7 बदलाव : आज से ही असर डालने वाले हैं हमारी जिंदगी पर

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नई दिल्ली : सोमवार, 1अक्टूबर अर्थात आज से कुल सात तरह के बदलाव लागू होने वाले हैं, जिनका असर हम आम लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाला है. आज एक अक्टूबर से जहां छोटी बचत योजनाओं (स्मॉल सेविंग डिपॉजिट स्कीम्स) पर ज्यादा ब्याज मिलेगा, वहीं कॉल ड्रॉप होने पर मोबाइल ऑपरेटर कपंनियों पर भारी जुर्माने भी लगेंगे. साथ ही पाइपलाइन के जरिए सप्लाई होने वाली रसोई गैस महंगी हो जाएगी.
आइए जानते हैं 1 अक्टूबर से क्या-क्या होने वाले हैं बदलाव…

1.पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि, एनएससी और केवीपी पर मिलेगा ज्यादा ब्याज
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें बढ़ाई हैं, जो आज एक अक्टूबर से लागू होगा. अब टाइम डिपॉजिट (टीडी), रेकरिंग डिपोजिट (आरडी), सीनियर सिटिजन सेविंग अकाउंट, मंथली इनकम अकाउंट, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी), पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ), किसान विकास पत्र (केवीपी) और सुकन्या समृद्धि स्कीम पर पहले से 0.40 फीसदी तक अधिक ब्याज मिलेगा.

2. रसोई गैस 2.89 और 59 रुपए हुई महंगी
पेट्रोलियम मंत्रालय ने नैचुरल गैस की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की है. नैचुरल गैस के अधिकांश घरेलू उत्पादकों को दी जाने वाली कीमत मौजूदा 3.06 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) से बढ़ाकर 3.36 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू कर दी गई है. इसकी नई दरें भी एक अक्टूबर से लागू होंगी.

सब्सिडी गैस सिलेंडर की कीमत में 2.89 रुपए की वृद्धि हुई है. सब्सिडी गैस सिलेंडर अब 499 रुपए 51 पैसे के बजाए 502 रुपए 40 पैसे का मिलेगा. वही गैर सब्सिडी सिलेंडर की कीमत में 59 रुपए प्रति सिलेंडर का इजाफा हुआ है. गैर सब्सिडी सिलेंडर की कीमत 820 से बढ़कर 879 रुपए प्रति सिलेंडर हो गई है.

3. पीएनबी से कर्ज लेना होगा महंगा
सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने छोटी और लंबी अवधि के कर्ज पर एमसीएलआर दरों में बढ़ोतरी की है. इसके बाद पीएनबी से ऑटो और पर्सनल लोन लेना महंगा हो सकता है. पीएनबी ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में 0.2 फीसदी तक इजाफा किया है. नई दरें 1 अक्टूबर से लागू होंगी.

4. ई-कॉमर्स कंपनियों को काटना होगा टीसीएस
ई-कॉमर्स कंपनियों को गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) सिस्टम के तहत टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) के कलेक्शन के लिए उन सभी राज्यों में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जहां उसके सप्लायर मौजूद हैं. इसके साथ ही विदेशी कंपनियों को ऐसे रजिस्ट्रेशन कराने के लिए एक ‘एजेंट’ भी नियुक्त करना होगा. सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) ने यह जानकारी दी है. गौरतलब है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को 1 अक्टूबर से अपने सप्लायर्स को पेमेंट करने से पहले 1 फीसदी टीसीएस की कटौती करनी होगी.

5. कॉल ड्रॉप हुई तो लगेगा जुर्माना
कॉल ड्रॉप को फिर से रोकने की दिशा में सोमवार यानी 1 अक्टूबर से नई पहल होगी. ट्राई ने कहा है कि नए पैरामीटर के प्रभाव में आने से कॉल ड्रॉप की समस्या में बड़ा बदलाव होगा. इसमें कॉल ड्रॉप के बदले मोबाइल ऑपरेटर कपंनियों पर भारी जुर्माने का प्रावधान है. कॉल ड्रॉप की परिभाषा में 2010 के बाद पहली बार बदलाव किया गया.

6. आज से ही लागू होंगे टीडीएस प्रोविजंस
गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) कानून के अंतर्गत टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) और टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) के प्रोविजंस आज 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा. सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) एक्ट के तहत नोटिफाइड एंटिटीज को अब 2.5 लाख रुपए से ज्यादा के गुड्स और सर्विसेस की सप्लाई पर 1 फीसदी TDS कलेक्ट करना होगा. इसके साथ ही राज्यों को भी अब राज्य कानूनों के अंतर्गत 1 फीसदी टीडीएस लगाना होगा.

7. कमोडिटी बाजार कारोबार शुरू कर रहा है बीएसई
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) 1 अक्टूबर से कमोडिटी डेरिवेटिव्स में कारोबार शुरू कर रहा है. एक्सचेंज ने कहा कि उसने कमोडिटी बाजार कारोबार शुरू करने के पहले वर्ष में लेनदेन शुल्क नहीं लेने का फैसला किया है.

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