नए वेतन बोर्ड का गठन करने, पत्रकारों एवं गैर पत्रकारों को समुचित पेंशन देने की मांग

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ऑल इंडिया न्यूज पेपर एम्प्लॉइज फेडरेशन की कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक नागपुर में संपन्न

जीवंत शरण
नागपुर :
ऑल इंडिया न्यूज पेपर एम्प्लॉइज फेडरेशन (एआईएनईएफ), दिल्ली की कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में नए वेतन बोर्ड का गठन और पत्रकारों को पंद्रह हजार तथा गैर पत्रकारों को दस हजार रुपए मासिक पेंशन के लिए सरकार से चर्चा करने और संगठन की मजबूती के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया.

अखबारी संस्थाओं द्वारा शोषण और दमन पर गहरी चिंता

नागपुर के एमएलए हॉस्टल में 17 और18 मार्च, 2018 को सम्पन्न हुई फेडरेशन की इस बैठक में अन्य विभिन्न विषयों पर भी गहन मंथन किया गया. देश में पत्रकारों और गैरपत्रकारों के साथ अखबारी संस्थाओं द्वारा शोषण और दमन पर गहरी चिंता व्यक्त की गई. इस दिशा में केंद्र और राज्य सरकारों की निष्क्रियता के विरुद्ध एकजुट होकर संघर्ष के लिए भी तैयार रहने का संकल्प किया गया. इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई कि मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा लागू करने के आदेश का भी अनेक अखबारी संगठनों ने पालन नहीं किया है और सरकार भी इसे लागू कराने में रुचि नहीं ले रही है.

वेतन बोर्ड की स्थापना में हो रहे विलम्ब पर रोष

उल्लेखनीय है कि 1960 में एआईएनईएफ की स्थापना के बाद देश के 35 ट्रेड यूनियन फेडरेशन से संलग्न हो चुके हैं. पालेकर, बछावत, मणिसाना और मजीठिया वेतन बोर्ड के गठन में फेडरेशन ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है. फेडरेशन ने अगले वेतन बोर्ड की स्थापना में हो रहे विलम्ब पर गहरा रोष जताया है. साथ ही पत्रकारों एवं गैरपत्रकार कर्मचारियों को समुचित मासिक पेंशन निर्धारित करने के लिए भी प्रयास करने का निश्चय किया गया.

देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि शामिल

फेडरेशन के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता एस.डी. ठाकुर के साथ गोपन नामपट्टू (केरल), वी. गोपालन, जी. भूपति (चेन्नई), उज्जवल सेन, एच. भट्टाचार्य, शांतनु रॉय (कोलकाता), शशि कुमार श्रीवास्तव (मुंबई), विष्णु दत्त शर्मा, मनोज कुमार जैन (दिल्ली) के अलावा असम के भी प्रतिनिधि बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित थे.

फेडरेशन की सफलता के लिए नागपुर के अखबारों के श्रमिक संगठनों सहित अन्य संगठनों ने भी अथक प्रयास किया. स्वागत समिति के सचिव संजय येवले पाटिल और स्वागताध्यक्ष डॉ. विजय पवार के साथ नागपुर के अन्य संगठनों ने अपना बहुमूल्य योगदान दिया.

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