लोकसभा चुनाव 2024 : चुनाव प्रचार में ओछी आक्रामकता

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लोकसभा चुनाव

सातवें चरण के प्रचार तक यदि यह एके-47 से लेकर टैंक के गोलों और मिसाइलों तक जा पहुंचे तो आश्चर्य नहीं


कल्याण कुमार सिन्हा-
विश्लेषण : लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान के तीन चरण पूरे हो चुके हैं. इसके साथ ही  सभी राजनीतिक दलों के नेता चुनाव प्रचार में अपनी ओछी आक्रामकता से मतदाताओं को रिझाने में मर्यादा की सीमा लांघते नजर आए हैं. अगले चार चरणों की वोटिंग के लिए उनकी यह आक्रामकता उन्हें और कितने निम्न स्तर पर ले जाएगी, यह सोच कर ही राजनीतिक विश्लेषकों के छक्के छूट रहे हैं.

कांग्रेस और उनके इंडिया गठबंधन के नेता जहां सत्तारूढ़ भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी पर हमलों में हदें पार करते नजर आ रहे हैं, वहीं जवाबी हमलों में सत्तारूढ़ पक्ष भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहा. इस मायने में सचमुच ‘लोकसभा चुनाव 2024’ बिलकुल अलग ही साबित हो रहा है.

हालांकि, ऐसा नहीं है कि पूर्व के चुनावों में दिग्गज नेताओं ने मर्यादा की सीमा नहीं लांघी थी, आपको याद होगा कि गोधरा कांड के बाद गुजरात में भीषण दंगा हुआ था. उस दंगे के बाद हुए विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस की सर्वोच्च नेता स्वयं सोनिया गांधी ने उस समय गुजरात के सीएम रहे नरेंद्र मोदी के लिए जिस भाषा का प्रयोग किया था, उसे लोग आज भी नहीं भूल सके हैं.

इस तरह की वारदातों को नेतागण पिछले अनेक चुनावों में अंजाम देते ही रहे हैं, लेकिन इस बार विपक्षी नेता सरकार की विफलताओं की जानकारी मतदाताओं को देने के बजाय, हर दूसरे दिन पीएम मोदी को गाली देने, संविधान खतरे में, आरक्षण खतरे में, के अनर्गल प्रलापों के साथ ही मुस्लिमों, दलितों, आदिवासियों में डर पैदा करने वाली बातों को हवा देते सुनाई देते हैं. इसके साथ ही देश के उत्तर-दक्षिण, पूरब-पश्चिम भाग के रंगभेद और नस्लीय भेद को लेकर निम्नस्तरीय टिप्पणी करने से भी बाज नहीं आ रहे.

लोकसभा चुनाव प्रचार में उद्धव ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने तो गुजरात में जन्में मुग़ल बादशाह औरंगजेब की तरह इशारों में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी महाराष्ट्र में गाड़ देने जैसी बात कर गन्दी मानसिकता का परिचय देते नजर आ रहे हैं. उधर, कांग्रेस ने की मुंबई की उत्तर मध्य सीट से प्रत्याशी वर्षा गायकवाड़ मराठी बनाम गैर मराठी को मुद्दा बनाने की कोशिश करती नजर आ रही हैं.

ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) की ही सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी विवादित टिप्पणी करने में पीछे नहीं  हैं. उन्होंने महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे और लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है. उत्तर मुंबई से शिवसेना (यूबीटी) उम्मीदवार संजय दिना पाटील के समर्थन में एक जनसभा में प्रियंका चतुर्वेदी ने एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे पर जमकर निशाना साधा और उन्हें गद्दार कहा. प्रियंका ने कहा- “गद्दार, गद्दार ही रहेगा. एक फिल्म आई थी ‘दीवार’, जिसमें अमिताभ बच्चन अपना हाथ दिखाते हैं, उनके हाथ पर लिखा था- मेरा बाप चोर है. यह इनके माथे पर लिखा है. श्रीकांत शिंदे के माथे पर लिखा है मेरा बाप गद्दार है.”  

भाजपा की ओर से भी इस लोकसभा चुनाव के प्रचार में कोई कमी नहीं है. हैदराबाद की भाजपा प्रत्याशी माधवी लता अपनी चुनावी रोड शो में  मस्जिद की ओर धनुष और तीर तानने का स्वांग दिखा चुकी हैं. वहीं, उनके समर्थन में हैदराबाद पहुंची अमरावती (महाराष्ट्र) की सांसद एवं प्रत्याशी नवनीत राणा, ओवैसी भाइयों को 15 सेकेंड में ख़त्म कर देने की धमकी देती सुनाई देती हैं. बिगड़े बोलों के लिए राहुल गांधी से लेकर पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष नड्डा जी को भी चुनाव आयोग नोटीस भेज दिया है.

अगले चौथे चरण की वोटिंग के लिए चुनाव प्रचार में यह सारी बातें जो सामने आईं हैं, वह सभी लाठी-डंडे से तीर-तलवार और बम-फटाकों से गोला-बारूद की तरह “विकसित” होती नजर आ रही हैं. अंतिम सातवें चरण के प्रचार तक यदि यह प्रचार, एके 47 से लेकर टैंक के गोलों और मिसाइलों तक जा पहुंचे तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी.

-कल्याण कुमार सिन्हा.

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