सर्वेक्षण लोकसभा 2024 : महाराष्ट्र में भाजपा-शिंदे गुट को बड़ा झटका

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अभी लोकसभा चुनाव हुए तो सत्तारूढ़ दल को राज्य में मिल सकती है निराशा

मुंबई :  इंडिया टुडे और ‘सी-वोटर’ द्वारा हाल ही में संयुक्त रूप से ‘मूड ऑफ द नेशन’ के अंतर्गत किए गए सर्वेक्षण में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. हालांकि इस सर्वेक्षण में केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए सरकार के फिर से सत्तारूढ़ होने के संकेत तो मिल रहे हैं, लेकिन एनडीए की कार्यप्रणाली के बारे में महाराष्ट्र की जनता का मत चौंकाने वाला है. लोकसभा की 48 सीटों वाले इस राज्य में महाविकास आघाड़ी गठबंधन को भारी बढ़त मिलती दिखाई दे रही है.

राष्ट्रीय स्तर पर सर्वेक्षण का परिणाम दर्शाता है कि यदि आज देश में लोकसभा चुनाव हुए तो भाजपा को 284 सीटें, कांग्रेस को 68 और अन्य दलों को 191 सीटें मिल सकती हैं. लेकिन महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा-शिंदे गुट सहित एनडीए के बारे में मतदाताओं का रुख निराशाजनक है. राज्य में लोकसभा के लिए आज चुनाव हुए तो राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से एनडीए को मात्र 14 सीटों से ही संतोष करना पड़ सकता है. जबकि महाराष्ट्र की महाविकास आघाड़ी गठबंधन (उद्धव की शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस) 48 प्रतिशत मतों के साथ कुल 34 सीटों पर कब्जा कर सकता है.

भाजपा-शिंदे नीत एनडीए के लिए की परिस्थिति साल भर पहले से खराब

सर्वेक्षण का यह आंकड़ा राज्य के भाजपा-शिंदे गुट को हिला कर रख दिया है. हालांकि राज्य के इन मतदाताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों से सहमत हैं, लेकिन सर्वेक्षण के जनकल्याण, राम मंदिर, धारा 370 जैसे मुद्दों को लेकर उनमें खास उत्साह नहीं दिखा. 2019 का लोकसभा चुनाव भाजपा और शिवसेना (उद्धव ठाकरे) ने साथ मिलकर लड़ा था. उन्होंने महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 42 सीटों पर जीत हासिल की थी.

बता दें कि अगस्त 2022 के इंडिया टुडे और ‘सी-वोटर’ सर्वे के मुताबिक, उस वक्त के चुनाव से महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से महाविकास आघाड़ी को 30 सीटें जाती दिख रही थीं. वहीं, भाजपा-शिंदे नीत एनडीए को 18 सीटें मिल रही थी. आज की परिस्थिति सत्तारूढ़ गुट के लिए साल भर पहले से खराब ही है.

वैसे एनडीए को जिन राज्यों में फायदा होता दिख रहा है, उनमें असम, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश शामिल हैं. असम में 12 सीटें (2019 में 9 सीटें), तेलंगाना में 6 सीटें (2019 में 4 सीटें), पश्चिम बंगाल में 20 सीटें (2019 में 18 सीटें) और उत्तर प्रदेश में 70 सीटें (2019 में 64 सीटें) अर्थात इन राज्यों में एनडीए को कुल 13 सीटों का फ़ायदा मिलता दिख रहा है. 2019 में इन राज्यों से एनडीए को जहां 95 सीटें हासिल हुई थीं, वहीं आज चुनाव हुए तो उसे 108 सीटें मिल जाएंगी.

जनवरी 2023 किए गए इस ताजा सर्वेक्षण में देश के कुल 1 लाख 40 हजार 917 लोग शामिल किए गए. इसमें अनेक ज्वलंत मुद्दों पर इन लोगों ने अपने विचार प्रकट किए. इनमें एनडीए सरकार के काम की 67 प्रतिशत लोगों ने बहुत बढ़िया बताया है, जबकि 11 प्रतिशत लोगों ने इसे ठीक-ठाक कहा, वहीं 18 प्रतिशत लोगों ने कुछ भी कहने से इंकार किया.

कोरोना काल में मोदी सरकार के कार्य को सर्वाधिक लोगों ने बहुत अच्छा बताया है. जबकि 20 प्रतिशत लोग कोरोना से मुकाबले में मोदी सरकार के काम को साधारण रूप से ठीक बताते हैं. धारा 370 हटाने के प्रति 17 प्रतिशत और राम मंदिर निर्माण के काम को 11 प्रतिशत लोगों ने ही बहुत अच्छा करार दिया है. उसी तरह जन कल्याण की योजनाओं को लागू करने में केवल 8 प्रतिशत लोग ही बहुत खुश हैं.

महंगाई के मुद्दे पर मोदी सरकार के पक्ष में मात्र 25 प्रतिशत लोग ही हैं. उसी तरह बेरोजगारी के मामले में मोदी सरकार 17 प्रतिशत लोगों का समर्थन पा सकी. आर्थिक विकास मुद्दे पर सिर्फ 6 प्रतिशत लोग ही मोदीजी के साथ खड़े नजर आए.

राहुल गांधी मात्र 13 प्रतिशत लोगों की ही पसंद

विपक्ष के प्रधानमंत्री के रूप में आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल 24 प्रतिशत लोगों की पसंद के साथ पहले नंबर पर हैं. वहीं तृणमूल कांग्रेस नेत्री ममता बनर्जी 20 प्रतिशत लोगों की पसंद हैं. भारत जोड़ो यात्रा कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी मात्र 13 प्रतिशत लोगों की ही पसंद हैं.

लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारियों में जुटी हैं. केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए एक बार फिर बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के लिए निश्चिन्त है तो वहीं कांग्रेस में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से पानी खोई सत्ता फिर से पाने की आशा बलवती हो चली है. अन्य विपक्षी दल भी भाजपा को केंद्र की सत्ता से हटाने के प्रयास के लिए संयुक्त विपक्ष बनाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं. ऐसे में इंडिया टुडे और ‘सी-वोटर’ का यह सर्वेक्षण बहुत ही दिलचस्प है.

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