सड़क दुर्घटनाओं से 17 लोग मर रहे हैं प्रति मिनट

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सड़क दुर्घटनाओं

राष्ट्रीय राजधानी में जागरूकता के लिए ‘सेफ ड्रायविंग कैंपेन’ के तहत 1000 बाईक्स की रैली शीघ्र

नई दिल्ली : सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरूकता के लिए प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘ताजाखबर न्यूज’ की ओर से ‘सेफ ड्रायविंग कैंपेन‘ (Drive Safe India campaign) के अंतर्गत यहां 1000 बाईक्स की रैली का आयोजन करने का निर्णय किया है. यह जानकारी यहां ‘ताजाखबर न्यूज’ के सीईओ और संपादक नीरज महाजन ने दी.
सड़क दुर्घटनाओं
महाजन ने बताया कि रैली का उद्देश्य देश में “सड़क सुरक्षा” के प्रति आम नागरिकों के साथ ही वाहन चालकों में जागरूकता पैदा करना है. इसे a talk of the town और गलियों-सड़कों एवं प्रत्येक घरों में चर्चा का विषय बनाना है. ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके. उन्होंने कहाकि हमें अब अपनी सड़कों को अधिकाधिक सुरक्षित बनाने की जरूरत है. इसके लिए जरूरी है कि आम लोगों की मानसिकता में सुधार लाएं और लोग अपनी जिम्मेदारी ऐसे निभाएं कि दुर्घटनाओं से किसी की जान नहीं जाने पाए.

महाजन ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि विश्व में सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मौतें हमारे देश में होती है. यहां प्रति मिनट 17 व्यक्ति की जान सड़क दुर्घटना में जाती है और 400 से अधिक लोग प्रतिदिन अपने प्राण गंवाते हैं. यदि ऐसा ही चलता रहा तो 2025 तक 25 लाख से अधिक लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते जाएंगे. ऐसी दुर्घटनाएं न केवल लोगों की जान लेती हैं, बल्कि लोगों को अपाहिज बना कर उनका जीवन कष्टप्रद भी बना देती हैं. सड़क दुर्घटनाएं युद्ध और आतंकवादी हमलों से कहीं अधिक संख्या में जानमाल की क्षति पहुंचा रही हैं. लोग मर रहे हैं, अपाहिज बनते जा रहे हैं और अपनी संपत्ति भी गंवा रहे हैं. एक अध्ययन के अनुसार 5 से 10 प्रतिशत मौतें और 50 प्रतिशत से अधिक जख्मियों के आंकड़े आधिकारिक रेकॉर्ड में ही नहीं आ पाती हैं.

महाजन ने कहा कि हमारे लोगों को खतरा केवल बाहरी शत्रुओं पाकिस्तान अथवा चीन से ही नहीं, बल्कि अपनी लापरवाही और अनदेखी के कारण है. सड़क दुर्घटनाएं हमारे “छुपे हुए शत्रु” की तरह हैं. यह सड़क दुर्घटनाएं देश में किसी बाहरी देश से युद्ध के बिना ही नरसंहार कर रही हैं.

उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार प्रति वर्ष सड़क दुईघटनाओं में मरने वालों में 13.5 लाख लोग 5 वर्ष से 29 वर्ष की आयु वाले होते हैं. इसी कारण संयुक्त राष्ट्र ने 2011-2020 के दशक को “सड़क सुरक्षा पहल दशक” (Decade of Action for Road Safety) घोषित किया है. इसके तहत 50 लाख लोगों को सड़क दुर्घटना से बचाने का लक्ष्य रखा गया है. डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानों घेबरियेसुस ने इन मौतों को “गतिशीलता के लिए अस्वीकार्य कीमत” करार दिया है.
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अपने 1000 बाईक्स की रैली के बारे में महाजन ने बताया कि रैली में इतनी बड़ी संख्या में बाईक्स शामिल करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि दोपहिया वाहनों की दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या 30 प्रतिशत से अधिक जा पहुंची है. दोपहिया चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी जरूरी हो गया है. रैली की तिथि की घोषणा शीघ्र ही की जाएगी. रैली के आयोजन में देश में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे और यातायात से जुड़े विभिन्न संगठनों को भी शामिल किया जा रहा है.  

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