आडवाणी के प्रति राहुल गांधी की अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में सिंधी समाज का धरना

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सिंधी समाज
फोटो में दादा विजय केवलरमानी, घनश्यामदास कुकरेजा, प्रताप मोटवानी, महेश ग्वालानी के साथ सिंधी पंचायत के अन्य सदस्य एवं पदाधिकारीगण.

नागपुर : पिछले दिनों चुनाव सभाओं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के प्रति अशोभनीय टिप्पणियों से आहत सम्पूर्ण सिंधी समाज ने आज मंगलवार को यहां धरना देकर अपना रोष व्यक्त किया.

नागपुर सेंट्रल सिंधी पंचायत के अध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने बताया कि आडवाणी जी हमारे सिंधी समाज के गौरव हैं. कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा उनके बारे में की गई अभद्र एवं अशोभनीय टिप्पणी से पूरे सिंधी समाज में रोष व्याप्त है. उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि कांग्रेस अध्यक्ष अपनी इस ओछी टिप्पणी के लिए आडवाणी जी और सिंधी समाज से माफी मांगें.
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राहुल गांधी से माफी की मांग को लेकर सिंधी समाज ने आज 9 अप्रैल, मंगलवार को शाम 4 बजे से आधे घंटे 4.30 तक का धरना प्रोफेसर विजय केवलरमानी की अध्यक्षता में तथा दादा घनश्यामदास कुकरेजा की प्रमुख उपस्तिथि में दिया. यह धरना राजकुमार केवलरमानी हाईस्कूल, जरीफटका संपन्न हुआ.

धरना के दौरान दादा विजय केवलरमानी ने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के प्रमुख द्वारा चुनावी आमसभाओं में बुजुर्ग नेता लालकृष्ण अडवाणीजी के खिलाफ इस प्रकार का निचले स्तर की भाषा शैली का उपयोग करना अशोभनीय है. उनके वक्तव्य से पूरे सिंधी समाज में भारी रोष में है.

दादा घनश्यामदास कुकरेजा ने कहा कि उन्हें तुरंत अपने इस अशोभनीय भाषा के लिए खेद प्रकट करना चाहिए. पंचायत के अध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने समाज के भीष्म पितामह बुजुर्ग नेता के बारे में ऐसे शब्दों का उपयोग करना बेहद दुखदायी है. पूरे देश-विदेश में इसका तीव्र विरोध हो रहा है.

धरना प्रदर्शन में पंचायत के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रदीप पंजवानी, उपाध्यक्ष कैलाश केवल रमानी, महेश बठेजा, महासचिव विनोद जेठानी, कार्यकारी सचिव महेश ग्वालानी, प्रचार सचिव राजेश धनवानी, सचिव भारत पारवानी तथा सदस्यगण मनीष दासवानी, ठाकुर आनन्दानी, श्रीचंद चावला, राजेश बटवानी, राजू ढोलवानी, संतोष डेम्बला, कमल हरियाणी, सुरेश बुधवानी, विशाल कुमार, सुरेश खिलवानी, महेश मेघानी, घनश्याम लालवानी आदि धरने में शामिल हुए. नागपुर सेंट्रल सिंधी पंचायत के सभी पदाधिकारी और सदस्य सदस्य धरने में शामिल थे.

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