उत्तम गलवा स्टील कंपनी में कर्मचारी की दुर्घटना में मौत

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उत्तम गलवा

कन्वेयर बेल्ट के नीचे गिरकर मटेरियल से दब गया था, सहकर्मियों ने की मुआवजे की मांग

 
*आश्विन शाह- 
वर्धा (महाराष्ट्र) : निकट के भुगांव स्थित स्टील कंपनी उत्तम गलवा के एक ऑपरेटर की सोमवार की सुबह करीब 5 बजे प्लांट के एमएनडी क्षेत्र में कन्वेयर बेल्ट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई. सहकर्मियों ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए सेवाग्राम स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया. 

मृतक की पहचान भंडारा निवासी कमलेश गजभिये के रूप में हुई है. वह पिछले दस साल से भुगांव के उत्तम गलवा स्टील कंपनी में ठेकेदार के अधीन ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था. हमेशा की तरह वह एमएनडी के सेंटर प्लांट में रात में अकेले मिक्सिंग एंड न्यूट्रलाइजिंग ड्रम विभाग में नाइट ड्यूटी पर था. काम करते वक्त वह इसी बीच अचानक नीचे कन्वेयर बेल्ट में गिर गया और उसके ऊपर बेल्ट पर लदे धातु (मटेरियल) भी गिर गए. जिससे मटेरियल से दब कर उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
 
सहकर्मियों ने बताया कि प्लांट के दूसरे सेक्शन में मटेरियल नहीं पहुंच पाने पर वहां के ऑपरेटरों ने जब छानबीन शुरू की तब पता चल पाया कि कमलेश कन्वेयर बेल्ट के नीचे मटेरियल्स से दबा हुआ है. कन्वेयर बेल्ट रोक कर मटेरियल हटाया गया और कमलेश को जब निकाला गया, तब पता चला कि उसकी जान जा चुकी थी. सहकर्मियों ने उसके शव को सेवाग्राम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. तब तक न तो कोई पुलिस अधिकारी, और न ही कंपनी का कोई अधिकारी वहां पहुंचा था. न ही ठेकेदार वहां पहुंचा था. 

घटना की जानकारी स्थानीय सहकर्मियों को काफी देर बाद हुई. उन्होंने हल्ला मचाया और संबंधित विभाग के कर्मचारियों ने आकर मशीन को बंद किया. फिर कन्वेयर बेल्ट के नीचे मटेरियल से दबे कमलेश के शव को निकालने में आधा घंटा लग गया. उसे पोस्टमार्टम के लिए सेवाग्राम अस्पताल ले जाया गया.

इस घटना से उत्तम गलवा स्थित स्टील कंपनी में कर्मचारियों की सुरक्षा के मामले में गैर जवाबदेही और लापरवाही के साथ नियमों का उल्लंघन भी सामने आया है. इस घटना से श्रमिकों में आक्रोश फैल गया है. वे सुरक्षा उपकरणों और बार-बार तकनीकी खराबी को लेकर आक्रोशित हैं. साथ ही कंपनी के किसी जिम्मेदार अधिकारी के दुर्घटना की खबर मिलने के बाद भी नहीं पहुंचने से कर्मचारियों को दुःख पहुंचा है. 

पता चला कि कंपनी ऐसे संवेदनशील प्लांट में जहां दो से ज्यादा लोगों की जरूरत होती है, वहां सिर्फ एक को ही नियुक्त किया जाता है. कर्मचारियों की कंपनी द्वारा सीधे नियुक्त नहीं कर ठेकेदार के माध्यम से कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं. अब मृतक कर्मचारी के परिजनों को मुआवजे के लिए कंपनी प्रबंधन से विचार करने की मांग की जा रही है. चूंकि वहां के सभी कर्मचारी ठेकेदार के अधीन हैं, अतः समझा जा रहा है कि ठेकेदार ही मुआवजा देगा. लोगों को इस बात से आश्चर्य है कि कंपनी के निदेशक मंडल ने इस मामले पर विचार नहीं किया. सभी कर्मचारियों ने मृतक के परिवार के लिए आर्थिक मदद की मांग की है

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