मुंबई पुलिस ने सुशांत केस में क्या कहा सुप्रीम कोर्ट में..?

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मुंबई पुलिस

नई दिल्ली : मुंबई पुलिस ने सुशांत सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है. जवाब में कहा है कि सीबीआई को बिहार सरकार की सिफारिश पर एफआईआर दर्ज नहीं करनी चाहिए थी. उसने सुशांत सिंह राजपूत मामले में शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में कहा है.

सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल अपने जवाब में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा है “इस मामले में मौजूदा तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, एफआईआर को जीरो एफआईआर के तौर पर बांद्रा पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित किया जाना चाहिए.” इस जवाब में आगे कहा गया है कि अब तक इस मामले में मुंबई पुलिस की तरफ से निष्पक्ष, उचित और पेशेवर तरीके से जांच की गई है और आगे भी की जाएगी.

मुंबई पुलिस ने बताया, “अब तक इस मामले में मुंबई पुलिस ने 56 लोगों के बयान दर्ज किए हैं और हर एंगल से मौत के संभावित कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है.”

सुप्रीम कोर्ट ने पांच अगस्त को कहा था –
पिछले 5 अगस्त को ही सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच सीबीआई से कराने की बिहार सरकार की सिफारिश मान ली है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि “इस मामले में एक पार्टी मुंबई पुलिस से जांच चाहती है और दूसरी पार्टी बिहार पुलिस से. केंद्र सिर्फ इस मामले की जांच चाहता है ताकि कोई सबूत नष्ट न हो.”

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के पुलिस अधिकारी को क्वारंटीन करने के लिए मुंबई पुलिस की आलोचना की और कहा कि ये सही संदेश नहीं देता है.

इसके बाद मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस रॉय ने कहा, “एक प्रतिभाशाली अभिनेता की दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति में मौत हो गई. कोर्ट इस मामले में महाराष्ट्र सरकार का पक्ष जानना चाहती है.” जस्टिस रॉय ने महाराष्ट्र पुलिस से हलफनामा दायर कर यह बताने को कहा था कि उन्होंने जांच में प्रोफेशनल तरीके से काम किया है. उन्होंने ने कहा कि “ये सबके हित में है कि इस मामले में सच सामने आए.”

शीर्ष अदालत ने इस मामले में रिया चक्रवर्ती के वकील श्याम दीवान, सुशांत सिंह राजपूत के पिता के वकील विकास सिंह और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनकर कहा कि सभी पक्षों को सुनने के बाद वे ये निर्देश दे रहे हैं कि तीन दिन के अंदर सभी पक्ष अपना जवाब दें, जिसके तहत मुंबई पुलिस ने अपना यह जवाब दिया है. कोर्ट ने 5 अगस्त से एक सप्ताह बाद फिर इस मामले की सुनवाई की तारीख तय की है.

 

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