अवैध पटाखा फैक्टरी में आग से 17 मरे, पीड़ित परिवारों को 5-5 लाख के मुआवजे का ऐलान

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नई दिल्ली : आउटर दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में शनिवार, 20 जनवरी की शाम एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगने से 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीड़ितों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए मुआवजा देना का ऐलान किया है. उन्होंने इस घटना की जांच का आदेश दे दिया है.

दस महिलाएं और सात पुरुषों की मौत

दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि दस महिलाएं और सात पुरुषों की मौत हो गई. एक पुरुष और एक महिला घायल हो गए. दोनों को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारी ने बताया कि दो मंजिला एक इमारत के भूतल पर एक भंडारण इकाई में आग लगी, जो पूरी इमारत में फैल गई.

शाम छह बजे लगी आग

मृतकों में आठ महिलाएं भी शामिल हैं, जो घटना के वक्त पटाखों की पैकिंग कर रही थीं. जानकारी के अनुसार बवाना के सेक्टर-5 के एफ-83 में प्लास्टिक की चटाई बनाने की फैक्ट्री है, लेकिन इसमें अवैध तरीके से पटाखे बनाए जाते हैं. इस फैक्ट्री की पहली मंजिल पर तेज धमाके के साथ शाम छह बजे आग लग गई. घटना के दौरान करीब 50 लोग इस इमारत में मौजूद थे. आग तेजी से पूरी इमारत में फैल गई। चारों तरफ लोग चीखने चिल्लाने लगे.

तीसरी मंजिल से जान बचाने के लिए कूदे लोग

भयानक रूप से फैली आग के कारण फैक्ट्री से लोग बाहर निकल ही नहीं पाए. कुछ मजदूर तो जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से कूद गए. दिल्ली अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग सबसे पहले बेसमेंट में लगी. यहां से वह फैक्ट्री के अन्य हिस्सों में फैल गई.

मृतकों की पहचान मुश्किल

आग से बुरी तरह झुलसे मृतकों के चेहरों के कारण उनकी पहचान मुश्किल हो रही है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार अधिकांश कामगारों की मौत दम घुटने से हुईं हैं.

प्राथमिकी दर्ज, एक गिरफ्तार

पुलिस उपायुक्त (रोहिणी) रजनीश गुप्ता ने बताया कि गैर इरादतन हत्या और आग एवं ज्वलनशील सामग्री को लेकर लापरवाही बरतने को लेकर भारतीय दंड संहिता की संबंद्ध धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने बताया कि उन्होंने मालिकों की पहचान कर ली है और उनसे पूछताछ की जाएगी. मनोज जैन नाम के एक व्यक्ति को पकड़ा भी गया है.

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