कांग्रेस ने मुंह की खाई सुषमा को घेरने के चक्कर में

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सोशल मीडिया पर उछाले गए सवाल पर मात्र 24 प्र.श. लोगों का ही मिला साथ

नई दिल्ली : कांग्रेस को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सबसे बड़ी नाकामी बताने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना तब काफी महंगा पड़ गया, जब उसे अपनी करनी पर मुंह की खानी पड़ गई. इराकी शहर मोसुल में ‘इसीस आतंकियों’ के द्वारा मारे गए 39 भारतीयों की मौत की सूचना देश को देरी से देने के मामले को कांग्रेस ने उछाला था.

ऐसे उछाला था 39 भारतीयों की मौत की जानकारी में देरी का मामला

कांग्रेस ने सरकार को घेरने के इरादे से 26 मार्च को ट्विटर पर एक सवाल के जरिए लोगों से राय मांगी थी और उसे उम्मीद थी कि यह जनमत उसके पक्ष में आएगा, लेकिन हुआ उलटा. इस सर्वे में 33,879 लोग शामिल हुए जिसमें 76 फीसदी लोगों ने इसे बतौर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सबसे बड़ी नाकामी मानने से इनकार कर दिया जबकि 24 फीसदी लोगों ने ही इसे उनकी असफलता माना. कांग्रेस की ओर से पोस्ट किया गया सवाल था, ‘क्या आप मानते हैं कि मोसुल में 39 भारतीयों की मौत बतौर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की सबसे बड़ी नाकामी है?’

रिट्वीट कर दिया विदेश मंत्री ने भी उसी सवाल को

इसके बाद ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस जनमत को अपने पक्ष में जाता देख इसे रिट्वीट कर दिया. उनके इस रिट्वीट को आज ही शाम तक 4 हजार से ज्यादा लोगों ने रिट्वीट कर दिया. जबकि करीब 5 हजार लोगों ने इसे लाइक भी कर डाला.

शवों की शिनाख्त इराक में डीएनए टेस्ट के आधार पर की गई

पिछले हफ्ते संसद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मोसुल में 39 मजदूरों की मौत की जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि इन लोगों की मौत 6 महीने पहले और 2 साल के बीच में हुई थी. 4 साल पहले अगवा हुए 39 भारतीय के शवों की शिनाख्त इराक में डीएनए टेस्ट के आधार पर की गई है.

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