‘महाशिवआघाड़ी’ का मुख्यमंत्री सेना का, भाजपा भी नहीं हटेगी पीछे

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महाशिवआघाड़ी

महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर स्थितियां धुंधली

 
मुंबई : महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर स्थितियां अब भी धुंधली हैं. कांग्रेस-राकांपा-शिवसेना को मिलाकर बना “महाशिवआघाड़ी” अपनी सरकार बनाने को लेकर आशान्वित है. लेकिन भाजपा का भी कहना है कि राज्य में भाजपा के अलावा और किसी की सरकार नहीं बन सकती. उसने 119 विधायकों के साथ होने का दावा किया है.
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अपनी मजबूत स्थिति से समझौता नहीं : भाजपा
उल्लेखनीय है कि भाजपा को विधानसभा चुनाव में 105 सीटें मिली हैं और 14 निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है. प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा के बिना किसी सरकार का गठन संभव नहीं है. बैठक में भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य भाजपा एक करोड़, 42 लाख मतों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है. वह 164 सीटों पर लड़कर 105 पर जीती है और हारी हुई 59 सीटों में से 55 पर नंबर दो की स्थिति में है. अन्य दलों से भाजपा में आए 26 उम्मीदवारों में से 16 को जीत हासिल हुई है. उनका कहना है कि वे चुनाव के बाद अपनी मजबूत स्थिति में हैं और सरकार बनाने के अपने दावे से कोई समझौता नहीं कर सकते. भाजपा इन आंकड़ों के साथ अपने कार्यकर्ताओं में भविष्य के लिए उनका मनोबल भी ऊंचा रखना चाहती है.  

महाशिवआघाड़ी का मुख्यमंत्री होगा शिवसेना का
इधर शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की महाशिवआघाड़ी ने दावा किया है कि राज्य में सरकार गठन और सीट सेयरिंग को लेकर उनके बीच आरंभिक शर्तों पर समझौता हो गया है. इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री शिवसेना का ही पूरे पांच वर्षों के लिए होगा. जबकि राकांपा और कांग्रेस के एक-एक उपमुख्यमंत्री होंगे. इसके साथ ही मंत्रिमंडल में शिवसेना 14, राकांपा 14 और कांग्रेस के 12 मंत्री होंगे.

सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू : पवार  
महाशिवआघाड़ी के सबसे वरिष्ठ नेता शरद पवार ने भी शुक्रवार को नागपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. पवार के अनुसार कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिवसेना की यह सरकार न सिर्फ बनेगी, बल्कि अपना कार्यकाल भी पूरा करेगी. पवार ने मध्यावधि चुनाव की संभावना से साफ इन्कार करते हुए कहा कि हम सब राज्य में स्थिर सरकार बनाना चाहते हैं. उससे पहले तीनों दलों के न्यूनतम साझा कार्यक्रम एवं अन्य शर्तों पर चर्चा चालू है.

मुख्यमंत्री किसका होगा, इस सवाल पर हालांकि पवार ने शिवसेना का नाम लिए बिना कहा कि जिसकी मुख्यमंत्री पद की मांग होगी, उस पर विचार किया जाएगा. लेकिन पवार की ही पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नवाब मलिक स्पष्ट कर चुके हैं कि महाशिवआघाड़ी की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री पद शिवसेना को दिया जाएगा.

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने भी फिर मुख्यमंत्री शिवसेना का ही बनने की बात न सिर्फ दोहराई है, बल्कि अगले 25 साल तक शिवसेना का ही मुख्यमंत्री रहने का दावा किया है.  

किसानों की हमदर्दी बटोर रहे
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर फंसे पेंच के बीच एकाएक सारे नेताओं को किसानों की याद आ गई है. इसी सिलसिले में शरद पवार नागपुर के दौरे पर हैं तो उद्धव ठाकरे सांगली के दौरे पर जाकर किसानों की हमदर्दी बटोर रहे हैं.

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