महाराष्ट्र मंत्रिमंडल : बोंडे को कृषि, विखे पाटिल को मिला आवास

0
218
महाराष्ट्र

मुंबई : महाराष्ट्र में राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार रविवार को संपन्न हुआ. मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मंत्रिमंडल में फेरबदल एवं विस्तार किया. राज्यपाल विद्यासागर राव ने कुल 13 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इनमें से 8 ने कैबिनेट और 5 ने राज्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. इनमें राधाकृष्ण विखे पाटिल, जयदत्त क्षीरसागर, अधि. आशिष शेलार, डॉ. अशोक उईके, प्रा.डॉ. तानाजी सावंत, सुरेश खाडे, डॉ. संजय कुटे, डॉ. अनिल बोंडे को कैबिनेट मंत्रिपद की और संजय भेगडे, अतुल सावे, अविनाश महातेकर, योगेश सागर और डॉ. परिणय फुके को राजयमंत्री पद की शपथ दिलाई गई.

आज शपथ लेने वाले कांग्रेस के पूर्व नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल को मुख्यमंत्री फड़णवीस ने अपने मंत्रिमंडल में आवास विभाग सौंपा है. राकांपा के पूर्व नेता जयदत्त क्षीरसागर को रोजगार गारंटी एवं बागवानी मंत्रालय दिया गया है. वह पिछले महीने शिवसेना में शामिल हुए थे. भाजपा के 6 नेताओं को कैबिनेट और 4 को राज्यमंत्री बनाया गया है. वहीं, शिवसेना के कोटे से 2 को कैबिनेट में जगह दी गई. आरपीआई के कोटे से एक राज्यमंत्री मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है. भाजपा ने इस विस्तार में करीब 4 महीने बाद (अक्टूबर-नवंबर) होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सहयोगी दलों को साधने की कोशिश की.

किसे मिला कौन सा मंत्रालय
कैबिनेट मंत्री

1. राधाकृष्ण विखे पाटिल- आवास मंत्रालय
2. जयदत्त क्षीरसागर- रोजगार की गारंटी और बागवानी मंत्रालय
3. आशीष शेलर- स्कूली शिक्षा के खेल और युवा कल्याण मंत्रालय
4. संजय श्रीराम कुटे- श्रमिक विमुक्त जाति घुमंतू जनजाति अन्य पिछड़ा और विशेष पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्रालय
5. सुरेश खाडे- समाज कल्याण विभाग
6. अनिल बोंडे- कृषि मंत्रालय
7. अशोक रामजी उइके- आदिवासी कल्याण विभाग
8. तानाजी सावंत- जल संरक्षण मंत्रालय
राज्यमंत्री
9. श्रीराम शिंदे- विपणन और कपड़ा मंत्रालय
10. शंभाजी पाटिल- खाद्य और नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण कौशल विकास पूर्व सैनिक कल्याण मंत्रालय
11. जयकुमार रावल- खाद्य और दवाओं प्रशासन पर्यटन प्रोटोकॉल
12. सुभाष देशमुख- सहकारिता राहत और पुनर्वास
13. परिणय फुके – सार्वजनिक निर्माण ( सार्वजनिक उपक्रम छोड़ कर), वन और आदिवासी विकास

आवास विभाग पर हमलावर रहे थे विखे पाटिल
विखे पाटिल की आवास मंत्री के तौर पर नियुक्ति को फड़वीस के राजनीतिक दांव के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि पूर्व में विपक्ष के नेता के तौर पर पाटिल आवास विभाग से जुड़े मुद्दों के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं. विखे पाटिल और क्षीरसागर दोनों ही फिलहाल न तो राज्य विधानसभा के सदस्य हैं और न ही विधान परिषद के. ये दोनों ही छह महीने के लिए मंत्री पद संभाल सकते हैं. इन छह महीनों के भीतर उन्हें किसी एक सदन के लिए निर्वाचित होना होगा. हालांकि राज्य विधानसभा के चुनाव सितंबर-अक्टूबर में होने वाले हैं, इसलिए ये मंत्री मौजूदा विधानसभा के कार्यकाल तक अपने-अपने पद पर बने रह सकते हैं.

तावड़े को झटका
मौजूदा शिक्षा मंत्री भाजपा के विनोद तावड़े को फेरबदल में झटका मिला है. उनसे स्कूल शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग लेकर ये विभाग उनके संगठनात्मक सहयोगी एवं भाजपा की मुंबई इकाई के प्रमुख आशीष शेलार को सौंपे गए हैं.

कैबिनेट से इनकी हुई छुट्टी
कैबिनेट ने जिन मंत्रियों की छुट्टी हुई है उनमें प्रकाश मेहता, विष्णु सवरा, अंबरीश अतराम, दिलीप कांबले, प्रवीण पोटे और राजकुमार बडोलो शामिल हैं. इन सभी विधायकों ने अपने-अपने इस्तीफा दे दिए, जिन्हें फड़णवीस ने स्वीकार कर लिया. फडणवीस ने कहा है कि किसी भी मंत्रियों को नॉन परफॉर्मेंस या फिर भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से नहीं हटाया गया है.

शिवसेना ने ठुकराया डिप्टी सीएम का पद
सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने शिवसेना को राज्य में उप मुख्यमंत्री का पोस्ट ऑफर किया था, लेकिन शिवसेना ने इस ऑफर को ठुकराते हुए कहा कि उन्हें दो मंत्री के पद चाहिए. एक मीडिया चैनल की रिपोर्ट के अनुसार उद्धव ठाकरे ने डिप्टी सीएम का पोस्ट ठुकराते हुए दो विधायकों को मंत्री बनाने की मांग की, शिवसेना की इस मांग को राज्य भाजपा नेतृत्व और सीएम देवेंद्र फडणवीस ने स्वीकार कर लिया.

NO COMMENTS