अंबाझरी लेक बना जलप्रलय का खतरा, नागपुरवासी ‘इन डेंजर जोन’

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अंबाझरी लेक
अंबाझरी लेक के स्लिपवे के समीप खड़े प्रवीण महाजन. 

महाराष्ट्र जलसंपत्ति नियमन प्राधिकरण, मुंबई ने दिखाई तत्परता
प्रवीण महाजन की जागरूकता, संज्ञान लेकर जनहित याचिका (PIL) दाखिल

*विशेष रिपोर्ट,
नागपुर :
संतरा नगरी के नाम से प्रसिद्ध नागपुर शहर के मध्य में स्थित 150 वर्ष का अंबाझरी लेक अब नागपुर की 10 लाख से अधिक की आबादी के लिए खतरा बन चुका है. लेक नागपुर महानगर पालिका के अधीन है. इसके रखरखाव के प्रति लापरवाही के कारण इसकी स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि जलाशय का पानी कभी भी स्पिलवे और तटबंध तोड़ कर शहर के बड़े इलाके में जलप्रलय मचा सकता है. इसके स्पिलवे में पड़े अनेक दरारें और उनसे रिसता पानी हमेशा ही दिखाए देता है. शहर का एक बड़ा इलाका ‘डेंजर जोन’ में है.

अंबाझरी लेक
अंबाझरी लेक के हालात को प्रदर्शित करते फोटोग्राफ्स. 

लम्बे समय से आगाह करते रहे हैं प्रवीण महाजन
जागरूक नागरिक होने के नाते प्रवीण महाजन लम्बे समय से अंबाझरी लेक के बिगड़ते इन हालातों के बारे में नागपुर महानगर पालिका, जिलाधिकारी को आगाह करते चले आ रहे हैं. उन्हें शहर के इस महत्वपूर्ण स्थल से उत्पन्न खतरे के बारे में सोशल मीडिया पर भी लगातार आगाह करते रहे हैं. उन्होंने अनेक बार बताया है कि बारिश के मौसम में लेक के स्पिलवे से उफनता जल बहाव इतना जबरदस्त और तेज होता है कि आसपास की सड़कों पर भयानक मंजर प्रस्तुत हो जाता है. हजारों की संख्या में लोग इस मंजर को देखने उमड़ पड़ते हैं. बारिश में जलाशय के पानी के पड़ने वाले दवाब के कारण इस विशाल जलाशय के ओवरफ्लो से तटबंधों और स्पिलवे की दरारें फट सकती हैं. ऐसे में शहर के घंने आबादी वाले इलाके में जलप्रलय मचना अवश्यम्भावी सा हो गया है.
अंबाझरी लेक
अंबाझरी लेक के स्लिपवे से निरंतर रिसता लेक का पानी और दूसरे चित्र में स्लिपवे में पड़ी दरार. 

प्रवीण महाजन का पत्र बना जनहित याचिका
महाराष्ट्र जलसंपत्ति नियमन प्राधिकरण (Maharashtra Water Resource Regulatory Authority) ने प्रवीण महाजन के ऐसे ही एक पत्र को आधार बनाकर जनहित याचिका के रूप में उन्हें वादी बनाते हुए स्वतः संज्ञान ले लिया है. इसके साथ ही प्राधिकरण ने 28 अक्टूबर 2020 को कार्यकारी संचालक, विदर्भ पाटबंधारे (सिंचाई) विकास महामंडळ, नागपुर, आयुक्त, नागपुर महानगर पालिका, नागपुर और जिलाधिकारी नागपुर को नोटिस जारी करते हुए उन्हें इस सन्दर्भ में आगामी 23 नवंबर, 2020 तक अपना पक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.
अंबाझरी लेक
महाराष्ट्र जलसंपत्ति नियमन प्राधिकरण, मुंबई (MWRRR) का अंबाझरी लेक की दुर्दशा पर नागपुर मनपा और अन्य पक्षों को भेजा गया नोटिस. 

