हैलो प्रधानमंत्री जी : चुनाव के बहाने “जनता की बात जनता तक”

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हैलो

हैलो प्रधानमंत्री जी,
भारतीय निर्वाचन आयोग ने तो अब 17वीं लोकसभा के लिए चुनावी प्रक्रिया का शंखनाद कर दिया है. भाजपा सहित सभी विपक्षी दलों ने अपनी-अपनी बिसात बिछाने की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी थी, आपने भी सारे शिलान्यास और उद्घाटनों के कार्यक्रम निपटा लिए हैं. अब तो उम्मीदवार और उम्मीदवारी का माहौल रहेगा. नए माहौल में नए-नए आरोप-प्रत्यारोप, धोती-खींच, जोड़तोड़ और बगावत भी हमें देखने को मिलेंगे.

2019 आपके लिए 20..!
इसके साथ ही अब तो ज्योतिषाचार्यों की दुकानें भी चल निकली हैं. उन्होंने भी आप सभी नेताओं के ग्रहदशाओं के गणित की गणना शुरू कर दी है. अभी तक जिन-जिन ज्योतिषाचार्यों ने ग्रहों का खाता खोला है, उसमें सभी ने 2019 को आपके लिए 20 ही बताया है. इसलिए हम आम जनता भी आश्वस्त हो चले हैं कि आपका-हमारा साथ छूटने वाला नहीं है.

कांग्रेस की कुंडली में प्रियंका मइया का जोर..!
हां, लेकिन ज्योतिषाचार्यों की गणना यह बता रही है कि कांग्रेस की कुंडली में बैठ गईं प्रियंका मइया उत्तरप्रदेश में उसे प्रबल बना रही हैं. इधर इसके संकेत भी अभी से मिलाने लगे हैं. सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आत्मविश्वास भी कुछ हिला हुआ ही नजर आया है. उन्हें लग रहा है कि सूबे वर्तमान भाजपा सांसदों को वे शायद जीत नहीं दिला सकें. उन्होंने अनेक सीटों पर आपसे फ्रेश पार्टी उम्मीदवार की गुजारिश भी कर दी है. ऐसे में फ्रेश उम्मीदवारों की ग्रहदशा और राजयोग पर भी हो सकता है पार्टी को विचार करना पड़े.

300 सीटें…आपकी झोली में..!
ज्योतिषाचार्यों ने एक और अच्छी भविष्यवाणी के है कि आपकी पार्टी मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा और कर्नाटक और बंगाल में भी अच्छा प्रदर्शन करेगी. पंजाब, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की गणना पर वे मौन हैं संभवतः इन राज्यों में भाजपा और आपके नेतृत्व की सफलता की गणना अभी बाकी होगी. वैसे उनकी जबरदस्त भविष्यवाणी यह भी है कि आपके नेतृत्व में पार्टी जीत के लिए 300 सीटों का आंकड़ा पार कर लेगी.

राहुल जी ने जब फिर चलाई कुल्हाड़ी…
वैसे आपके प्रमुख विरोधी दल नेता कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमान राहुल गांधी जी ने अपने पांव में एक और कुल्हाड़ी मार कर स्वयं यह बता दिया है कि कांग्रेस नेताओं के पाकिस्तानी आतंकवादियों से कैसे मधुर रिश्ते रहे हैं. पहले दिग्विजय सिंह जी ने ‘ओसामा जी’ और ‘हाफिज सईद जी’ कहा. अब राहुल गांधी जी पुलवामा काण्डको अंजाम दिलाने का दवा करने वाले भारत के दुश्मन को ‘मसूद अजहर जी’ कह कर सम्मानित कर रहे हैं . लेकिन अब जवाब में कांग्रेस ने आप के मंत्री रविशंकर प्रसाद जी को पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद को ‘हाफिज जी’ कहते हुए विडियो जारी कर दिया है.
हैलो
टीवी चैनलों, ऑपरेटरों, को ट्राई ने दी लूट की छूट…
शुरुआत हो चुकी है. आप लोगों की इन बतकहियों को न्यूज चैनल वाले हमारा मनोरंजन करते रहेंगे. इनके माध्यम से उन्हें भी अपना टीआरपी बढ़ाने का मौक़ा मिलेगा. लेकिन दुःख इस बात की है कि सरकारी एजेंसी ट्राई (TRAI) उन्हें लूट की छूट दे चुकी है.

