महामारी कोरोना की विकरालता से अब डरने की जरूरत नहीं

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विश्व सिंधी सेवा संगम के लाइव वेब शो में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी महत्वपूर्ण जानकारियां

 
नागपुर : विश्व सिंधी सेवा संगम (VSSS) के लाइव वेब शो में बुधवार को एलोपैथी और आयुर्वेद के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लोगों को आश्वस्त किया कि इस कोरोना कोविद-19 महामारी से अब डरने की आवश्यकता नहीं रही. आठ महीने पूर्व जब देश सहित पूरे विश्व में यह महामारी अचानक फैली थी, उस वक्त इसका कोई इलाज किसी को नहीं सूझ रहा था. इस महामारी की दवा आज भी नहीं निकली. लेकिन पूरी दुनिया के वैज्ञानिक और डॉक्टरों के प्रयासों से अब इसका वैक्सीन (टीका) जल्द आने वाला है. उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों में डॉक्टरों ने इस महामारी से बचने और पीड़ितों को ठीक करने के आसान उपाय ढूंढ लिए हैं. इन उपायों से पीड़ित आसानी से जल्द ठीक हो रहे हैं. उन्होंने इन सरल उपायों  जानकारी विस्तार  दी.
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VSSS के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष प्रताप मोटवानी ने बताया बुधवार के जेंटलमेन शो में तीन प्रसिद्ध डॉक्टर अतिथि बतौर उपस्तिथ थे. महाराष्ट्र मेडिकल कौंसिल के उपाध्यक्ष और थैलेसीमिया सोसाइटी ऑफ सेंट्रल इंडिया के अध्यक्ष डॉ. विन्की रुघवानी, नागपुर गवर्नमेंट मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर और कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले कोविड-19 विशेषज्ञ डॉ. अतुल राजकोंडवार और आयुर्वेदिक आयुष के सुप्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य डॉ. गुरमुख ममतानी दि जेंटलमैन शो में सम्मिलित हुए.  

कुंडली जरूरी नहीं, थैलेसीमिया माइनर की जांच करवाना बेहद जरूरी  
डॉ. भारती छाबरिया ने डॉ विन्की का परिचय देते हुए स्क्रीन पर आमंत्रित किया और डॉ. राजू मनवानीजी ने डॉ विन्की से थैलेसीमिया से जुड़े प्रश्न पूछे. डॉ विन्की ने कहा कि शादी करने के पूर्व कुंडली मिलाना जरूरी नहीं है. थैलेसीमिया माइनर की जांच करवाना बेहद जरूरी है. अगर लड़का और लड़की दोनों थैलेसीमिया माइनर हो तो थैलेसीमिया मेजर बच्चे जन्म लेंगे. जिन्हें महीने में कई बार जिंदगी भर खून देना पड़ता है. जिससे वह परिवार बेहद ही तकलीफ में आ जाता है. डॉ. विन्की ने कोविड-19 में घर मे होम असोलियेशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी.

मास्क किस प्रकार का पहनना चाहिए और कोविड में किस तरह घर में रह कर ठीक कैसे किया जा सकता है, इसकी जानकारी दी डॉ. रुघवानी ने. कोविड में किस तरह मरीज की जांच होती है, कितने प्रकार की जांच होती है, के बारे में विस्तृत जानकारी मिलने से दर्शक बेहद प्रभावित हुए. डॉ. अतुल राजकोंडवार ने बताया कि 100 वर्षो बाद यह महामारी आई है और कम से कम 1 साल यह कोविड महामारी की तकलीफ देश में जारी रहेगी. तब तक सभी को सुरक्षित रहने के लिए जरूरी उपाय जैसे- मास्क पहनना,  वाले सभी लोगों से 6 फुट की दूरी रखना और बार-बार हाथ धोना पहली जरूरत है.  

घरों में ही पीड़ितों को ठीक किया जा रहा है
उन्होंने कहाकि सुखद बात है कि भारत में कोरोना से 75% प्रतिशत ठीक होने वालों की संख्या हो गई है. यह राहतपूर्ण बात है. यह सफलता पिछले आठ महीनों में पीड़ितों के उपचार के अनुभव से देश भर के डॉक्टरों में सीख लिया है. इसका इलाज घर में ही हो सकता है. जब तक किसी पीड़ित के शरीर का ऑक्सीजन लेवल कम नहीं होता, अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होती. लेकिन लोग थोड़ी सी तकलीफ में घबरा कर हॉस्पिटल चले जाते हैं, जिससे सभी हॉस्पिटल पूरी तरह भर गए हैं और वास्तविक मरीजों को बेड ही नहीं मिल पा रहा है.

