महाराष्ट्र में शिथिल हुई चुनाव आदर्श आचार संहिता

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आचार संहिता

राहत, विकास कार्य शुरू होंगे

मुंबई : मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के आग्रह पर चुनाव आयोग ने राज्य में सूखा और अकाल जैसी स्थिति से निपटने हेतु राहत कार्य के लिए चुनाव आदर्श आचार संहिता शिथिल करना मंजूर कर लिया है.

अब महाराष्ट्र शासन एवं राज्य के तमाम स्वशासी निकायों, ग्रामपंचायतों, निगमों,नगर परिषदों और नगर पालिकाओं को अपने क्षेत्र में सूखा राहत और अन्य सड़क निर्माण आदि विकास के कार्य आरंभ करना संभव हो गया है.

मुख्यमंत्री फड़णवीस ने इसके लिए चुनाव आयोग को पत्र लिख कर राज्य में सूखे और अकाल जैसी स्थिति का हवाला दिया था. उन्होंने चुनाव आयोग को बताया कि राज्य की सभी 48 लोकसभा सीटों पर मतदान पूरे हो चुके हैं. लेकिन राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण उपरोक्त स्थिति से निपटने में बाधा आ रही है.

ज्ञातव्य है कि राज्य में 29 अप्रैल को चौथे चरण के मतदान के साथ ही सभी 48 लोकसभा सीटों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं. लेकिन राज्य में चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण अकाल और सूखा जैसे हालात से पीड़ित क्षेत्रों में कोई राहत अथवा विकास कार्य आरंभ करना कठिन हो गया था. इस कारण मुख्यमंत्री फड़णवीस ने भारत के चुनाव आयोग से आदर्श आचार संहिता शिथिल करने का निवेदन किया था, जिसे चुनाव आयोग ने मान्य कर लिया है.

आदर्श आचार संहिता शिथिल हो जाने के बाद अब महाराष्ट्र में पीड़ित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना दुरुस्त करने का काम शुरू करना संभव हो जाएगा. इसके अंतर्गत जल संकट दूर करने के लिए बोरवेल, हैडपम्प लगाने, जलापूर्ति योजनाओं को दुरुस्त करने, नहरों, जलाशयों की देखभाल के साथ ही अन्य योजनाओं को लागू करना संभव हो जाएगा.

इसके तहत अब विभिन्न विभागों की वार्षिक योजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए सभी उपाय करना संभव हो जाएगा. इनमें अस्पतालों में आधारभूत सुविधाएं, सडकों के रुके काम, पंचायतों के विभिन्न विकास कार्य भी आरंभ करना संभव हो जाएगा.

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