण न्यौच्छावर करने की भावना प्रत्येक सैनिक के मन होती है. हम सैनिक मातृभूमि प्रति अपना फर्ज इसी प्रकार अपनी कुर्बानी देकर निभाने का जज्बा रखते हैं.

केंद्रीय मंत्री और पालक मंत्री की अनुपस्थिति से निराशा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष भामरे के साथ प्रमुख अतिथि के रूप में राज्य के वित्त मंत्री एवं जिले के पालक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार कार्यक्रम में उपस्थित रहने वाले थे. लेकिन ऐन वक्त पर उनके कार्यक्रम रद्द हो जाने से यहां आयोजकों सहित सामान्य लोगों को भारी निराशा हुई. देश के शहीदों प्रति केंद्रीय मंत्री और पालक मंत्री के उपेक्षात्मक रवैये की सभी आलोचना करते नजर आए. राज्य शासन का प्रतिनिधित्व कार्यक्रम में राज्यमंत्री मदन येरावार ने किया.


प्रमुख अतिथि प्रदेश के राज्यमंत्री मदन येरावार ने कहा कि शहीदों की शहादत हमें सदैव भारत माता के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देती है, जिन लोगों ने अपने परिवार के सदस्य को खोए हैं, हम उनके दुःख में सहभागी हैं औऱ उन्हें राज्य शासन की ओर से हर संभव मदद उन परिवारों के लिए हमेशा उपलब्ध रहेगा. उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि ‘शहीद दिन समारोह समिति’ ने उनके लिए जो प्रस्ताव रखे हैं, मैं समिति के साथ मिलकर शासन से पूरा कराने के लिए प्रस्तुत रहूंगा.

कार्यक्रम के अध्य्क्ष सांसद रामदास तड़स ने अपने संबोधन में वीर जवानों को भावभीनी श्रधांजलि देते हुए शासन द्वारा उनके परिवार को हर संभव मदद दिलाने के लिए तत्पर रहने का वादा किया.

इस अवसर पुलगांव केंद्रीय आयुध भण्डार के प्रमुख ब्रिगेडियर आइवर गोल्ड स्मित ने अपने संबोधन में शहीद परिवार के लोगों को हर सम्भव मदद के लिए अवश्यक कार्रवाई कर जल्द से जल्द शहीदों का दर्जा दिलाने का आश्वासन दिया.

प्रस्ताविक भाषण में समिति के अध्यक्ष अभ्युदय मेघे ने तथा अनिल बंसोड ने सैनिक परिवारों की विविध जरूरतों और मांगों को सभा में प्रस्तुत किया. इस अवसर पर पुलगांव-देवली के विद्यायक रंजीत प्रताप काम्बले, आर्वी के विद्यायक अमर काले, पूर्व शिवसेना सांसद अनंतराव गुडे, पुलगांव सेना प्रशासन के विविध अधिकारी मंच पर मौजूद थे.

शहीद समारोह समिति, पुलगांव की ओर से विदर्भ 11 शहीदों के परिजनों को कार्यक्रम में सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया गया था. उनमें से 9 शहीदों के परिजन कार्यक्रम में उपस्थित थे. उन सभी शहीदों के परिवार के सदस्यों को मंच पर आमंत्रित कर सर्वप्रथम पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र निम्भोरकर जी के हाथों से राष्ट्रपति पृस्कार प्रदान किया गया. साथ ही राज्यमंत्री मदन येरावार, सांसद रामदास तड़स, पूर्व सांसद अनन्त गुडे, विद्यायक अमर काले, पूर्व मंत्री व विद्यायक रंजीत प्रताप काम्बले के हाथों भी राष्ट्रपति पुरस्कार वितरण किए गए. कार्यक्रम में जनरल निम्भोरकर को भी सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम के शुरुआत अमर जवान ज्योति की प्रतिकृति को सभी ने पुष्प चक्र समर्पित कर और वीर जवानों को मानवंदना कर किया और उन्हें मौन श्रदांजलि दी. कार्यक्रम का सफल संचालन पत्रकार प्रमोद बोरतने, नासिर भाई (चंद्रपुर) ने की. सम्पूर्ण कार्यक्रम की सफलता के लिए समिति के अध्यक्ष अभ्युदय मेघे, अनिल बंसोड़ तथा समिति के सदस्यों के अलावा सैनिक स्कूल के छात्रों ने अथक प्रयास किए. शहीदों को सुरांजलि के माध्य्म से “एक शाम, शहीदों के नाम” के द्वारा देशभक्ति गीतों से श्रदांजलि दी गई. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों उपस्थिति थे.

कार्यक्रम की सफलता के लिए अभ्युदय मेघे, श्रीधर राउत, अनिल गावंडे, प्रमोद बोरतने, अनिल बंसोड, सचिन सांचेवर तथा सैनिक स्कूल के छात्रों ने मेहनत की.

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