बापू का सेवाग्राम आश्रम प्रेरणादायी भूमि है – राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

0
329
सेवाग्राम
सेवाग्राम में महात्मा गांधी इंन्स्टिट्यूट ऑफ मेडीकल साइंस के सभागृह का लोकार्पण करते राष्टपति रामनाथ कोविंद. साथ में धर्मपत्नी श्रीमती सविता कोविंद, राजयपाल सी. विद्यासागर राव और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस.

एमजीआईएमएस के स्वर्ण महोत्सव कार्यक्रम में मेडीकल कॉलेज सभागृह का किया लोकार्पण

रवि लाखे,
वर्धा :
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का यह 150वीं जयंती वर्ष है. ग्रामीण क्षेत्र में महात्मा गांधीजी के विचारों पर आधारित यह पहला मेडीकल कॉलेज सेवाग्राम में शुरू हुआ. इस मेडीकल कॉलेज ने अपने स्वर्ण महोत्सव वर्ष में कदम रखा है. सत्य, अहिंसा, सेवा और मानवता सिखलाने वाली यह भूमि प्रेरणादायी है.’ यह प्रतिपादन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यहां किया.
सेवाग्राम
सेवाग्राम में यहां महात्मा गांधी इंन्स्टिट्यूट ऑफ मेडीकल साइंस के स्वर्ण महोत्सव कार्यक्रम में शनिवार, 17 अगस्त को राष्ट्रपति अपने उदगार व्यक्त कर रहे थे. इस अवसर पर उनके साथ मंच पर राज्यपाल सी. विद्यासागर राव, मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, श्रीमती सविता रामनाथ कोविंद, कस्तूरबा हेल्थ सोसायटी के अध्यक्ष धिरुभाई मेहता, संस्था के ट्रस्टी (विश्वस्त) पी.एल. तापड़ीया, मेडीकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. नितीन गणगने आदि उपस्थित थे. राष्ट्रपति और अन्य मान्यवरों ने मेडीकल कॉलेज के सभागृह का लोकार्पण किया.
सेवाग्राम
डॉ. सुशिला नायर का स्मरण
राष्ट्रपति ने इस बात का स्मरण कराया कि इस संस्था को श्रीमती डॉ. सुशिला नायर ने नि:स्वार्थ भाव से 1969 में साकार किया था. राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि संस्था ने देश के विकास के साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में भी महत्व का योगदान दिया है. महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित इस संस्था ने मानवता के कल्याण के लिए कार्यरत है. उन्होंने कहा कि मैं डॉ. सुशिला नायर और संस्था के माध्यम से सेवा करने वाले सभी लोगों का इस स्वर्ण महोत्स्व वर्ष में अभिनंदन करता हूं.
सेवाग्राम
आश्रम में वृक्षारोपण क्या, खाड़ी के कपड़े खरीदे
कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने बापूकुटी का दर्शन किया और वहां सपत्नीक चरखे पर सूट भी काते. वे वहां 45 मिनट तक रहे. उन्होंने आश्रम में चंदन के वृक्ष भी लगाए. साथ ही आश्रम में बने गए खादी के कपड़े भी खरीदे. आश्रम में राष्ट्रपति के साथ श्रीमती सविता रामनाथ कोविंद, पुत्री स्वाती रामनाथ कोविंद. राज्यपाल विद्यासागर राव, मुख्यमंत्री देवेन्द फड़णवीस. पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, संभागीय आयुक्त संजीव कुमार, जिलाधिकारी विवेक भिमनवार, सेवाग्राम आश्रमाचे अध्यक्ष टी.आर.एन. प्रभु उपस्थित थे.

बापू कुटी परिसर स्वच्छता और स्वास्थ्य सुवधाओं के लिए अपनी विशिष्ट पहचान रखता है. बापू ने कुष्ट रोग निर्मूलन का कार्य अपने इसी आश्रम से शुरू किया था. इसी भूमि से आचार्य विनोबा भावे ने भूदान आंदोलन की और बाबा आमटे ने कुष्ठ रोग निर्मूलन सहित सामाजिक बदलाव का आंदोलन शुरू किया था.

कर्क रोग, क्षय रोग और कुष्ठ रोग निर्मूलन के लिए इस संस्था द्वारा किए गए शोध कार्यों का बहुत ही प्रशंसनीय परिणाम सामने आया है. इसका लाभ देश के अन्य चिकित्सा संस्थान भी उठा रहे हैं.

बाढ़ पीड़ितों की दिल खोल कर मदद करने का आह्वान
देश के अन्य राज्यों सहित महाराष्ट्र के अनेक जिलों में आई भीषण बाढ़ के कारण अनेक परिवारों के पति संवेदना व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को बाढ़ पीड़ित लोगों की मदद दिल खोल कर करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य शासन बाढ़ पीड़ितों की पूरी मदद कर रहे हैं. इस घड़ी में सभी चिकित्सा संस्थानों को भी उनकी मदद में आगे आने की जरूरत है. ब्याह पीड़ितों को अब चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की भी जरूरत है.

कार्यक्रम का प्रास्ताविक कस्तूरबा हेल्थ सोसायटी के अध्यक्ष धिरुभाई मेहता ने किया. उन्होंने बताया कि देश के 470 मेडीकल कॉलेजों में और देश के तीन सर्वोच्च चिकित्सा संस्थानों में सेवाग्राम मेडिकल कॉलेज का समावेश है. उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य शासन के सहयोग से यह संस्था चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सर्वोच्चता कायम रखी हुई है.

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन व गांधीजी के भजनों से हुई. राष्ट्रपति कोविंद कस्तूरबा, महात्मा गांधी और डॉ. सुशिला नायर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. अंशू ने और आभार अधिष्ठाता डॉ. नितीन गणगने ने माना. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, संस्था के पदाधिकारी, चिकित्सा क्षेत्र के अनेक दिग्गज, विद्यार्थी और भारी संख्या में उपस्थित थे. राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ.

NO COMMENTS