क्या बेरुत जैसी तबाही की कगार पर है चेन्नै भी..?

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मोनियम नाइट्रेट
न्नै शहर और बंदरगाह से 20 किलोमीटर दूर पड़ा अमोनियम नाइट्रेट.

पिछले 5 साल से चेन्नई के बंदरगाह पर भी पड़ा हुआ है यह 740 टन

यह वही अमोनियम नाइट्रेट है, जो पिछले 5 साल से चेन्नै के बंदरगाह पर भी पड़ा हुआ है. वह भी 740 टन. यह वही केमिकल है, जिसने लेबनान की राजधानी बेरूत में 150 से अधिक लोगों की जान ली और 5000 से ज्यादा लोगों को घायल कर दिया. वहां भी बंदरगाह के ऐसे ही असुरक्षित गोदामों में 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट रखे हुए थे. पिछले छह साल से जब्त किया हुआ यह अमोनियम नाइट्रेट का भंडार वहां जमा था, जिसमें मंगलवार को स्थानीय समय के अनुसार शाम 6 बजे धमाका हो गया था.  

लेकिन संतोष की बात है कि इस खतरनाक केमिकल से लदा कार्गो सुरक्षित जगह पर रखा हुआ है और उसके खतरनाक होने के कारण कार्गो और लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया गया है. ये संबंधित सीएफएस चेन्नई शहर से 20 किलोमीटर दूर है, उसके दो किलोमीटर के दायरे में कोई भी रिहाइशी इलाका नहीं है.

अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल खेतीबारी के काम में उर्वरक के तौर पर होता है या फिर विस्फोटक के रूप में.  

अमोनियम नाइट्रेट
पिछले मंगलवार 4 अगस्त को लेबनान की राजधानी बेरुत के बंदरगाह के निकट का वे इलाका, जहां इसी खतरनाक अमोनियम नाइट्रेट ने ऐसी तबाही मचाई. 

कस्टम विभाग ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है. उसने इस बात की पुष्टि की है कि चेन्नई से 20 किलोमीटर दूर मनाली के कंटेनर फ़्रेट स्टेशन (सीएफएस) में अमोनियम नाइट्रेट रखा हुआ है.

आयात के नियमों का उल्लंघन करने के कारण साल 2015 में यह माल पकड़ा गया था और तब से ये वहीं पड़ा हुआ है. कस्टम विभाग ने अपने बयान में कहा है, “जब्त किया गया कार्गो सुरक्षित जगह पर रखा हुआ है और उसके खतरनाक होने के कारण कार्गो और लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया गया है. ये संबंधित सीएफएस चेन्नई शहर से 20 किलोमीटर दूर है, उसके दो किलोमीटर के दायरे में कोई भी रिहाइशी इलाका नहीं है.”

पीएमके नेता एस. रामदौस ने उठाए सवाल
कस्टम विभाग के संयुक्त आयुक्त समय मुरली को ये बयान इसलिए देना पड़ा है, क्योंकि पीएमके पार्टी के नेता एस. रामदौस ने चेन्नई बंदरगाह पर खतरनाक केमिकल के रखे होने की बात ट्विटर के जरिए उठाई थी.


पीएमके नेता रामदौस पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदौस के पिता हैं. वाजपेयी कैबिनेट में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए रामदौस ने सार्वजनिक जगहों पर सिगरेट पीने को बैन कर दिया था.

कस्टम विभाग के अधिकारी ने मीडिया से कोई बात नहीं की, लेकिन अपने बयान में कहा, “सीएफ़एस के ज़रिए सुरक्षा के सभी ज़रूरी क़दम उठाए जा रहे हैं और लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कस्टम विभाग लगातार उसकी निगरानी कर रहा है. इसके अलावा कस्टम विभाग इस केमिकल पदार्थ को वहां से हटाने के लिए तुरंत कार्रवाई कर रहा है.”

“इसके लिए ई-ऑक्शन किया भी जा चुका है. सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए बहुत जल्दी ही वहां से सभी केमिकल पदार्थों को हटा दिया जाएगा.”

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