208 वर्ष पुराने पेड़ को बचाने उमड़ पड़े वृक्ष प्रेमी

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नागपुर : संतरा नगरी नागपुर के सीताबर्डी इलाके में 208 वर्ष पुराने एक ऐतिहासिक पेड़ को उखड़ने की खबर ने पूरे महाराष्ट्र के वृक्ष प्रेमियों में नाराजगी बढ़ा दी है. इस पुराने पेड़ को बचाने के लिए पूरे राज्य से आपत्तियां उठाई जा रही हैं. लोगों की मांग है कि इस पुरातन पेड़ को हर हाल में बचाया जाए और नागपुर महानगर पालिका इसका संवर्द्धन पुश्तैनी विरासत के रूप में करे.

पता चला है कि वृक्ष प्रेमियों की आपत्तियों से घबराए भूखंड मालिक ने अब हथियार डाल दिया है. वह अब अपनी वह जमीन ही बेचने को तैयार है.

सीताबर्डी क्षेत्र में भिड़े मार्ग पर, बुटी वाड़े के पास, पीपल का यह 208 वर्ष पुराना पेड़ है. भूखंड मालिक घनश्याम पुरहित ने आवासीय भवन के निर्माण में अपनी जमीन से बाधक पेड़ों और झाड़ियों को हटाने के लिए महानगर पालिका के उद्यान विभाग से अनुमति मांगी थी.

उद्यान विभाग ने समाचार पत्रों में विज्ञापनों के माध्यम से पेड़ों को हटाने के संबंध में नोटिस जारी कर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं. स्थानीय मराठी दैनिक ‘लोकमत’ ने इस नोटिस की पड़ताल कर हटाए जाने की अनुमति मांगे जाने वाले पेड़ में यह पुरातन पेड़ के शामिल होने की खबर प्रकाशित की.

इस खबर के सामने आते ही पर्यावरणविद और वृक्ष प्रेमी इस पेड़ को बचाने के लिए आपत्तियों की झड़ी लगा दी. इस ऐतिहासिक पेड़ को उखाड़ने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था कर इसके संवर्द्धन की मांग की जाने लगी है.

अनेक वृक्ष प्रेमियों सहित कॉलेज ऑफ नर्सिंग की निदेशक नीलिमा हराडे ने पेड़ की कटाई पर आपत्ति जताते हुए उद्यान विभाग के अधीक्षक और वन विभाग को पत्र लिखा है. उन्होंने वृक्ष संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पुराने वृक्षों को बचाकर भी निर्माण किया जा सकता है.

नागपुर ही नहीं, बल्कि पुणे, मुंबई, कल्हापुर और अन्य शहरों में भी वृक्ष प्रेमियों ने नागपुर महानगर पालिका को ईमेल पर 208 वर्ष पुराने पेड़ों को हटाने की कोशिश पर आपत्ति जताई है. इससे लोगों में वृक्ष संरक्षण के प्रति जागरूकता का पता चलता है.

कई पर्यावरणविदों ने इस जगह का दौरा कर 208 वर्ष पुराने पेड़ वाले ऐतिहासिक स्थल को बचाने की पहल की है. जमीन के मालिक घनश्याम पुरहित ने अब पेड़ हटाने के विरुद्ध लोगों की आपत्तियों को देख कर अब उस भूखंड का मुआवजा मिलने पर जमीन बेचने की तैयारी कर ली है. सरकार, महानगर पालिका या किसी और के हाथों वह भूखंड रेडीरेकनर दर पर बेचने की इच्छा जताई है.

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