बुद्धिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के नाम पर धोखाधड़ी

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पति-पत्नी और बेटी की करोड़ों की संपत्ति ईडी ने की जब्त

*सीमा सिन्हा-
पटना (बिहार):
बुद्धिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के नाम पर धोखाधड़ी करनेवाले पति-पत्नी और उनकी बेटी की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जब्त कर लिया है. इनपर मेडिकल कॉलेज की सदस्यता दिलाने के नाम पर ठगी का है आरोप है. इन लोगों के पटना में फ्लैट के अलावा सासाराम स्थित 13 प्लॉट को जब्त किया गया है. इसकी कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक है.

इससे पूर्व धोखाधड़ी से संबंधित एक केस पति-पत्नी के खिलाफ पटना के शास्त्रीनगर थाना में दर्ज की गई थी. बाद में मनी लाउंड्रिंग की बात सामने आई. मनी लाउंड्रिंग का केस दर्ज करने के बाद ईडी ने इसकी जांच शुरू की. इस दौरान पति-पत्नी के अलावा उनकी बेटी लिप्सा कुमार के नाम पर कई संपित्तयों का पता चला. पटना के विंध्य अंबिका अपार्टमेंट में इनका एक फ्लैट भी है. इसके अलावा सासाराम में 13 प्लॉट और बेटी के नाम पर बैंक खातों जमा रकम को जब्त कर लिया है. इसमें सीता देवी के नाम पर पटना में 74.4 लाख रुपए का एक फ्लैट और 23.71 लाख रुपए के 13 भूखंड सासाराम में हैं. इसके अलावा 13 बैंक खाते में कुल 56,785 रुपए तथा 5 एलआईसी बीमा पॉलिसी भी हैं. किनका सरेंडर वैल्यू 2.87 लाख रुपए हैं.

ईडी के मुताबिक बुद्धिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार और सचिव सीता कुमारी (दोनों पति-पत्नी) पर मेडिकल कॉलेज की सदस्यता दिलाने का लालच देकर निवेशकों के साथ ठगी करने का आरोप लगाया गया है.

ट्रस्ट के द्वारा मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर और उसमें आजीवन सदस्य बनाने के नाम पर ठगी की गई. लोगों से इस नाम पर जो रुपए लिए गए उससे कई संपत्ति खरीदी गई.

ईडी के मुताबिक बुद्धिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, उनकी पत्नी सीता कुमारी और बेटी लिप्सा कुमार से संबंधित हैं. बयान के मुताबिक जांच में पाया गया कि आरोपियों ने ट्रस्ट के अन्य सदस्यों को झूठा आश्वासन दिया कि ट्रस्ट एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने जा रहा है और दान देने वालों को इसमें आजीवन सदस्यता दी जाएगी. इसके मुताबिक, लालच देकर आरोपियों ने सदस्यों से भारी राशि एकत्र की और बाद में ट्रस्ट के बैंक खाते से रकम को निजी खातों में स्थानांतरित किया गया.

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