हाफिज सईद को टेरर फंडिंग केस में 5 साल की सजा

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हाफिज सईद

JUD सरगना को बीते साल जुलाई में गिरफ्तार किया गया था

नई दिल्ली : मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड जमात-उद-दावा (JUD) के सरगनाहाफिज सईद को पाकिस्तान की एक कोर्ट ने सजा टेरर फंडिंग केस में 5 साल कैद की सजा सुनाई है. लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत (ATC) लाहौर के न्यायाधीश अरशद हुसैन भुट्टा ने आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने के दो मामलों में जमात उद दावा के प्रमुख के खिलाफ फैसले को उससे पहले 8 फरवरी के लिए सुरक्षित रख लिया था.

पिछले हफ्ते ATC ने प्रतिबंधित JUD के सरगना व 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खिलाफ आतंकवादी फंडिंग से जुड़े दो मामलों में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. ये मामले आतंकवाद रोधी विभाग (CTD) की लाहौर और गुजरांवाला शाखाओं की ओर से दाखिल किए गए हैं.

CTD के गुजरांवाला चैप्टर की ओर से दायर किए गए मामले की शुरुआत में गुजरांवाला ATC में सुनवाई हुई, लेकिन लाहौर हाई कोर्ट के निर्देशों पर इसे लाहौर शिफ्ट कर दिया गया. दोनों मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 23 गवाहों के बयान दर्ज किए.

JUD सरगना को बीते साल जुलाई में CTD द्वारा गिरफ्तार किया गया था. उसकी गिरफ्तारी से पहले JUD नेताओं के खिलाफ 23 प्राथमिकी CTD पुलिस स्टेशन लाहौर, गुजरांवाला, मुल्तान, फैसलाबाद व सरगोधा में जुलाई 2019 में दर्ज की गई. इनमें सईद और जेयूडी का एक अन्य प्रमुख आतंकी अब्दुल रहमान मक्की शामिल हैं. डॉन न्यूज के मुताबिक, CTD ने कहा है कि JUD गैर-लाभकारी संगठनों और ट्रस्टों के माध्यम से एकत्र किए गए भारी धन से आतंकवाद का फंडिंग कर रहा था.

8 फरवरी को सुनवाई के बाद अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि ATC न्यायाधीश ने हाफिज सईद के आवेदन पर गौर किया, जिसमें उसने अपने खिलाफ आतंकवाद के लिए धन मुहैया कराने के सभी मामलों को मिलाने और मुकदमा पूरा होने के बाद फैसला सुनाने की अपील की थी.

अधिकारी के अनुसार उप अभियोजक ने सईद की याचिका का विरोध किया और तर्क दिया कि उसके खिलाफ दो मामलों में मुकदमा पहले ही पूरा हो चुका है और अदालत कानून के तहत फैसला सुना सकती है. हालांकि अदालत ने सईद की याचिका पर जिरह के लिए अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों दोनों को नोटिस जारी कर सुनवाई टाल दी थी. सईद को कड़ी सुरक्षा के बीच ATC के समक्ष पेश किया गया.
 

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