थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए नेट टेस्टेड रक्त की जरूरत

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थैलेसीमिया
कार्यक्रम में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को पुरस्कृत करते डॉ. विंकी रुघवानी, साथ में प्रताप मोटवानी और अन्य अतिथिगण.

नागपुर : विश्व थैलेसीमिया दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सरकार से मांग की गई कि इस अनुवांशिक रक्त दोष से पीड़ित बच्चों के लिए सरकार नेट टेस्टेड ब्लड (रक्त) की उपलब्धता सुनिश्चित करे. थैलेसीमिया सोसायटी ऑफ सेन्ट्रल इंडिया द्वारा संचालित थैलेसीमिया ऐंड सिकलसेल सेंटर ने यह कार्यक्रम आयोजित किया था.

थैलेसीमिया और सिकलसेल पीड़ितों को दिव्यांगों का दर्जा
इस अवसर पर सोसायटी के संचालक डॉ. विंकी रुघवानी बताया की सरकार ने थैलेसीमिया और सिकलसेल पीड़ितों को दिव्यांगों का दर्जा प्रदान किया है, उन्हें अब वह सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो दिव्यांगों के लिए सरकार ने सुनिश्चित किया हुआ है. साथ ही उनकी तरह का प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने पीड़ितों को मिलने वाली तमाम शासकीय सुविधाओं और उन दवाओं की भी जानकारी दी, जो इन रोगों से पीड़ितों के लिए जरूरी है.

थैलेसीमिया
कार्यक्रम में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के साथ डॉ. विंकी रुघवानी, प्रताप मोटवानी और अन्य अतिथिगण.

हिपेटाइटिस और एचआईवी जैसे रोगों के संक्रमण से बचाना जरूरी
डॉ. रुघवानी ने बताया कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को सरकार की ओर से सभी ब्लड बैंकों से नियमित रूप से निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पीड़ितों को हिपेटाइटिस और एचआईवी जैसे रोगों के संक्रमण से बचाने के लिए नेट टेस्टेड ब्लड (रक्त) की जरूरत है. डॉ. रुघवानी ने सरकार से मांग की कि पीड़ितों को नेट टेस्टेड ब्लड उपलब्ध कराया जाए.

शादी के पूर्व वर-वधु को रक्त जांच कराना चाहिए
कार्यक्रम में सोसायटी के उपाध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने कहा कि यह अनुवांशिक रक्त दोष से उत्पन्न रोग है, जो बच्चों में माता-पिता से मिलता है. इसलिए यह जरूरी है कि विवाह से पूर्व वर और वधु को अपने-अपने रक्त की जांच करा लेनी चाहिए. उन्होंने स्कूलों में भी थैलेसीमिया और सिकलसेल से संबंधित रक्त-जांच कराने की व्यवस्था हो नई चाहिए.

इस अवसर पर सीआरसी, नागपुर के जे. इसाक ने पीड़ितों को थैलेसीमिया और सिकलसेल पीड़ित बच्चों को सरकार की ओर से दिए जाने वाले प्रमाण पत्र की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी. कार्यक्रम के दौरान थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों द्वारा हाल की परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त होने पर उनका स्वागत किया गया.

कार्यक्रम में पीड़ित बच्चों ने अनेक एक से बढ़ कर एक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया. उपस्थित लोगों ने उनकी प्रस्तुति का खुलकर आनंद लिया. कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों में कु. अलिश अतारी, मोईद खान, जस्टिन एक्का, तेजस्विनी उमाले, कृष्णा सूचक, उदय बत्रा, आदित्य जगनाडे और किमिया ढेंगे शामिल थे.

कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. जयप्रकाश, डॉ. उषा इसादास, डॉ. आशा रामतानी, विक्की दात्रे, राहुल गजभिये आदि ने अथक परिश्रम किया.

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