पत्र बम सरनाईक का : महाराष्ट्र में हड़कंप, पवार दिल्ली में  

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पत्र बम

मुंबई : शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक का एक ‘पत्र बम’ सियासी माहौल में आग लगाने लगा है. सरनाइक ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर भाजपा से गठबंधन की मांग की है. इतना ही नहीं प्रताप सरनाईक ने पत्र में कांग्रेस-एनसीपी पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं. उन्होंने ने कहा है कि महाविकास अघाड़ी में शिवसेना को कमजोर करने का काम किया जा रहा है. इसका असर आघाड़ी के कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस में भी नजर आने लगा है.

प्रशांत किशोर के बुलावे पर पवार दिल्ली में
इधर सूत्रों ने बताया कि पूर्व कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख शरद पवार राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) के बुलावे पर रविवार को दिल्ली पहुंच गए. आज सोमवार को उनकी पीके से चर्चा शुरू हो गई है. इसके बाद पवार कुछ अन्य विपक्षी नेताओं से भी मिलेंगे. उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह ही पवार की मुंबई में प्रशांत किशोर के साथ मुलाकात हुई थी. उन्होंने पीके से 3 घंटे तक लंबी चर्चा की थी.


सरनाईक का यह पत्र 9 जून को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखा गया था. इससे एक दिन पूर्व ही मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. इस मुलाकात से पेट में सबसे अधिक मरोड़ सत्तारूढ़ महाविकास आघाड़ी के कांग्रेस को हुई है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने इसके बाद जिस तेवर के साथ स्थानीय निकाय चुनावों में स्वतंत्र चुनाव लड़ने की घोषणा की, उसका जवाब उसी तेजधार तेवर के साथ उद्धव ठाकरे ने भी शिवसेना स्थापना दिवस कार्यक्रम में 19 जून को दे दिया है. साथ ही सरनाईक का यह पत्र भी सार्वजनिक कर दिया गया.

सरनाईक के इस पत्र के सामने आते ही भाजपा की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है. पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल ने और तुरंत बाद पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी पत्र पर अपनी टिप्पणी कर दी है.

देवेंद्र फड़णवीस की टिप्पणी
फड़णवीस ने कहा कि प्रताप सरनाईक जैसे कई लोग भाजपा के साथ गठबंधन करना चाहते हैं. लेकिन यह शिवसेना का अंदरूनी मामला है. अभी हम एक सक्षम विपक्षी दल के रूप में काम कर रहे हैं. हम लोगों से सवाल पूछ रहे हैं. हमने विधानसभा में सबसे ज्यादा सीटें जीती हैं, लेकिन बहुमत नहीं मिला. हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि निकट भविष्य में हमें बहुमत मिलेगा और भाजपा अपने दम पर लड़ रही है. इसलिए, यह उन्हें तय करना है कि किसे जूते पहनने चाहिए और किसको हार पहनना चाहिए. फड़ णवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि हम लोगों के लिए प्रतिबद्ध हैं.

पवार के दिल्ली दौरे को लेकर कयास
दूसरी ओर महाराष्ट्र में इस पत्र बम के फूटने के तुरंत बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार रविवार को दिल्ली जा पहुंचे हैं. पवार के इस दौरे से महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज हो गई है. हालांकि, उनके इस दिल्ली दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच दिल्ली में हुई बातचीत के बाद पवार का यह पहला दौरा है.

जानकार सूत्रों के अनुसार दरअसल, यह सच है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास आघाड़ी सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. फिर भी यहां डैमेज कंट्रोल करने के बजाय पवार के प्रशांत किशोर से मिलने दिल्ली चले जाने से अच्छे संकेत नहीं मिल रहे.

ज्ञातव्य है कि हाल में पवार के दो ऑपरेशन हुए हैं और वह पिछले करीब दो महीने से मुंबई में ही आराम कर रहे थे. इसी बीच, पेशेवर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ उन्होंने 3 घंटे तक लंबी चर्चा की थी. इस मुलाकात के बाद भी पवार की यह पहली दिल्ली यात्रा है.


आठवले का समर्थन
इस बीच रिपब्लिकन पार्टी नेता एवं केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के अपनी पार्टी के नेताओं की इच्छा का सम्मान करते हुए फिर से एनडीए के साथ आ जाना चाहिए.


प्रताप सरनाइक ने पत्र में क्या कहा?
शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने लिखा, “एनसीपी और कांग्रेस अपना मुख्यमंत्री चाहते हैं. कांग्रेस अकेले लड़ना चाहती है और एनसीपी शिवसेना से नेताओं को तोड़ने की कोशिश कर रही है. लगता है कि केंद्र से उन्हें परोक्ष रूप से समर्थन मिल रहा है, कोई केंद्रीय जांच एजेंसी एनसीपी नेताओं के पीछे नहीं है.”

प्रताप सरनाईक उद्धव ठाकरे को आगे लिखते हैं, “हम आपके और आपके नेतृत्व में विश्वास रखते हैं लेकिन कांग्रेस और एनसीपी हमारी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. मेरा मानना है कि आप अगर पीएम मोदी के और करीब आ जाएं तो बेहतर होगा. अगर हम एक बार फिर साथ आ जाएं तो पार्टी और कार्यकर्ताओं को फायदा होगा.”

इसके साथ ही उन्होंने लिखा, “केंद्रीय एजेंसियां हमारी गलती के बिना हमें निशाना बना रही हैं, अगर आप पीएम मोदी के करीब आते हैं तो रवींद्र वायकर, अनिल परब, प्रताप सरनाईक जैसे नेताओं और उनके परिवारों की पीड़ा समाप्त हो जाएगी.”

सरनाईक ने पत्र के अंत में कहा है, ‘अगर आप भाजपा से फिर से जुड़ने पर सहमत हैं, तो आप सही फैसला लेंगे. मैंने अपने मन की भावनाओं को पत्र के माध्यम से व्यक्त किया है. छोटे मुंह ने बड़ी घास ले ली है. कुछ गलत हुआ हो तो क्षमा करें.’

हालांकि, शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने सरनाईक के पत्र को भाजपा द्वारा केंद्रीय एजेंसियों को सरनाईक समेत अन्य शिवसेना नेताओं के पीछे जांच के लिए लगा दिया जाना, बताया है. लेकिन सूत्रों ने बताया कि इसके साथ ही शिवसेना अब अपने अन्य सभी विधायकों, सांसदों और नेताओं के विचार जानने की ओर कदम बढ़ा रही है.

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