ZP Election : नागपुर जिले में कांग्रेस का कब्जा, भाजपा को झटका

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जिला परिषद, पंचायत समिति चुनावों में अनपेक्षित परिणाम

नागपुर : राज्य में सत्ता से हाथ धोने के साथ ही जिले में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी को जोर का झटका लगा है. इस चुनाव में कांग्रेस 31 जिला परिषद (ZP) सर्किल में जीत हासिल कर सिंगल लार्जेस्ट पार्टी के रूप में उभरी है. जबकि सहयोगी एनसीपी को 10 और शिवसेना को 1 सीट पर जीत मिली. भाजपा को मात्र 15 सीटों पर संतोष करना पड़ा है.

पिछले मंगलवार, 7 जनवरी को जिला परिषद (ZP) के 58 सर्किल के लिए और पंचायत समिति की 116 सीटों के लिए मतदान हुए थे. जिला परिषद (ZP) के लिए 270 और पंचायत समिति के लिए 497 उम्मीद्वार मैदान में थे.

केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के गृह जिले में भाजपा को अनपेक्षित पराजय का मुंह देखना पड़ा है. भाजपा के इन दोनों दिग्गज नेताओं का गृह जिला होने के कारण जिला परिषद् और पंचायत समिति के ये चुनाव विशेष महत्त्व के हो गए थे.

इन चुनावों में भाजपा सभी सीटों पर चुनाव लड़रही थी. वहीं कांग्रेस और एनसीपी का गठनबंधन हुआ था. शिवसेना स्वतन्त्र रूप से मैदान में थी. राज्य की महा विकास आघाडी सरकार में जिले से कांग्रेस और एनसीपी को तीन महत्त्व के मंत्रिपद मिले हैं. इसलिए उनके लिए भी जिले के ये चुनाव प्रतिष्ठा के चुनाव बन गए थे.

प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा द्वारा जिला परिषद (ZP) और पंचायत समिति दोनों के उम्मीद्वारों के चयन में मुंह की खा गई. उसने अपने अनेक प्रभावी उम्मीद्वारों की उपेक्षा की और उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम जीत हासिल कर कांग्रेस का पक्ष मजबूत कर दिया.

इसके साथ ही एक बार फिर जिले के पूर्व पालक मंत्री भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले की विधानसभा चुनावों में उपेक्षा का परिणाम सामने आया है. भाजपा ने कामठी क्षेत्र से उन्हें उम्मीदवारी नहीं देकर पहले ही कामठी विधानसभा सीट गवां चुकी थी.

इस चुनाव में काटोल विधानसभा क्षेत्र से विजयी एनसीपी नेता और राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख के पुत्र मटपांजरा ZP सर्किल से एनसीपी के सलील देशमुख विजयी हुए हैं. वही हिंगणा तहसील के रायपुर ZP सर्किल से पूर्व मंत्री एनसीपी नेता रामह बंग के पुत्र दिनेश बंग विजयी हुए.

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