‘लालू लीला’ के विमोचन के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल

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राजद प्रमुख के बचाव में सुशील मोदी के खिलाफ घोर नाराजगी प्रकट कर रहे पार्टी नेता

सीमा सिन्हा,
पटना :
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की किताब ‘लालू लीला’ का आज गुरुवार, 12 अक्टूबर को पटना में विमोचन हुआ. इसके साथ ही बिहार की राजनीति में मानो भूचाल सा आ गया है. राजद ने किताब को झूठ का पुलिंदा करार दिया है. राजद ने कहा है कि इस किताब का नाम ‘सुशील की साजिश’ होना चाहिए.

मोदी की इस पुस्तक पर लालूजी के पुत्र और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की टिप्पणी अभी नहीं आई है, लेकिन राजद के अन्य नेता लालू प्रसाद यादव के बचाव में उतर आए हैं.

राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी, सांसद जय प्रकाश नारायण यादव, विधायक भाई विरेंद्र, प्रवक्ता चितरंजन गगन एवं आभालता समेत कई नेताओं ने सुशील मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. जय प्रकाश यादव ने लालू प्रसाद को गरीबों का मसीहा बताया और कहा कि उन्होंने सांप्रदायिक ताकतों का हमेशा मुंहतोड़ जवाब दिया. शिवानंद तिवारी ने किताब को झूठ से भरा बताया और कहा कि इसका बिहार की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

लालू लीला में क्या है?
प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित लगभग 200 पृष्ठों की ‘लालू लीला’ में लालू और उनके परिवार के सदस्यों के कथित बेनामी भूखंड और लेनदेन का ब्योरा शामिल है. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पिछली महागठबंधन सरकार में आरजेडी और कांग्रेस भी शामिल थी. इस दौरान सुशील मोदी ने करीब 40 प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लालू और उनके परिवार की कथित बेनामी संपत्तियों का खुलासा किया था. इन्हीं खुलासों को लालू लीला में संकलित किया गया है.

सुशील मोदी ने गुरुवार को ‘लालू-लीला’ विमोचन करते हुए आरोप लगाया कि लालू परिवार आज भी 141 भूखंड, 30 फ्लैट और आधा दर्जन से ज्यादा मकानों का मालिक है. बिहार के उप मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ऐसा कहा जाता है कि कुछ लोग जेल जाने के बाद सुधर जाते हैं. हालांकि कुछ लोग कभी नहीं सुधरते हैं. चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद भी लालूजी नहीं रुके. लालू फैमिली 141 प्लॉट, 30 फ्लैट और आधा दर्जन से ज्यादा मकानों की मालिक है.’

पटना के विद्यापति भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, राधा मोहन सिंह एवं गिरिराज सिंह के अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, राज्य सरकार में मंत्री नंद किशोर यादव तथा श्रवण कुमार भी शामिल हुए.

दूसरी ओर, राजद की सहयोगी पार्टी ‘हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सुशील मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर लालूजी के नाम पर किसी का खाना-दाना चल रहा है तो वह उसकी पूजा करेगा ही. सुशील सुबह-शाम लालू जी की आरती उतारें.

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