धुपताला खुली कोयला खदान का शुभारंभ किया तीन केन्द्रीय मंत्रियों ने

0
550
धुपताला
वेकोलि के बल्लारपुर क्षेत्र के धुपताला खुली खदान के वर्चुअल उदघाटन समारोह में केंद्रीय मंत्रीगण, कोयला मंत्रालय के सचिव, डॉ. अनिल कुमार जैन एवं कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल.

प्रोजेक्ट पर 720.87 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा

नागपुर : वेस्टर्न कोलफील्ड्स लि. द्वारा आयोजित वर्चुअल उदघाटन समारोह में केंद्रीय संसदीय, कोयला और खान  मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं कोयला, रेल और खान राज्यमंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने मंगलवार, 29 मार्च को वेकोलि के बल्लारपुर क्षेत्र के धुपताला खुली खदान का उदघाटन किया.

कार्यक्रम के प्रारम्भ में वेकोलि के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) मनोज कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया. उन्होंने अतिथियों को परियोजना से अवगत कराते हुए कहा कि धुपताला खुली खदान के शुरू होने से कोयला उत्पादन बढ़ने के साथ ही क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे. उन्होंने बताया की इस प्रोजेक्ट से सीधे तौर पर 795 भू-आश्रितों को रोजगार प्राप्त होगा. साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से परिवहन एवं अन्य व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों परिवारों को व्यवसाय बढ़ने से आर्थिक लाभ मिलेगा.

धुपताला खुली खदान से जुड़ी संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए सीएमडी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट करीब 26 साल चलेगा. इस परियोजना से 2.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष कोयला प्राप्त होगा और इस प्रोजेक्ट पर 720.87 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा. उन्होंने आगे बताया की इस कोस्ट प्लस प्रोजेक्ट से जुड़ने से MAHAGENCO को 0.68 मिलियन टन प्रति वर्ष, MPPGCL को 1.04 मिलियन टन प्रति वर्ष और NTPC को 0.43 मिलियन टन प्रति वर्ष कोयले की आपूर्ति संभव होगी.

मुंगोली खुली खदान में फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी की रखी आधारशिला
इसी वर्चुअल समारोह में, खदान के उदघाटन के साथ ही केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, नितिन गडकरी तथा राज्यमंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने वणी क्षेत्र के मुंगोली खुली खदान में फर्स्ट माईल कनेक्टिविटी की आधारशिला रखी.

इस फर्स्ट माईल कनेक्टिविटी के माध्यम से कोयला प्रेषण के लिए, रेलवे साइडिंग एवं कोल हेंडलिंग प्लांट को सीधा जोड़ा जाएगा. इससे सड़क मार्ग से कोयला ढुलाई में औसतन 12 किलोमीटर की कमी आएगी, जिससे कोयले का परिवहन सरल, सुगम, सुरक्षित और इको फ्रेंडली होगा. इस परियोजना पर 470.92 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा.

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि देश की कोयला आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए यह आवश्यक है कि कोल इंडिया लिमिटेड की सभी अनुषंगी कंपनियां अपना वार्षिक लक्ष्य पूर्ण करें. उन्होंने आह्वान किया के भविष्य में बढ़ती कोयला मांग को देखते हुए सभी कोयला कंपनियाँ स्वयं को उस चुनौती के लिए तैयार रखें. कोल गैसीफिकेशन को आवश्यक बताते हुए, उन्होंने उस पर बल देने का आग्रह किया.

विशिष्ट अतिथि के तौर पर संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से कोयला खनन के नए प्रोजेक्ट शुरू होना आवश्यक है. उन्होंने इस कार्य में तेजी लाने को कहा. उन्होंने आगे भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण एवं फॉरेस्ट क्लीयरेंस, नई तकनीक का इस्तेमाल आदि विषयों पर जोर देने की बात पर बल दिया.

राज्यमंत्री दानवे ने विशिष्ट अतिथि के रूप में वेकोलि को शुभकामनाएं दी एवं विश्वास जताया कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने में वेकोलि अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. कार्यक्रम में कोयला मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव, डॉ. अनिल कुमार जैन एवं कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल विशेष तौर पर जुड़े.

कोयला सचिव डॉ. अनिल कुमार जैन ने अपने संबोधन में कहा कि वेकोलि में यह पूंजी निवेश का एक महत्वपूर्ण कदम है. वेकोलि प्रबंधन ने अपने आसपास के उपभोक्ताओं से बात करके सुलभ और कम कीमत पर कोयला उपलब्ध करवाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. उन्होंने वेकोलि के भूमिगत खदानों में उपलब्ध कोयले के गुणवत्ता को उत्कृष्ट बताया.

अपने संबोधन में कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने कहा कि वेकोलि से देश में सभी जगह कोयला परिवहन सहज और सरल है. उन्होंने फर्स्ट माईल कनेक्टिविटी  को देश की एक महत्वाकांक्षी परियोजना बताया.

कार्यक्रम में  महाराष्ट्र सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण, आपदा प्रबंधन राहत और पुनर्वास मंत्री विजय वाडेट्टीवार, यवतमाल के पालक मंत्री संदीपन राव भुमरे, राज्यसभा सांसद डॉ. विकास महात्मे, सांसद कृपाल तुमाने, सांसद सुरेश धनोरकर, विधायक किशोर जोरगेवार, विधायक संजीव रेड्डी बोडकुरवार, विधायक सुधीर मुंगटीवार, विधायक सुभाष धोटे भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े.

वेकोलि के निदेशक गण, मुख्य सतर्कता अधिकारी, संचालन समिति, वेलफेयर और सेफ्टी बोर्ड के सदस्य गण, महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी मात्र में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए. इस कार्यक्रम को वेबेक्स एवं यूट्यूब पर लाइव प्रसारित किया गया, जिसे दर्शकों ने लाइव देखा.

गौरतलब है कि वेकोलि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूर्ण करने में अहम भूमिका अदा करती है. बल्लारपुर क्षेत्र के धुपताला खुली खदान के शुभारंभ एवं मुंगोली खुली खदान में फर्स्ट माईल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट से वेकोलि के कार्य क्षमता में वृद्धि होगी एवं कोयला उत्पादन और प्रेषण में तेजी आएगी।

NO COMMENTS