कृषि विधेयक विरोध : वीडियो ने खोली पोल कांग्रेस की

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लोकसभा चुनाव 2019 के पूर्व कांग्रेस के प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेता के साथ अजय माकन ने किया था वही एपीएमसी बिल लाने के फैसले की घोषणा, जिसका कांग्रेस आज जोरदार विरोध कर रही है. 

खुद ही 2019 के चुनावी घोषणा पत्र किसानों से किया था इन्हीं सुधारों का वादा

नई दिल्ली : कृषि विधेयकों का जोरदार विरोध कर कांग्रेस अब अपने ही जाल में फंस गई है. कांग्रेस, कृषि विधेयक में जिन बातों पर है-तौबा मचा रही है, उसी का वादा उसने 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया था. इसके साथ ही कांग्रेस का 6 साल पहले का एक वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है, जिसमें कृषि विधेयक का विरोध कर रही कांग्रेस खुद इस वीडियो में फल और सब्जी को एपीएमसी से बाहर निकालने की बात कर रही है. कांग्रेस के इसी वीडियो ने कांग्रेस की कथनी और करनी की पोल खोल कर रख दी है. दूसरी ओर कांग्रेस के निलंबित नेता और पूर्व प्रवक्ता संजय झा ने भी पार्टी को उसकी याद दिलाया है.

एपीएमसी का विरोध कर फंसी कांग्रेस
इस वीडियो में कांग्रेस नेता अजय माकन खुद राहुल गांधी के सामने एपीएमसी एक्ट में संशोधन की बात करते दिखाई दे रहे हैं. यह वीडियो 27 दिसंबर 2013 का है, जो कांग्रेस के ऑफिशियल यूट्ब चैनल पर मौजूद है और उसे यहां पर आपके लिए अटैच किया गया है. इसमें माकन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी के सामने घोषणा कर रहे हैं.

इसमें वह कह रहे हैं कि महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए कांग्रेस के ग्यारह मुख्यमंत्रियों की बैठक में फैसला लिया गया कि किसानों को सहूलियत पहुंचाने और उपभोक्ताओं को कम कीमत में फल और सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए इन्हें APMC ऐक्ट के तहत बनी लिस्ट से हटाया जाएगा. कृषि विधेयकों पर कांग्रेस के विरोध के बीच 2013 का कांग्रेस के ऑफिशल हैंडल से किया गया ट्वीट भी वायरल हो रहा है. इस ट्वीट में कांग्रेस ने लिखा है कि सभी कांग्रेस शासित राज्य APMC ऐक्ट से फल और सब्जियों को हटाएंगे.  


राहुल के प्रेस कांफ्रेंस का समर्थन करने वाला वीडियो वायरल
इसमें काउंटर नंबर 3:16 से 7:05 तक यह साफ सुना जा सकता है कि इस वीडियो में अजय माकन, तत्कालीन मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद, खुद राहुल गांधी के सामने प्रेस कांफ्रेंस में इस बात का ऐलान कर रहे हैं कि ‘महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए कांग्रेस के 11 मुख्यमंत्रियों की बैठक में फैसला लिया गया कि किसानों को सहूलियत पहुंचाने और उपभोक्ताओं को कम कीमत में फल और सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए इन्हें एपीएमसी ऐक्ट के तहत बनी लिस्ट से हटा दिया जाएगा.’

संजय झा ने ट्वीट कर दिलाई चुनावी घोषणा पत्र की याद
कांग्रेस के निलंबित नेता संजय झा ने शुक्रवार को अपने एक ट्वीट में कहा कि कृषि संबंधी बिलों को लेकर कांग्रेस और भाजपा में कोई अंतर नहीं है. उन्होंने बताया कि नरेन्द्र मोदी सरकार वही कर रही है, जिसका कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में वादा किया था. संजय झा को कांग्रेस ने जुलाई में पार्टी से निलंबित कर दिया था, उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 (तीन बिलों में से एक) यूपीए के इरादे के अनुरूप हैं और कांग्रेस की तरफ से लाए गए मल्टी ब्रांड एफडीआई में इससे फायदा होगा.

संजय झा ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने भी अपने घोषणापत्र में एपीएमसी अधिनियम को खत्म करने और कृषि उत्पादों को प्रतिबंधों से मुक्त करने की बात कही थी.’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जो वादा अपने घोषणापत्र में किया था, वही मोदी सरकार ने पूरा किया है. संजय झा ने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस एकमत हैं.

कांग्रेस की चाल पर पीएम मोदी ने किया वार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी शुक्रवार को कहा कि चुनाव के समय किसानों को लुभाने के लिए ये बड़ी-बड़ी बातें करते थे, लिखित में करते थे, अपने घोषणापत्र में डालते थे और चुनाव के बाद भूल जाते थे. आज जब वही चीजें एनडीए सरकार कर रही है, किसानों को समर्पित हमारी सरकार कर रही है तो ये विरोध कर रहे हैं, भांति-भांति के भ्रम फैला रहे हैं.

पीएम मोदी ने आगे कहा- जिस APMC एक्ट को लेकर अब ये लोग राजनीति कर रहे हैं, कृषि बाजार के प्रावधानों में बदलाव का विरोध कर रहे हैं, उसी बदलाव की बात इन लोगों ने अपने चुनावी घोषणापत्र में भी लिखी थी, लेकिन अब जब एनडीए सरकार ने ये बदलाव कर दिया है, तो ये लोग इसका विरोध करने पर उतर आए हैं.

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