डिजिटल मीडिया शिकायत परिषद का गठन किया सरकार ने

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मुंबई उच्च न्यायालय, नागपुर खंडपीठ के अधिवक्ता फिरदौस मिर्जा बेंच अध्यक्ष नियुक्त

भारत सरकार ने फरवरी 2021 से अधिसूचित नई सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया के लिए आचार संहिता) नियम 2021 के तहत डिजिटल मीडिया के लिए एक नीति तैयार की है. तदनुसार, स्व-नियामक निकाय “डिजिटल मीडिया प्रकाशक और समाचार पोर्टल शिकायत परिषद” को डिजिटल सूचना और प्रसारण मंत्रालय, केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया है. सूची में इस संगठन से संबद्ध महाराष्ट्र के 72 समाचार पोर्टल शामिल हैं.

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डिजिटल मीडिया प्रकाशक और समाचार पोर्टल शिकायत परिषद के महाराष्ट्र बेंच अध्यक्ष मुंबई उच्च न्यायालय, नागपुर खंडपीठ के वरिष्ठ अधिवक्ता फिरदौस मिर्जा.

बेंच अध्यक्ष एवं 6 सदस्य
बेंच अध्यक्ष के रूप में मुंबई उच्च न्यायालय, नागपुर खंडपीठ के प्रख्यात एवं वरिष्ठ अधिवक्ता फिरदौस मिर्जा को चुना गया है. साथ ही, इस स्व-नियामक निकाय के सदस्य के रूप में जेड. खोबरागड़े (सेवानिवृत्त चार्टर्ड अधिकारी, भारतीय प्रशासनिक सेवा), विनायक देशपांडे, (कुलपति, जीएच रायसोनी विश्वविद्यालय, अमरावती, महाराष्ट्र), डॉ. विकास पाठक, (पूर्व प्रोफेसर, एशियन स्कूल ऑफ जर्नलिज्म और संपादकीय संपादक, आउटलुक पत्रिका, नई दिल्ली), डॉ. आनंद देशपांडे (अधिवक्ता, मुंबई उच्च न्यायालय, नागपुर खंडपीठ), डॉ. कल्याण कुमार, (सचिव, एल्गर फाउंडेशन और अधिवक्ता, मुंबई उच्च न्यायालय, नागपुर खंडपीठ), एवं देवनाथ गंडाते, (पत्रकार और डिजिटल मीडिया व्यवसायी) का चयन किया गया है.

इस कानून के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य में पोर्टल धारकों (प्रकाशकों) ने इस स्व-नियामक निकाय की स्थापना की है. इसे केंद्र सरकार के डिजिटल सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 20 अप्रैल 2022 के एक पत्र में मंजूरी दी है. यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (https://mib.gov.in/self-regulatory-bodies) पर की गई है.

भारत सरकार, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 87 (2) के तहत अर्जित क्षमता का उपयोग करते हुए, मौजूदा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (मध्यवर्ती दिशानिर्देश) नियम, 2011 को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया के लिए आचार संहिता) से बदल देती है.) नियम, 2021 (नया) सूचना प्रौद्योगिकी नियम’). इस संबंध में अधिसूचना 25 फरवरी 2021 को जारी की गई थी. ये नियम सभी प्रमुख एजेंसी के लिए 26 मई 2021 से प्रभावी हैं. यह डिजिटल मीडिया पर त्रिस्तरीय कोड प्रदान करता है.

डिजिटल मीडिया पर त्रिस्तरीय कोड
तदनुसार, प्रकाशक स्वयं पहले स्तर पर, दूसरे स्तर पर एक स्व-नियामक निकाय है. तीसरे स्तर पर केंद्र सरकार का सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय है. प्रकाशक एक स्व-नियामक निकाय स्थापित करना चाहते थे. जिसकी अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या समकक्ष द्वारा की जानी चाहिए. इसके सदस्य विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ होने चाहिए. डिजिटल समाचार पोर्टल के प्रकाशक को इस स्व-नियामक निकाय का सदस्य होना चाहिए. समाचार पोर्टल प्रकाशक या किसी व्यक्ति या संगठन द्वारा समाचार में किसी भी गलत बयानी के मामले में स्व-नियामक निकाय कानून के अनुसार कार्य करेगा. केंद्र सरकार की नीति में कहा गया है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय आगे की कार्रवाई करेगा.

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