सैन्य उपकरणों के लिए बुटीबोरी औद्यौगिक क्षेत्र में बीईएल की नई इकाई शीघ्र

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इलेक्ट्रॉनिक्स सुरक्षा उपकरण सेना के साथ ही निर्यात के लिए भी उत्पादित करेगी

नागपुर : महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल (एमआईडीसी), बुटीबोरी में भारतीय सेनाओं और सुरक्षा बलों के लिए इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा उपकरण तैयार करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र के कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. (बीईएल) अपनी एक इकाई स्थापित करने जा रही है. ‘बीईएल’ के इस प्रस्ताव पर मुंबई में आज मुख्यमंत्री के साथ बेल के अधिकारियों की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दे दिए जाने की खबर है. ‘बीईएल’ की देश में अन्य स्थानों पर भी इकाइयां कार्यरत हैं. महाराष्ट्र में इसकी यह पहली इकाई होगी.

केंद्रीय मंत्री गड़करी और मुख्यमंत्री फड़णवीस ने की थी पहल
सूत्रों के अनुसार दरअसल ‘बीईएल’ की इस परियोजना के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने पहल की थी. देश के मध्य में होने से ‘बीईएल’ ने भी नागपुर में अपना नया प्रकल्प स्थापित करने में रुचि दिखाई है. बीईएल की ओर से पिछले ही दिनों नागपुर में चल रहे विधानमंडल के मॉनसून अधिवेशन के दौरान ही सरकार के समक्ष अपना प्रस्ताव पेश किया गया था.

बुटीबोरी औद्यौगिक क्षेत्र की 200 एकड़ में स्थापित करेगी इकाई
सूत्रों ने बताया कि उसने एमआईडीसी बुटीबोरी के 1400 हेक्टेयर के विस्तारित औद्यौगिक क्षेत्र में 200 एकड़ के एक भूखंड को पसंद भी कर लिया है. उसने इस भूखंड के लिए आवेदन भी किया है. समझा जाता है कि बेल के इस प्रस्ताव को मुंबई में आज सरकार की मंजूरी मिल गई है. इसके बाद एमआईडीसी के साथ अन्य औपचारिकताएं पूरी कर बीईएल बुटीबोरी औद्यौगिक क्षेत्र में अपनी नई इकाई को स्थापित करने का काम शुरू कर देगी.

अस्त्र-शास्त्रों के साथ प्रक्षेपास्त्र के लिए भी बनाएगी उपकरण
समझा जाता है कि कंपनी बुटीबोरी औद्यौगिक क्षेत्र की अपनी इस नई इकाई में इलेक्ट्रानिक सुरक्षा उपकरण के अलावा अत्याधुनिक अस्त्र-शास्त्रों के इलेक्ट्रानिक उपकरणों और आकाश प्रक्षेपास्त्र सिस्टम के उपकरण भी तैयार करेगी. बीईएल ये उपकरण भारतीय सेना और भारतीय सुरक्षा बलों के साथ ही निर्यात के लिए भी ऐसे अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण तैयार करेगी.

बुटीबोरी के विस्तारित औद्यौगिक क्षेत्र में रोजगार के साथ ही उद्योगों के लिए भी अवसर
बीईएल के इस प्रक्लप से विदर्भ के अनेक युवा इंजीनियरों और तकनीशियनों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे ही. बुटीबोरी और अन्य औद्यौगिक क्षेत्रों की छोटी-छोटी औद्यौगिक इकाइयों के लिए भी काम के अवसर बढ़ेंगे. इसके साथ ही एमआईडीसी के विस्तारित औद्यौगिक क्षेत्र में अन्य अनुषंगी उद्योगों की स्थापना के मार्ग भी खुलेंगे. बताया जाता है कि यहां ऑटोमोबाइल यूनिट की स्थापना के लिए भी सरकार प्रयत्नशील है.

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