फर्जी बीज बेचने वालों की खैर नहीं – डॉ. इटनकर

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खरीफ मौसम के लिए प्रत्येक बीज बैग और पैकेट पर लगाए गए क्यूआर कोड. इनसेट में कलेक्टर डॉ. इटनकर

खरीफ मौसम के लिए  प्रत्येक बीज बैग और पैकेट पर लगाया गया है क्यूआर कोड 

नागपुर :  कृषि विभाग द्वारा विभिन्न टीमों के माध्यम से इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि फर्जी कंपनियों के माध्यम से किसानों को बीज एवं खाद में किसी प्रकार का नुकसान न हो. कलेक्टर डॉ. विपिन  इटनकर ने निर्देश दिए हैं कि किसानों को बीज एवं अन्य सामग्री बेचने वाले पेशेवर भी अधिक सावधान रहें तथा यह सुनिश्चित करें कि उनके प्रतिष्ठान के माध्यम से कोई फर्जी बीज या फर्जी कृषि सामग्री न बेची जाए. 

वे समाहरणालय स्थित भट्ट भवन सभागार में आयोजित खरीफ मौसम के लिए बीज एवं अन्य सामग्रियों की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे. इस अवसर पर जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रवीन्द्र मनोहरे, महाबीज के जिला प्रबंधक गणेश चिरुतकर, राष्ट्रीय बीज निगम के प्रभागीय प्रबंधक नितिन मोरानिया,  ज्ञानेश्वर तसरे, जिला परिषद कृषि मिशन अधिकारी जयंत कौतकर, डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष पद्मावर और अन्य व्यापारी मौजूद थे. 

कलेक्टर डॉ. इटनकर ने कहा कि किसानों को बीज के मामले में धोखा न मिले, इसके लिए सरकार ने प्रत्येक बीज बैग और पैकेट पर क्यूआर कोड लगाकर उसे प्रमाणित कर दिया है. हर जगह ख्याल रखा गया है. हमारे जिले में सोयाबीन, कपास और धान खरीफ मौसम की प्रमुख फसल है. उन्होंने कहा कि मांग को देखते हुए तीनों प्रकार के बीज एवं अन्य कृषि आदान प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं. किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है. कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि वे स्वयं बीज खरीदते समय सावधानी बरतें. 

सभा में बताया गया कि कुछ व्यापारी अपने फायदे के लिए किसानों को गुमराह करने और फर्जी बीज बेचने की कोशिश करते हैं. पिछले साल 72 व्यापारियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है. एहतियात के तौर पर इस वर्ष भी जिले में लगभग 42 टीमों को मोबाइल आधार पर जांच के काम पर रखा गया है. यदि कहीं भी फर्जी बीज बेचा जा रहा हो, अथवा प्रमाणित बी.टी. भारत में प्रतिबंधित कपास के बीजों के स्थान पर एच.टी.बी.टी. तरह का बीज बेचेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह चेतावनी कलेक्टर  डॉ. विपीन इटानकर ने दिया. 

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