वर्धा जिले के 12 परिवार के लोगों ने दी महाराष्ट्र दिवस पर आत्मदाह करने की चेतावनी

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वारंगा और महागांव के बीच राष्ट्रीय महामार्ग-361 का विहंगम दृश्य. (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय महामार्ग 361 के फोरलेन कार्य के लिए भूमिअधिग्रहण मामले में उचित मुआवजा और पुनर्वास का प्रश्न

रवि लाखे
वर्धा :
किसान आत्महत्या प्रकरणों के ताजे मामलों की गरमाहट के बीच अब राष्ट्रीय महामार्ग के फोरलेन निर्माण कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण भी किसान आत्महत्या का सबब बनाने जा रहा है. बुटीबोरी से वर्धा के बीच तेजी से चल रहे फोरलेन निर्माण कार्य के बीच भिड़ी गांव के 12 लोगों ने सपरिवार आत्मदाह कर लेने की चेतावनी दे दी है.

उचित मुआवजा और समुचित पुनर्वास का प्रबंध नहीं?
भिड़ी के इन किसानों ने जिलाधिकारी और अतिरिक्त आयुक्त को दिए अपने पत्र में कहा है कि राष्ट्रीय महामार्ग फोरलेन के लिए हमारी जमीन और हमारे घरों का अधिग्रहण बिना उचित मुआवजा दिए और बिना समुचित पुनर्वास का प्रबंध किए किया जा रहा है. इससे हमें आर्थिक नुकसान तो होगा ही हमारा घर भी उजाड़ जाएगा. समुचत पुनर्वास और उचित मुआवजे के नहीं मिलाने पर हम 12 परिवारों के लोग आगामी 1 मई महाराष्ट्र दिवस पर आत्मदाह कर लेंगे.

चेतावनी पत्र देने वाले किसान
जिलाधिकारी और अतिरिक्त आयुक्त को चेतावनी पत्र देने वाले किसानों में भिड़ी गांव के बलीराम उदेभान डोंगरे, अशोक चंद्रभान भांदककर, संत गाडगेबाबा सार्वजनिक वाचनालय के अरुण नीलकंठ हर्षबोधी, विलास पांडुरंग नगराले, अनिल नीलकंठ मुरार, मोहन नीलकंठ मुरार, निलू नारायण गायकवाड़, जगन मारुती भुजाड़े, रमेश शंकरराव भुजाड़े, लक्ष्मण सूर्यभान मेसेकर, चिंधुजी नीलकंठ मानकर और गौतम नीलकंठ मुरार शामिल हैं.

राष्ट्रीय महामार्ग 361 का काम बुटीबोरी-वर्धा व वारंगा फाटा तक तेजी से चल रहा है. इसमें भिड़ी गांव के इन लोगों की मांग है कि भूमि अधिग्रहण मामला क्रमांक 8 के अंतर्गत हमारे घरों के निर्माण की पहले जांच हो, साथ ही हमारी जमीन के बदले जमीन की व्यवस्था पहले की जाए और उसके अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए. तभी हम अपने घरों को तोड़ने और जमीन पर कब्जा लेने देंगे. यदि शासन ने जल्द ऐसा नहीं किया तो हम आगामी 1 मई महाराष्ट्र दिवस पर सपरिवार आत्मदाह कर लेंगे.

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