बड़ा खुलासा : आतंकियों का अकेला मददगार नहीं है देविंदर सिंह

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देविंदर सिंह

श्रीनगर :  जम्मू-कश्मीर पुलिस में पाकिस्तानी आतंकवादियों की मदद करने वाला अकेले नहीं है बर्खास्‍त डीएसपी देविंदर सिंह. पुलिस पूछताछ में उसने बड़ा खुलासा किया है. उसने बताया है कि पुलिस बल में तैनात एक और वरिष्‍ठ अधिकारी आतंकवादियों के लिए काम कर रहा है.

इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने देविंदर सिंह से जम्मू-कश्मीर पुलिस का सर्वोच्च वीरता पदक “शेरे-ए-कश्मीर” छीन लिया है. यह पदक उसे 2018 में आतंकवादियों के विरुद्ध कार्रवाई में मिला था. 

बता दें कि डीएसपी देविंदर सिंह को हिज्‍बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को अपनी कार में जम्‍मू ले जाते हुए गत 11 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था. जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के सूत्रों के अनुसार देविंदर सिंह को आतंकवादियों को जम्‍मू ले जाने के लिए 10 लाख रुपए दिए गए थे. उन्‍होंने कहा, ‘सिंह ने दावा किया है कि एक और वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी आतंकवादियों के साथ मिलकर काम कर रहा है. जांचकर्ताओं ने कहा है कि हम इसकी पुष्टि करेंगे, क्‍योंकि जांच को भटकाने का एक प्रयास भी हो सकता है.’

सूत्रों ने कहा कि पूछ-ताछ में देविंदर सिंह ने कबूल किया कि उसने आतंकवादियों की मदद कर बहुत बड़ी गलती की है. उसको अब इस बात का पछतावा हो रहा है कि उसने आतंकवादियों की मदद करके ‘बड़ी गलती की है.’

नवीद बाबू को जम्‍मू ले गया था देविंदर
सूत्रों ने बताया था कि पिछले साल सिंह ने पिछले साल भी हिज्‍बुल के आतंकवादी नवीद बाबू को जम्‍मू ले गया था. सूत्रों ने कहा, ‘नवीद ने सिंह को 8 लाख रुपए दिए थे और वह दो महीने तक जम्‍मू में रहा था. 11 जनवरी को जब सिंह को नवीद बाबू और एक अन्‍य आतंकवादी के साथ पकड़ा गया था, तब उसने दावा किया था कि दोनों ही लोग आत्‍मसमर्पण करने वाले थे. जांचकर्ताओं ने कहा है कि देविंदर सिंह झूठ बोल रहा है.’

इतना ही नहीं, यह भी बताया जा रहा है कि देविंदर सिंह हिज्‍बुल के रफी नामक आतंकी के संपर्क में भी था, जो लोगों को पाकिस्‍तान ले जाया करता था. सूत्रों ने बताया कि जल्द ही एनआईए की टीम श्रीनगर पहुंच रही है और वह देविंदर सिंह को लेकर दिल्‍ली जाएगी जहां उससे पूछताछ होगी.

पुलवामा के त्राल का निवासी है देविंदर सिंह
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि देविंदर सिंह का ड्रग्‍स माफिया से गहरा संबंध था. देविंदर सिंह पुलवामा के त्राल का रहने वाला है. यह वही इलाका है, जो हिज्‍बुल मुजाहिदीन का गढ़ माना जाता है. आतंकी बुरहान वानी और जाकिर मूसा इसी इलाके के रहने वाले हैं. त्राल में देविंदर सिंह की पैतृक संपत्ति भी है. उसका एक घर जम्‍मू में भी है. सिंह के परिवार में पत्‍नी और दो बच्‍चे हैं. उसकी एक बेटी बांग्‍लादेश से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है. सिंह का बेटा श्रीनगर में पढ़ाई करता है.

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