संविधान का पालन कर ही देश आगे बढ़ रहा है : फड़णवीस

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62वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिन पर भारी संख्या में देश-विदेश के लोग हुए शामिल

नागपुर : 62वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिन पर परमपूज्य डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति की और से दीक्षा भूमि पर आयोजित प्रमुख कार्यक्रम में आज गुरुवार की शाम मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के प्रति आदरांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश बाबा साहब द्वारा निर्मित संविधान के निर्देशों का पालन कर ही प्रगति मार्ग पर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने इस अवसर पर अपनी सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के लिए किए जा रहे कार्यों का ब्यौरा दिया.

इस कार्यक्रम में पूरे राज्य और आस-पास के राज्यों तथा विदेश से आए भारी संख्या में नागरिक उपस्थित थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई ने की. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और रामदास आठवले के साथ राज्य के ऊर्जा मंत्री और नागपुर जिले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, सामाजिक न्यायमंत्री राजकुमार बडोले, महापौर नंदा जिचकार आदि उपस्थित थीं.

दीक्षाभूमि में धम्मचक्र प्रवर्तन दिन पर समता सैनिक दल का पथ संचालन.

अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 65 नए छात्रावासों का निर्माण
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 65 नए छात्रावासों का निर्माण कराया गया है. साथ ही दीक्षाभूमि के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है. पिछले साल इसके लिए 100 करोड़ रुपए के किए गए प्रावधान के तहत पहली किश्त के रूप में 40 लाख रुपए दिए जा चुके हैं.

32 हजार शालाओं में संविधान की पढ़ाई शुरू
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 32 हजार शालाओं में बाबा साहब द्वारा निर्मित देश के संविधान के मूल्यों की जानकारी पाठ्यक्रम में जोड़े गए हैं. साथ ही डॉ. आंबेडकर स्मारक के लिए मुंबई की इंदू मिल की भूमि उपलब्ध कराने में सफलता मिली है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भूमि के लिए अपने मंत्रिमंडल से 3 हजार करोड़ रुपए उपलब्ध कराए हैं. यह समारसक 2020 तक बन कर तैयार हो जाएगा.

बुद्धिस्ट सर्किट व धर्मयात्रा योजनान्तर्गत 10 हजार करोड़ की सड़कें
कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय भूतल परिवहन, जहाजरानी और जलसंपदा मंत्री नितिन गड़करी ने बताया कि देश के बौद्ध स्थलों को देखने के लिए देश-विदेश से हर वर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं. उन्होंने घोषणा की कि बुद्धिस्ट सर्किट व धर्मयात्रा योजनान्तर्गत इन बौद्ध तीर्थों तक के पहुंच मार्गों के विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि इस कार्य पर अभी तक 5 हजार करोड़ रुपए की सड़कों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. बाकी की सड़कों का निर्माण जल्द पूरा कर लिया जाएगा.

संविधान की पढ़ाई के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया
केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने बताया कि कि राज्य की जिन 32 हजार शालाओं में देश के संविधान के पढ़ाई शुरू हुई है, उन शालाओं के शिक्षकों को उनके मंत्रालय की ओर से संविधान के संदर्भ में प्रशिक्षित किया गया है. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को संविधान की मूल भावनाओं का ज्ञान होने में अन्याय, अत्याचार, भेदभाव जैसी प्रवृतियां दूर होंगी. महिलाओं के प्रति सद्भावना और सम्मान की भावना पैदा होगी.

अ‍ॅट्रॉसिटी कानून में नहीं होगा बदलाव
उन्होंने बताया की सरकार का संविधान को बदलने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने लोगों से दिग्भ्रमित न होने की अपील की. आठवले बताया कि अ‍ॅट्रॉसिटी कानून लोकसभा में पारित हो चुका है. उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता. क़ानून बदलने की मांग करने वालों को खुद को बदलना होगा.

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