मानव बैंक : जिसकी जरूरत नहीं, वह दे दो, जो जरूरत है- ले लो

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मानव बैंक में नागरिकों से एकत्र किए गए कपड़ों का निरीक्षण करते हुए महानगर पालिका के कमिश्नर विपिन पालीवाल.

अभिनव प्रयोग महाराष्ट्र के चंद्रपुर महानगर पालिका का

चंद्रपुर : अपने दैनिक जीवन में हम अक्सर नई वस्तुएं जैसे कपड़े, घरेलू सामान आदि खरीदते हैं, क्योंकि हमारी दृष्टि में उन पुरानी वस्तुओं की आवश्यकता समाप्त हो जाती है. तो हम उन पुरानी चीजों का क्या करें? भले ही वे हमारी दृष्टि से वृद्ध हों, समाज में किसी को उन वस्तुओं की आवश्यकता होती है. इसलिए चंद्रपुर महानगर पालिका ने इन पुरानी वस्तुओं को एक जगह एकत्रित कर जरूरतमंदों को देने के लिए “मानव बैंक” शुरू किया है. इस पहल का उद्घाटन 25 जनवरी को आजाद गार्डन के पास असरा बेघर आश्रय केंद्र में महानगर पालिका कमिश्नर विपिन पालीवाल ने रिबन काटकर किया.

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मानव बैंक का उद्घाटन करते हुए महानगर पालिका के कमिश्नर विपिन पालीवाल.

‘माझी वसुंधरा’ एवं स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के तहत उक्त बैंक को 3 आर (रिड्यूस, रिसायकल और रियूज) के सिद्धांत के तहत जरूरतमंद लोगों के लिए शुरू किया गया है और मानव बैंक में ‘जिसकी जरूरत नहीं, वह दे दो और जिसकी जरूरत है, ले लो’ के सिद्धांत पर करने वाला है. ठंड के मौसम में नगर पालिका रात में बेघरों की तलाश करती है और उन्हें बेघर आश्रय केंद्र में लाती है. अब उसी बेघर आश्रय केंद्र में कपड़े, जूते और किताबें भी उपलब्ध हैं.
मानव बैंक मानव बैंक के लिए कार्य करने वाले महानगर पालिका के कर्मचारियों के साथ कमिश्नर विपिन पालीवाल. [/caption]
वर्तमान में महानगर पालिका असरा बेघर निवारा सेंटर आजाद गार्डन के पास मानव बैंक बच्चों के कपड़े, बड़ों के कपड़े, महिलाओं की साड़ियां व अन्य कपड़े, रसोई के बर्तन, जूते, जोड़े, स्वेटर व अन्य सर्दी के कपड़े, महिलाओं के जूते, किताबें आदि उपलब्ध हैं. पुरुषों की सामग्री, महिलाओं की सामग्री, बच्चों की सामग्री अलग-अलग अलमारी में रखी जाती है.

हालांकि, शहर के नागरिकों को आसरा बेघर आश्रय में पुरुषों, महिलाओं, बच्चों के उपयोग करने योग्य और साफ पुराने कपड़े, साथ ही पुरानी चप्पल, जूते, सैंडल, उपयोगी किताबें, पत्रिकाएं, उपन्यास, रजिस्टर, किताबें आदि लानी चाहिए. आजाद गार्डन के पास केंद्र में महानगर पालिका के इस मानव बैंक में सहभागी बनने की अपील कर रही है.

इस मौके पर सहायक आयुक्त विद्या पाटिल व सचिन माकोडे, डॉ. अमोल शेलके, नगर कार्यक्रम प्रबंधक रफीक शेख, रोशनी चेघे, चिंतेश्वर मेश्राम, सामुदायिक संयोजक सुषमा कर्मणकर, खडसे, मून, लोटाने, पाटिल, जावड़े, गायधने, देवताले, सोनू बीरे, काकड़े सहित राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के कर्मचारी उपस्थित थे.

मानव बैंक के कार्य और उद्देश्यों के बारे में अधिक जानकारी के लिए गोपाल गायधने से फोन नंबर 982245002 पर संपर्क करें.  

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