कैसे बिताए थे अमिताभ ने वे सात दिन!

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अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म "सात हिन्दुस्तानी" का एक दृश्य.

6 दिन बिना मुंह धोए लगातार शूटिंग की

मुंबई : कोई सुपरस्टार यूं ही नहीं बन जाता. अपने काम के प्रति निष्ठा और समर्पण ही किसी शख्स को इस ऊंचाई तक पहुंचाता है. अमिताभ बच्चन आज के दौर के सबसे बड़े और सर्वाधिक चमकदार एवं सम्मानित सितारे हैं. बॉलीवुड में जब उन्होंने कदम रखा था, तब ब्लैक एंड व्हाइट फ़िल्मों का ज़माना था.

अमिताभ बच्चन की पहली फ़िल्म “सात हिन्दुस्तानी” की शूटिंग गोवा में चल रही थी और मेकअप आर्टिस्ट पंढरी जुकर इस फ़िल्म के सभी कलाकारों का मेकअप कर रहे थे. अमिताभ के चेहरे पर उन्होंने दाढ़ी लगाई और अचानक उन्हें किसी जरूरी काम से 7 दिन के लिए अपने घर मुंबई जाना पड़ गया.

बॉलीवुड में 60 सालों तक मेकअप आर्टिस्ट के रूप में काम करने वाले 87 वर्षीय पंढरी जुकर बताते हैं, “तब मैंने अमिताभ को पूछा था कि अब तुम क्या करोगे, क्योंकि मैं तो गोवा में नहीं हूं. तब अमिताभ ने कहा था कि मैं इस मेकअप को संभाल कर रखूंगा.” पूरे 6 दिन अमिताभ चेहरे के नीचे पानी डालकर नहाते थे और अपने उसी लुक के साथ उन्होंने 6 दिन बिना मुंह धोए लगातार शूटिंग की.

अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म “सात हिन्दुस्तानी” का एक दृश्य. इनसेट में प्रसिद्द मेकअप आर्टिस्ट पंढरी जुकर.

वो कैसे सोता होगा? कैसे खाना खाता होगा…
पंढरी जुकर बताते हैं, “मैं जब 6 दिन बाद उनसे मिला तो वो दाढ़ी उनके चेहरे पर सही सलामात थी. वो कैसे सोता होगा? कैसे खाना खाता होगा, ये सब सोच कर मैं बहुत हैरान हुआ था. तब मैंने उसको कहा था कि तुम बहुत आगे तक जाओगे. तुम्हारा काम के लिए ये प्रेम तुम्हें एक दिन सुपरस्टार बनाएगा.”

अपनी पहली ही फिल्म से अपने काम के प्रति निष्ठा और समर्पण का परिचय देने वाले आज के सुपरस्टार, महानायक, बिग बी आदि नामों से सम्मानित हैं. अमिताभ बच्चन के बारे में सर्वविदित है कि उन्होंने अपनी अदाकारी को बुलंदियों तक पहुंचाने कभी कोई शॉर्टकट नहीं अपनाया. उनके संघर्ष के दिनों के अनेक किस्से हैं. उनमें से यह एक किस्सा सुप्रसिद्ध मेकअप आर्टिस्ट पंढरी जुकर के हवाले से ‘बीबीसी हिंदी’ ने पेश किया है.

चिकने, आकर्षक और गोरे मुखड़े वाले नायक, खलनायकों के दौर मेंनायक, खलनायकों के दौर मेंनायक, खलनायकों के दौर में एक सामान्य चेहरे और दुबली-पतली लम्बी कद-काठी वाले अमिताभ के लिए फिल्म इंडस्ट्री के तत्कालीन दौर में अपने लिए जगह बनाना आसान नहीं था. लेकिन हर एक छोटे बड़े किरदार पर पूरी शिद्दत से मेहनत करने की उनकी आदत उन्हें ऐसी ऊंची पर पहुंचा गई हैं, जिसकी कल्पना भी शायद उन्होंने कभी नहीं की होगी.

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