बॉम्बे हाईकोर्ट भी दे चुका है सुरक्षा के आदेश
उल्लेखनीय है कि अंबाझरी जलाशय के बिगड़ते हालत पर बॉम्बे हाईकोर्ट के नागपुर बेंच भी 21 मार्च, 2018 को ही एक जनहित याचिका संख्या 96 पर नागपुर महानगर पालिका और सभी सम्बंधित पक्ष को जलाशय की सुरक्षा के सभी आवश्यक कदम उठाने का आदेश जारी कर चुका है.

तटबंध और स्पिलवे का जीवनकाल समाप्ति पर  
इस जलाशय के मिट्टी के तटबंध की लम्बाई 930 मीटर और स्पिलवे की लम्बाई 140 मीटर है. जलाशय के तटबंध की ऊंचाई 11 मीटर है. इसका कैचमेंट एरिया करीब 14 किलोमीटर तक का है, जहां से जलाशय में पानी भरता है. इसके तटबंध और स्पिलवे का जीवनकाल समाप्ति पर है और यदि जल्द से जल्द इसके तटबंध और स्पिलवे को मजबूत नहीं किया गया तो यह किस प्रकार का जलप्रलय मचाएगा, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. क्योंकि इसके प्रवाह क्षेत्र में नागपुर की घनी आबादी वाले इलाके आते हैं.

जलाशय का जल प्रवाह मार्ग नाग नदी है  
चिंता का विषय यह भी है कि जलाशय के जल प्रवाह का मार्ग शहर के बीचोबीच बहने वाली नाग नदी है. जो शहर के मध्य में होने के कारण अतिक्रमण का शिकार बन संकरी होकर एक बड़े नाले के शक्ल में आ गई है. आधे शहर का कचरा इस नदी में ही प्रवाहित होता आया है. प्रत्येक वर्ष नाग नदी की सफाई पर महानगर पालिका करोड़ों रुपए खर्च करती है. लेकिन फिर भी जब अंबाझरी के स्पिलवे से बारिश के पानी का प्रवाह आरंभ होता है. तटीय और निचले इलाकों की स्थिति गंभीर हो जाती है.

अंबाझरी लेक नागपुर शहर का आभूषण है  
200 हेक्टेयर में फैला यह अंबाझरी लेक नागपुर शहर का आभूषण है. यह एक सुन्दर पर्यटन स्थल सा है. जो पर्यटन विकास की दृष्टि से भी उपेक्षित ही है. नागपुर शहर के हजारों लोग और यहां में आने वाले पर्यटक अंबाझरी लेक की उपेक्षित खूबसूरती का भी आनंद लेना नहीं भूलते. महानगर पालिक ने जलाशय के एक कोने में छोटा सा पार्क अथवा उद्यान बना रखा है. इसके विकास की बड़ी संभावनाएं हैं. पर्यटन स्थल की तरह इसका विकास किये जाने मांग भी होती रहती है. पर्यटकों के लिए सभी सुविधाएं और सुरक्षा के उपाय जरूरी हैं. तटबंध पर गैलरी,  सेफ्टी के लिए रेलिंग, स्टेयर केस, रैम्प नौकायन की सुविधा आदि पर्यटकों के आकर्षण को और बढ़ा सकते हैं. लेकिन महानगर पालिका और सरकार दोनों ही इस संभावना की ओर से उदासीन हैं.  

अंबाझरी लेक
अंबाझरी लेक के स्लिपवे के समीप बना स्वामी विवेकानंद स्मारक. 

स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा और गजानन महाराज का मंदिर है आकर्षण का केंद्र
महानगर पालिका ने इसके सौंदर्यीकरण की दिशा में एक छोटा सा एकदम जरूर उठाया है. कुछ समय पहले ही जलाशय के स्पिलवे के समीप स्वामी विवेकानद की आदमकद प्रतिमा स्थापित कर परिसर की सुंदरता बधाई है, जो एक बढ़िया आकर्षण केंद्र बन गया है. लेकिन इसके आसपास पर्यटकों की दृष्टि से सुविधाओं का अभाव है. समीप में स्थित महाराष्ट्र के महान संत गजानन महाराज के मंदिर के कारण भी यह स्थल महत्त्व का हो गया है.

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