रिश्वत लेते दहेगांव (गो) थाने का एपीआई गिरफ्तार

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चिकित्सा व्यवसाय करने के लिए मासिक रिश्वत की मांग पर एसीबी से की थी शिकायत

वर्धा : सेलु तहसील के पुलिस थानों में भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले 19 जून को सेलु पुलिस स्टेशन अंतर्गत कार्यरत महिला पुलिस उपनिरीक्षक राजश्री रामटेके को 25 हजार रुपए रिश्वत लेते भ्रष्टाचार प्रतिरोधक ब्यूरो (एसीबी) के वर्धा पथक ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. इस घटना को लोग भूले भी नहीं थे कि तहसील के दहेगांव (गोवारी) पुलिस स्टेशन के एक सहायक पुलिस निरीक्षक को भी रिश्वत लेते एसीबी दल ने पिछले 6 अगस्त को गिरफ्तार कर एक बार फिर सनसनी मचा दी है.

जिले के सेलु तहसील के अंतर्गत दहेगांव (गोवारी) पुलिस स्टेशन में कार्यरत सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) सचिन राखुंडे को चिकित्सा व्यवसाय करने के लिए मासिक रकम रिश्वत के रूप में मांगने और उस मद में 3,000 रुपए रिश्वत स्वीकार करते हुए भ्रष्टाचार प्रतिरोधक ब्यूरो (एसीबी) के दल ने साईनाथ नगर,अयप्पा मंदिर के पास गिरफ्तार कर लिया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता की शिकायत की पुष्टि कर एसीबी के पुलिस अधीक्षक पीआर पाटिल के मार्गदर्शन में एसीबी दल ने एपीआई राखुंडे को पिछले 6 अगस्त को दिन के 11.30 बजे रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

एसीबी दल ने पुलिस उपाधीक्षक बालासाहेब गावंडे, पुलिस नरीक्षक सुहास चौधरी, रवींद्र बावणे,अतुल वैद्य, रोशन निंबोलकर, सागर भोसले, कैलास वाल्दे, प्रदीप कुचनकर, अर्पना गिरजापुरे, स्मिता भगत व श्रीधर उईके ने यह कार्रवाई की.

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