‘जितने चैनल, उतने पैसे’ की लोक-लुभावन स्कीम बनी गले का फांस
अब टीवी चैनलों पर बात निकल आई तो प्रधानमंत्री जी, सुनिए लोगों का दुखड़ा! ‘जितने चैनल देखो, उतने के पैसे दो’ का ट्राई की लोक-लुभावन स्कीम टीवी दर्शकों के गले का फांस बन चुकी है. दो सौ से ढाई सौ रुपए मासिक खर्च कर लोग अपना मनपसंद चैनल देख लिया करते थे. अब ट्राई के इस स्कीम ने टीवी दर्शकों को हलाकान कर दिया है. अब उन्हें ढाई सौ से तीन सौ रुपए में भी अपना मनपसंद चैनल देखने के नहीं मिल रहा है. लोग अपनी शिकायत उठा रहे हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं है. डीटीएच (DTH) वालों के पैक्स की कीमत तो फिर भी दिखाए देते हैं, कैबल ऑपरेटरों को अपने पैक्स के रेट बताने को क्यों नहीं कहा जाता?
हैलो
डीटीएच और कैबल वालों की मनमानी
क्या डीटीएच (DTH) सर्विस प्रोवाइडर्स और कैबल ऑपरेटर्स के लिए ट्राई ने अलग-अलग नियम बनाएं हैं? अथवा कैबल ऑपरेटर्स पर ट्राई का कोइ कंट्रोल ही नहीं है? डीटीएच (DTH) सर्विस प्रोवाइडर्स अपने चैनल पैक्स की घोषणा तो कर रहे हैं. लेकिन कैबल ऑपरेटर्स मनमानी कर रहे हैं या ट्राई की ही नियमों के तहत अपने ग्राहकों के जेबें काट रहे हैं? कैबल ऑपरेटर्स 100 फ्री चैनलों के अलावा पेड चैनल चलने के लिए बाध्य कर ही रहे हैं. इन फ्री चैनलों के अलावा हर 25 चैनलों के लिए चैनलों की लागत के अलावा 20 रुपए अलग से किस नियम के तहत चार्ज कर रहे हैं? इतना ही नहीं 25 अतिरिक्त पेड चैनलों से एक अधिक चैनल भी किसी को चाहिए तो उनसे और अतिरिक्त 20 रुपए चार्ज क्यों किया जा रहा है? और सभी पर जीएसटी भी..!

आगे भी तेल निकालेंगे..?
प्रधानमंत्री जी, ऐसी सांत्वना भी मिलाती है कि चनावों के बाद सब ठीक हो जाएगा. साथ ही यह भी सुनाने को मिलता है कि मोदी जी वापस आएंगे तो टीवी दर्शकों के मनोरंजन के बदले उनका और तेल निकालेंगे. ऐसा ही कुछ जीएसटी (GST) के बारे में भी चर्चा चल पड़ी है. दावा किया जा रहा था कि एमआरपी (MRP) घटेगा और उसके अंतर्गत ही जीएसटी भी शामिल होगा. लेकिन एमआरपी कम होना तो दूर, सामान्य दुकानदार ऊपर से जीएसटी भी वसूल रहे हैं.

तुअर और दलहनों की मार…
तुअर (अरहर) दाल समेत सभी दलहनों की कीमत फिर उछाल पर है. कुछ दिनों तक तो तुअर का स्वाद लोगों ने 60 से 65 रुपए के बीच का चखा. (शायद यह आयात का परिणाम रहा होगा.) अब फिर तुअर उछाल मार रहा है. अब तो चुनावी माहौल है. आपको भी इस पर ध्यान देने की फुर्सत नहीं रहेगी. अब आम लोगों के ऐसे “छोटे-छोटे” मसलों को टीवी न्यूज चैनल वाले तो उठाने से रहे. उनके लिए तो मोटी मलाई का इन्तजाम ट्राई ने कर ही दिया है. अब तो रोज बढ़ने वाले पेट्रोल-डीजल की कीमतों की ओर भी झांकने की उन्हें जुर्रत नहीं रही.

अपने पाठकों से…
प्रधानमंत्री जी तक बात पहुंचे न पहुंचे, वे ध्यान दें या न दें, “आपकी बात आप तक” तो हम पहुंचाते ही रहेंगे…

-विदर्भ आपला

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