दलहन भंडारण : कारोबारियों को बड़ी राहत दी केंद्र सरकार ने

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दलहन भंडारण

किसानों को मिलने लगे थे कम भाव, व्यापारियों ने घटा दी थी खरीदी

नागपुर : दी होलसेल ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव प्रताप मोटवानी ने केंद्र सरकार द्वारा दलहन भंडारण को सीमित करने वाले आदेश को वापस लेने पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से व्यापारियों समेत किसानों ने भी राहत महसूस की है.

मंडियां बंद कर विरोध दर्शाया था व्यापारियों ने
व्यापारिक संगठन दी होलसेल ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन मध्य भारत का सबसे पुराना 80 वर्ष का है. इस संगठन से मध्य भारत के हजारों की संख्या में व्यापारी जुड़े हुए हैं. इसके सचिव मोटवानी ने बताया कि करीब डेढ़ माह पूर्व केंद्र सरकार द्वारा दलहनों पर स्टॉक सीमा लागू करने के आदेश से राष्ट्रीय स्तर पर धान्य मंडियों, किसानों और व्यापारियों द्वारा तीव्र विरोध दर्शाया गया. कई स्थानों पर मंडिया इसके विरोध में बंद भी की गईं.

दाल का भाव काबू में आते ही थोक कारोबारियों को मिली बड़ी राहत
सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रमुख दालों की कीमतों में आई गिरावट को देखते हुए सरकार ने थोक कारोबारियों को राहत दी है. अब 31 अक्टूबर तक स्टाक की सीमा सिर्फ अरहर, उड़द, चना और मसूर दाल पर लागू होगी. थोक व्यापारियों के लिए स्टॉक की सीमा 500 टन होगी, लेकिन कोई भी एक दाल 200 टन से अधिक नहीं रख सकेंगे. चिल्लर विक्रेता पांच टन से ज्यादा का भंडारण नहीं कर सकेंगे. मिलों के लिए स्टॉक की सीमा छह माह का उत्पादन या 50 फीसद की स्थापित क्षमता (जो भी अधिक हो) रहेगी. 

दालों की महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने दो जून को थोक, चिल्लर व्यापारियों तथा मिलों के लिए अक्टूबर तक मूंग को छोड़कर दलहन भंडारण सीमा निर्धारित की थी. भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने सोमवार, 19 जुलाई को नया आदेश जारी कर दलहन के आयातकों के लिए भंडारण की सीमा खत्म कर दी है.

मोटवानी ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी और पीयूष गोयल को ट्वीट कर किसानों और देश के व्यापार के हित में स्टॉक सीमा सीमित करने का आदेश रद्द करने की मांग की थी. अंततः केंद्र सरकार ने व्यापारियों और किसानों की परेशानी सूनी और 19 जुलाई को अध्यादेश में सुधार कर दलहन भंडारण लिमिट में बढ़ोतरी कर राहत प्रदान की.

स्टॉक सीमा आगामी अक्टूबर तक के लिए
सरकार के नए आदेश से अब 19 जुलाई से होलसेल व्यापारी को 2000 से बढ़ा कर 5000 मैट्रिक टन, चिल्लर व्यापारी के लिए 5 मैट्रिक टन और दाल मिल के लिए छह माह का उत्पादन अथवा वार्षिक स्थापित क्षमता का 50 फीसदी, जो भी अधिक हो रख सकते हैं. यह स्टॉक सीमा आगामी अक्टूबर, 2021 तक लागू रहेगी.

दलहनों के भाव 200-250 रुपए क्विंटल बढ़ी
मोटवानी ने बताया कि सरकार का निर्णय आते ही किसानों और व्यापारियों में खुशी की लहर फैल गई. जो खरीददारी स्टॉक सीमा लगाने से बंद हो गई थी, वह शुरू होने से दलहनों के भाव 200-250 रुपए क्विंटल बढ़ी. इससे अब किसानों को फसलों की ज्यादा कीमत मिल सकेगी. समर्थन मूल्य से घटने से दलहनों की कीमत भी घट गई थी. अब किसानों की नाराजगी कम होगी. मोटवानी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पीयूष गोयल का आभार माना है.

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