वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्यापक नीतियां लागू करेगी महाराष्ट्र सरकार

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मुंबई : महाराष्ट्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2013 में ही तैयार की गई व्यापक नीतियां अब लागू की जाने वाली हैं. सूत्रों के अनुसार विधानसभा चुनाव से पूर्व देवेंद्र फड़णवीस सरकार वरिष्ठ नागरिकों से किए अपने पिछले वादे पूरे करने में जुट रही है.

उल्लेखनीय है कि पांच वर्ष पूर्व 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराने के वादे किए थे. उसके तहत विशेष नीतियां भी तैयार की गईं थीं. उन्हीं नीतियों को अब चुनाव से पूर्व राज्य की फड़णवीस सरकार लागू करने वाली है.

महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय विभाग की ओर से जारी परिपत्र में सरकारी योजनाओं के लिए पात्र वरिष्ठ नागरिकों की उम्र हालांकि 65 साल से घटाकर 60 साल कर दी गई है. लेकिन इसे अभी तक महाराष्ट्र पथ परिवहन महामंडल सहित अन्य विभागों ने लागू नहीं किया है. वरिष्ठ नागरिकों को एसटी बसों से यात्रा किराए में छूट मात्र 65 वर्ष आयु के वृद्ध महिला-पुरुषों को ही दी जा रही है. इसी प्रकार वृद्धावस्था पेंशन की आयु भी 65 वर्ष ही बनी हुई है.

वृद्धावस्था पेंशन, वृद्धाश्रमों में प्रवेश देने संबंधी आयुसीमा में अभी बदलाव किए जाने हैं. सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार इस सन्दर्भ में व्यापक नीति तैयार कर रही है. इसके अंतर्गत निकट भविष्य में राज्य के वरिष्ठों को अनेक आर्थिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.

‘डिफाल्टर’ घोषित होंगे…
बताया गया कि वृद्ध मां-बाप की देखभाल नहीं करने वालों को ‘डिफाल्टर’ घोषित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है. लेकिन, इसके साथ ही अपने बुजुर्गों की अच्छी देखभाल करने वाले लोगों को आयकर में छूट भी दी जाएगी. राज्य सरकार ने आयकर में छूट का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे जल्द ही केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा.

पुलिस सुरक्षा
वहीं, अकेले रहने वाले वरिष्ठों की सूची सामाजिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से तैयार की जाएगी. साथ ही सभी पुलिस स्टेशनों को भी अपने क्षेत्र में रह रहे ऐसे वरिष्ठ नागरिकों की नियमित खोज-खबर रखने एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी.

सरकारी अस्पतालों में 5 प्र.श बेड
इस नीति के तहत सभी सरकारी अस्पतालों में 5 प्रतिशत बेड वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे. जहां उन्हें मुफ्त में डायलिसिस की भी सेवा दी जाएगी. वहीं, सभी जिलों में कम से कम चार वृद्धाश्रम बनाए जाएंगे.

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