छोटे बेटे के खिलाफ थाने से प्रताड़ना की शिकायत वापस ली पूर्व मंत्री ने

अमोल ने सफाई दी कि राजनीतिक घरानों से अनेक बाहरी लोगों का संपर्क में होता है. उनमें से कुछ अपने फायदे के लिए फूट डालने का काम करते हैं. उन्होंने आशंका जताई की उनके पिता द्वारा शिकायत करने के पीछे किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ हो सकता है.

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मंगलवार को पत्रकारों से मुखातिब पूर्व मंत्री रणजीतबाबू देशमुख के छोटे पुत्र डॉ. अमोल देशमुख.

बेटे ने माना कि हो सकता है मेरे व्यवहार से पिता आहत हुए हों

बिपेंद्र कुमार सिंह
नागपुर :
कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री रणजीत देशमुख ने बेटे के विरुद्ध सीताबर्डी थाने में प्रताड़ना की शिकायत वापस ले ली है. आज मंगलवार शाम पत्रकारों को देशमुख के छोटे बेटे डॉ. अमोल देशमुख ने पिता द्वारा अपने विरुद्ध शिकायत वापस लेने और उनसे सुलह होने की जानकारी दी.

बाहरी लोगों पर फूट डालने की आशंका जताई
अमोल ने सफाई दी कि राजनीतिक घरानों से अनेक बाहरी लोगों का संपर्क में होता है. उनमें से कुछ अपने फायदे के लिए फूट डालने का काम करते हैं. उन्होंने आशंका जताई की उनके पिता द्वारा शिकायत करने के पीछे किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ हो सकता है.

खबर आने के बाद वे स्वयं, उनकी मां और पत्नी सब रह गए हतप्रभ
अमोल ने कहा कि मीडिया में ऐसी खबर आने के बाद वे स्वयं, उनकी मां और पत्नी सब हतप्रभ रह गए. उन्होंने स्वयं अपने पिता से बात की, जिसके बाद उन्होंने अपनी शिकायत वापस ले ली. उन्होंने कहा कि उनके विरुद्ध थाने तक जा पहुंची बात केवल गलतफहमी के कारण फ़ैली. लेकिन अब परिवार में सब कुछ सामान्य है. उल्लेखनीय है कि अमोल भी पिता के साथ कांग्रेस के सदस्य रहे हैं. उन्होंने 2014 में कांग्रेस की टिकट पर रामटेक विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था. उनके बड़े भाई डॉ. आशीष देशमुख काटोल से 2014 में ही भाजपा विधायक बने.

पिता की बीमारी के चलते देखभाल के लिए रहना चाहते हैं पिता के साथ
पिता के साथ किसी भी तरह के विवाद की बात से इनकार करते हुए अमोल ने कहा कि पढाई के लिए वे विदेश में रहे, उनकी पत्नी भी उच्च शिक्षित हैं और दोनों ने वर्षो तक कई स्थानों पर काम किया. लेकिन पिता की बीमारी के चलते उनकी देखभाल के लिए उनके साथ रहने का फैसला उन्होंने लिया था.

अमोल ने कहा- मेरे पिता हैं अत्यंत स्वाभिमानी
अमोल ने कहा कि पिता रणजीत देशमुख एक बहुत ही सुलझे हुए और अत्यंत स्वाभिमानी हैं. परिवार में छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं. हो सकता है कि मेरे व्यवहार से पिता आहत हुए हों. लेकिन अब सबकुछ ठीक है. उन्होंने पत्रकारों से आग्रह किया कि उनके घर की बात घर में ही रहने दी जाए.

5 मई को सीताबर्डी थाने में की थी शिकायत
72 वर्षीय रणजीत देशमुख पार्किनसन की बीमारी से जूझ रहे हैं. ज्ञातव्य है कि पिछले 5 मई को सीताबर्डी थाने में की गई अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि बेटे की प्रताड़ना के कारण ही वे बीमार हुए थे. बहरहाल अब यह शिकायत उन्होंने वापस ले ली है.

विधायक बेटे ने विवाद से बनाए रखी दूरी
इधर सूत्रों ने आश्चर्य व्यक्त किया कि रणजीत बाबू के बड़े बेटे भाजपा विधायक डॉ. आशीष देशमुख इस बीच पिता और अपने छोटे भाई चल रहे विवाद से अपने को अलग रखा. न तो उन्होंने थाने तक पहुंची बात में कोई दखल दी और न सुलह की पहल की.

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