नागपुर सहित पूरे विदर्भ में कांग्रेस के भारत बंद का मिलाजुला असर

0
811
नागपुर में भारत बंद को लेकर शहर कांग्रेस की रैलियों का दृश्य.

आधे दिन बाद बाजारों में लौटी रौनक, विपक्ष ने दिया समर्थन, पर नजर नहीं आए विपक्षी

नागपुर : पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि और कथित राफेल घोटाले को लेकर कांग्रेस के भारत बंद के आह्वान पर नागपुर सहित पूरे विदर्भ में मिलाजुला असर दिखाई दिया. नागपुर शहर सहित पूरे विदर्भ में शहर बस सेवा और एसटी बस सेवा पर भी बंद का प्रभाव नजर आया. तान्हा पोला के कारण और नागपुर में परम्परागत सालाना मारबत जुलूस का दिन होने के कारण उसकी अलग ही धूम रहती है. ऐसे में पूरे विदर्भ में बंद की सफलता पर पहले से ही संदेह व्यक्त किया जा रहा था.

शहरी क्षेत्रों में सुबह में बंद के दौरान तोड़फोड़ की आशंका से व्यस्त व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान आधे दिन तक बंद रहे. लेकिन बाद में दुकानें खुलनी शुरू हो गईं. शहरी क्षेत्र के बाहरी महामार्गों पर अन्य दिनों की अपेक्षा अपराह्न तक सन्नाटा ही छाया रहा. यात्री बसों का आवागमन सीमित रहा.

विपक्ष का समर्थन मिला, पर विपक्षी नजर नहीं आए
नागपुर के इतवारी, सीए रोड, सीताबर्डी, धरमपेठ, महल, सक्करदरा के व्यावसायिक इलाकों में सुबह से लेकर दोपहर तक बहुत कम दुकानें खुली नजर आईं, लेकिन दोपहर बाद कुछ दुकानें और खुलीं. शहर के लगभग सभी पेट्रोल पम्पों पर अन्य दिनों की तरह सामान्य भीड़ बनी रही. सभी स्कूल खुले थे. लेकिन विद्यार्थियों की उपस्थिति कम बताई गई. कांग्रेस के बंद को विपक्षी दलों का समर्थन तो मिला, लेकिन विपक्षी दलों के नेता कहीं दिखाई नहीं दिए. शहर के व्यवसायिक संगठनों की ओर से बंद के संबंध में कोई सक्रियता अथवा समर्थन देने जैसे स्वर सुनाई नहीं दिया. बताया गया कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, समाजवादी पार्टी, शेतकरी कामगार पक्ष आदि ने बंद का समर्थन किया था.

नागपुर में कांग्रेस नेताओं की सक्रियता
शहर कांग्रेस मुख्यालय देवड़िया भवन से प्रातः 10 बजे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि और राफेल घोटाले को लेकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन शुरू किया गया. इसमें शहराध्यक्ष विकास ठाकरे के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री विलास मुत्तेमवार,वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक, राज्य मंत्री नितिन राऊत और शहर के अन्य नेताओं के साथ महिला कांग्रेस की नेता और कार्यकर्ता शामिल थे. कांग्रेस के झंडे और बंद को लेकर बनाए गए बैनर के साथ सभी नारेबाजी करते हुए मोर्चे के रूप में एकत्र हुए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापारियों से बंद में शामिल होने की अपील की. शहराध्यक्ष विकास ठाकरे अपने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बाइक और स्कूटरों पर भी नारों के साथ पार्टी के झंडे के साथ रैली करते नजर आए.

विदर्भ के अन्य जिलों में भी बंद का मिश्र असर
यवतमाल शहर और जिले के कुछ तहसीलों प्राप्त समाचार के अनुसार बंद का प्रभाव संमिश्र रहा. गढ़चिरोली जिले के आष्टी में बंद को पूरी सफलता मिलाने समाचार हैं. अमरावती से मिली खबर में बताया गया कि शहर के इतवारा, जयस्तंभ चौक क्षेत्र में अनेक दुकानें बंद रहीं, बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद के दिन वैसे भी ग्राहकी कम रहे की दृष्टि से छुट्टी मनाना ही बेहतर समझते हैं. आठ शहर के अनेक बड़े प्रतिष्ठानों में कामकाज थप ही देखा गया. दोपहर बाद छोटी दुकानों के खुलने से बाजार खेत्र में सामान्य दिनों की तरह ही रौनक नजर आई. तहसील क्षेत्रों में बंद का असर मिलाजुला रहा. चंद्रपुर जिले के कोरपना में बंद का भरपूर असर रहने का समाचार है. भंडारा और गोंदिया जिलों में भी बंद का असर सामान्य ही रहा.

NO COMMENTS