कैलाश खेर ने सिंधी समाज से माफी मांगी, ट्वीट वापस लेंगे

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नागपुर : राष्ट्रगान से ‘सिंध’ को निकालने की बात बॉलीवुड के मशहूर गायक कैलाश खेर को भारी पडी है. देश के सिंधी समाज की नाराजगी के आगे उन्हें घुटने टेकने पड़े हैं. उन्होंने सिंध प्रांत का नाम राष्ट्रगान से निकालने की अपनी ट्वीट वापस लेते हुए सार्वजनिक रूप से सिंधी समाज से माफी भी मांगी है. 

गत कई दिनों से पूरे विश्व में सिंधी समाज बॉलीवुड गायक कैलाश खेर से बेहद नाराज था. उन्होंने ट्वीट कर सिंध को राष्ट्रगान से निकालने की बात लिखी थी. गुरुवार को पूरे विश्व के सिंधी समाज के संग़ठन विश्व सिंधी सेवा संगम के ‘जेंटलमेन शो’ के लाइव वेब शो में कैलाश खेर को इसी संदर्भ में आमंत्रित किया गया था. जहां उन्होंने सार्वजनिक रूप से पूरे सिंधी समाज से माफी मांगी.
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विश्व सिंधी सेवा संगम महाराष्ट्र के अध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष लायन डॉ. राजू मनवानी ने जब कैलाश खेर से इस संदर्भ में प्रश्न पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मतलब से ट्वीट नही किया था, उन्होंने माना कि बिना सिंध के हिन्द अधूरा है. उन्होंने पूरे विश्व के 97 देशों के दर्शकों से सार्वजनीक माफी मांगते हुए कहा, ‘अगर समाज को किसी भी प्रकार का दु:ख हुआ है तो में हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं.’
 
डॉ. राजू मनवानी को उन्होंने कहा कि प्रोग्राम के पश्चात वह अपना ट्वीट वापस ले लेंगे. मोटवानी ने बताया कि उनको जिंदगी में सीख, मुम्बई में रहने के लिए पहला भाड़े का घर और उन्होंने पहला गाना सिंधी में गाकर जीवन की शुरुआत की है. उनके जीवन को संवारने वाले गुरु स्वामी प्रचानन्द जी भी सिंधी थे, सिंधी समाज से उनका गहरा नाता है. उन्होंने अपने जीवन यात्रा के बारे में बताया कि 1998 में उनको व्यापार में भयंकर घाटा होने से उन्होंने आत्महत्या करने की सोची थी. लेकिन साधु-संतों द्वारा मुझे जीने की प्रेरणा और अपने प्रवचनों से जीने का आधार दिया. उसके बाद भाग्य ने करवट ली और में बिना कोई ट्रेनिंग या ज्ञान के भोलेनाथ की कृपा से सूफी गायक बन गया. 

उन्होंने सिंधी गाना लाल मेरी पत गाकर प्रभावित किया. उन्होंने कई सूफी गीत गाए. अंत में उन्होंने सिंधी समाज का आभार मान पुनः क्षमायाचना की और कभी भी सिंधी समाज के लिए तैयार हैं. उन्होंने बुलाने पर तुरंत आने का वादा किया. मोटवानी ने बताया कि भारती छाबरिया ने वेब शो में सिंधी समाज के सभी लोगों से उनका परिचय कराया और युवाओं के लिए संदेश देने को कहा. संस्थापक दादा गोपालदास सजनानी ने भी उनका आभार माना और उनकी वाणी सुन उनका स्वास्थ्य ठीक हो गया है. सुहिना सिंधी के पीताम्बर पीटर ढलवानी ने उनका आभार माना. पूरे कार्यक्रम में कुशलता से संचालन डॉ. लायन राजू मनवानी ने किया. 

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