रानू मंडल : अचानक ऐसे बदल गई जिंदगानी

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रानू मंडल ... लता दीदी के गीतों को अपनी मधुर आवाज देकर छा गई.... बानगी सेलिब्रिटी...

जीवंत के. शरण
रानू मंडल..! हां,
यही है उस अनजान महिला का नाम. कल तक वह रेलवे स्टेशन और बाजार में अपनी मधुर आवाज से अपने लिए दो वक्त की रोटी जुटाने में जुटी रहती थी. लेकिन आज वह सेलिब्रिटी है. उसके उसी आवाज ने दे दी है उसे नई पहचान. अब जल्द ही वह टीवी चैनल के रियलिटी शो में अपने सुरों का जलवा बिखेरती नजर आएगी.

रोज की तरह वह यात्री पश्चिम बंगाल के रानाघाट रेलवे स्टेशन पर पहुंचा. कोलाहल के बीच उसे मधुर आवाज में गीत गाते हुए एक अधेड़ उम्र की महिला दिखी. वह फिल्म ‘शोर’ में लता मंगेशकर के गीत ‘एक प्यार का नगमा है….’ बेहद मधुर आवाज में गा रही थी. वह यात्री महिला का वीडियो बनाने लगा. फिर उसने उस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया. देखते ही देखते वह वीडियो वायरल हो गया. और इसके साथ ही…

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रानू मण्डल… कुछ ऐसे हो रहा है ‘मेकओवर’…

…अभी चंद सप्ताह पहले की ही बात है. वीडियो सोशल मीडिया पर इतना प्रचलित हुआ कि पचास साल की यह महिला (रानू मंडल) अचानक ही सेलिब्रिटी बन गई है. रानू का मेकओवर ऐसा हो गया है कि वह स्वंय को पहली नजर में पहचान ही नहीं पाएगी. इंटरनेट पर तेजी से वायरल रानू के वीडियो पर तकरीबन ढाई मिलियन व्यूज और अड़तालीस हजार लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे कर रानू की तारीफ की है.

कमाल का है सोशल मीडिया. प्रतिभावान को यह रातोंरात स्टार बनने की राह पर ला देता है. आपको याद होगा. इसी सोशल मीडिया पर पिछले साल डब्बू अंकल (संजीव श्रीवास्तव) गोविंदा के अंदाज में एक शादी समारोह में नृत्य करते हुए रातोंरात चर्चित हो गए थे. भोपाल के विदिशा के रहने वाले डब्बू अंकल इतना मशहूर हुए कि गोविंदा से मिलने के साथ उन्हें कई रियलिटी शो में भी आमंत्रित किया गया था.

प्रिया प्रकाश वारियर के आंख मारने की अनोखी अदा भी आप भूले नहीं होंगे. प्रिया का भी वीडियो सोशल मीडिया पर ही वायरल हुआ था. आज वह दक्षिण के फिल्मों की चर्चित अदाकारा बन गई है.

रानू मंडल के गीत सुनकर लोग उसकी तुलना लता मंगेशकर से करने लगे हैं. कल तक रानाघाट रेलवे स्टेशन पर गाना गा कर गुजारा करने वाली रानू के बारे में अब लोग जानना चाहते हैं. दरअसल अति साधारण परिवार की रानू अपनी मौसी के यहां पली-बढ़ी. शादी पड़ोस के बबलू मंडल से करने के बाद दोनों मुंबई चले गए. मुंबई कुछ समय तक रहने के बाद वापस रानाघाट लौट आई. पति की मृत्यु के बाद भूख मिटाने के लिए वह गीत गा कर जीवनयापन करने लगी.

यह कड़ुवा सच है कि परिस्थितियों के मारे लोग असमय अधेड़ हो जाते हैं. रानू के बिखरे हुए बाल, अस्त व्यस्त वस्त्र. उसका एक ही उद्देश्य रहता कि लोग गीत सुने और कुछ मुद्रा दे दें. लेकिन अब इस यात्री और सोशल मीडिया के कारण उसके हालत बदल रहे हैं. रानू की प्रतिभा को सम्मान दिलाने के लिए एक स्थानीय सरकारी अधिकारी सामने आए हैं. खबर है कि 14 अगस्त को पश्चिम बंगाल के ‘कन्याश्री दिवस’ समारोह पर रानू मंडल को सम्मानित करने की तैयारी भी हो गई है.

किस्मत का खेल देखिए, जिस मुंबई से निराश हो कर वापस लौटी थी. अब फिर उसी को उसी मुंबई से बुलावा आया है. रानू को अब सुनेगा पूरा देश. जी हां, एक रियलिटी शो से भी रानू का बुलावा आया है. यही नहीं मंच देने के लिए कोलकाता, केरल और बांग्लादेश से भी संपर्क किया जा रहा है.

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