पहले से अन्य बीमारियों से ग्रस्तों और बुजुर्गों के लिए सावधानी जरूरी
डॉ. अतुल ने बताया कोविड मरीज विटामिन ए सी का उपयोग नहीं करें. विटामिन सी और डी का उपयोग करें, जिंक की गोली लें, बुखार आने पर पेरेसोटोमोल ले सकते हैं. अभी 8 महीने में इसका इलाज कैसे करना, डॉक्टरों को इसकी जानकारी हो चुकी है. लेकिन पहले से अन्य बीमारियों से ग्रस्तों और बुजुर्गों के लिए सावधानी जरूरी है. खान-पान, वेज-नान वेज, अच्छा पका हुआ खाएं. प्रतिदिन एक उबला अंडा जरूर खाएं. 65 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोग, जो शुगर, बी पी, हार्ट के मरीज, किडनी लिवर और कैंसर मरीजों को विशेष ध्यान देना जरूरी है. उनकी इम्युनियटी कम होने से उन्हें यह बीमारी जल्दी पकड़ती है. ऐसे मरीजों का इलाज हॉस्पिटल में जरूरी है.

आयुर्वेद शरीर का इम्युनिटी बढ़ाने, कोरोना से बचाने में सक्षम
डॉ. गुरमुख ममतांनी ने सुंदर तरीके से बताया कि आयुर्वेद में इम्युनिटी बढ़ाने, कोरोना से बचने के लिए और कोरोना के बाद होने वाली कमजोरी एवं शरीर में साइड इफेक्ट का इलाज आयुर्वेद में संभव है. डॉ. ममतांनी ने बताया कि आयुष मंत्रालय द्वारा भी कोरोना में बचाव और इम्युनियटी बढ़ाने के लिए च्यवनप्राश, आयुर्वेदिक काढ़ा, आयुर्वेदिक दवाइयों के उपयोग को स्वीकृति दी है. काढ़े का उपयोग दिन में 2 बार 3 ग्राम ले सकते हैं, ज्यादा लेने से नुकसान हो सकता हैं. उन्होंने बताया विश्व सिंधी सेवा संगम महाराष्ट्र के अध्यक्ष प्रताप मोटवानी के मार्गदर्शन में यह आयुर्वेदिक काढ़ा पूरे विदर्भ सहित, पूरे देश मे विश्व सिंधी सेवा संगम द्वारा निःशुल्क वितरित किया गया है और मोटवानी के द्वारा अनाज व्यापारियों को भी यह काढ़ा निःशुल्क बांटा गया है. जिससे लोगों को बहुत फायदा मिला है.डॉ. ममतांनी ने योग करने और खान-पान में विशेष ध्यान देने और पंचकर्म पर भी विशेष जोर देकर कहा कि कोरोना से डरें नहीं और अपनी इम्युनियटी बढ़ाएं.

डॉक्टरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान बचाई
सभी डॉक्टर अतिथियों ने  VSSS के महाराष्ट्र अध्यक्ष प्रताप मोटवानी द्वारा किए जा रहे सराहनीय कार्यों की खुलकर सराहना की. अंत में तीनों डॉक्टरों का आभार मानते हुए प्रताप मोटवानी ने कहा कोरोना में डॉक्टरों ने लोगों की नि:स्वार्थ सेवा की है, ईश्वरीय रूप दिखाया है. खुद की परवाह किए बिना, उन्होंने लोगों को ठीक कर सच्ची मानवता की सेवा की है. मोटवानी ने 50वें जेंटलमेन शो में प्रभावशाली तरीके से सभी को मंत्रमुग्ध करने वाले विश्व सिंधी सेवा संगम के अन्तराष्ट्रीय अध्यक्ष लायन डॉ. राजू मनवानी के बारे में कहा कि वे शो की जान हैं. मोटवानी ने कहा जिस तरह केबीसी बिना अमिताभ बच्चन के और बिग बॉस बिना सलमान खान के महत्वहीन है, उसी तरह दि जेंटलमेन शो बिना डॉ. राजू मनवानी के संभव नहीं.

पूरे विश्व के सिंधी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था VSSS का यह 52वां ‘दि जेंटलमेन शो’ बुधवार को कोविड-19 के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए रखा गया था. प्रताप मोटवानी ने बताया कि ‘जेंटलमेन शो’ पूरे विश्व में 97 देशों और पूरे भारत में लाखों दर्शकों द्वारा देखा और सराहा जा रहा है. इस वेब लाइव शो का बेहद प्रभावशाली अंदाज में संचालन विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष लायन डॉ. राजू मनवानी द्वारा किया जाता है.

अतिथि परिचय डॉ. भारती छाबरिया, अतिथियों का स्वागत संस्थापक दादा गोपाल सजनानी और सुहाना सिंधी पुणे के अध्यक्ष पीताम्बर पीटर ढलवानी द्वारा किया जाता है. शो की टेक्निकल टीम प्रदीप भाई जोधानी के नेतृत्व में कार्य करती है.

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