तीन वजहों ने उजाड़ दी भय्यूजी महाराज की जिंदगी

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भय्यूजी महाराज के निवास 'सिल्वर स्प्रिंग' में भय्यूजी के पार्थिव की शव-मजूषा के पास बेटी कुहु और शोकाकुल पत्नी डॉ. आयुषी को ढाढ़स बंधाते उनके परिजन.

दूसरी पत्नी और बेटी के कलह ने घोल दिया था उनके जीवन में जहर

इंदौर से प्रकाशित दैनिक अखबार “नई दुनिया” ने प्रतिष्ठित संत भय्यूजी महाराज की अचानक ऐसी आत्महत्या की वजहों को खंगाला है. आखिर ऐसी कौन सी वजह थी, जिसने जीवन जीने की राह दिखाने वाले, किसानों, गरीबों और देश के आम जान-जीवन से जुड़ी की समस्याओं को सुलझाने में जुटे रहने वाले, शांत स्वभाव के, मिलनसार, कभी किसी पर नाराज नहीं होने वाले और किसानों को आत्महत्या करने से रोकने के लिए बेचैन रहने वाले भय्यू महाराज को ही आत्महत्या का मार्ग अपनाना पड़ गया? उनका अंतिम संस्कार आज दिन के 1 बजे होगा. प्रस्तुत है “नई दुनिया” की यह रिपोर्ट-

बेटी कुहु का घोड़ा बन उसके साथ दो वर्ष पूर्व खेलते भय्यूजी महाराज. (फाइल फोटो)

इंदौर (नई दुनिया) : दुनिया को संयम और मुक्ति की सीख देने वाले भय्यू महाराज, दूसरी पत्नी डॉ. आयुषी और बेटी कुहू के बीच चल रहे विवाद से टूट गए थे. दर्जनों ऐसे मौके आए जब पत्नी और बेटी आमने-सामने हो गई. दोनों के बीच सुलह और सब कुछ सामान्य करने के प्रयास भय्यू महाराज करते रहे, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई. मंगलवार को बेटी पुणे से इंदौर आने वाली थी, तब उनके घर मौजूद परिजन और कर्मचारियों को भी विवाद होने का भय सता रहा था. भय्यू महाराज को भी शायद इस बात का अंदेशा हो गया था. हजारों लोगों को उनकी समस्याओं का चुटकियों में हल बताने वाले भय्यू महाराज शायद जब अपनी समस्या का हल नहीं तलाश पाए तो उन्होंने खुद की जीवनलीला समाप्त कर ली. आज दोपहर एक बजे भय्यूजी महाराज का अंतिम संस्कार होगा.

कलह की पहली वजह : बेटी को पिता की दूसरी शादी पसंद नहीं थी
जानकारी के मुताबिक दूसरी पत्नी को घर लाते ही बेटी ने पूजा का सामान फेंक दिया. पहली पत्नी माधवी के निधन के बाद भय्यू महाराज ने डॉ. आयुषी से शादी करने के निर्णय के बारे में बेटी कुहू को नहीं बताया था. वह शादी से सहमत नहीं थी. गुस्से के कारण कुहू शादी में भी शामिल नहीं हुई. डॉ. आयुषी जब पहली बार घर आईं तो कुहू ने इसका विरोध किया. दोनों में कहासुनी भी हुई. कुहू ने गुस्से में भय्यू महाराज के पूजन स्थल से दीपक और सामान फेंक दिया. डॉ. आयुषी को इससे बहुत तकलीफ हुई. उन्होंने भय्यू महाराज से कहा- ‘तुमने कुहू की इस हरकत का विरोध क्यों नहीं किया.’ भय्यू महाराज ने कहा कि बेटी नादान है. उसकी मां इस दुनिया में नहीं है. समय के साथ-साथ सब सामान्य हो जाएगा. डॉ. आयुषी को बुरा लगा. वह कुहू की हरकत से ज्यादा इस बात से दुखी हुई कि उनके पति ने उनका साथ नहीं दिया.

डॉ. आयुषी के साथ विवाह के बाद की तस्वीर. (फाइल फोटो)

कलह की दूसरी वजह : घर से हटवा दी पहली पत्नी की तस्वीरें
डॉ. आयुषी ने शादी के कुछ समय बाद मकान का रंगरोगन करवाया. पुताई के दौरान उन्होंने कुहू की मां व भय्यू महाराज की पहली पत्नी माधवी की सारी तस्वीरें हटवा दीं. जब कुहू पूणे से घर आई और मां की तस्वीरें गायब देखी तो हंगामा कर दिया. डॉ. आयुषी और कुहू के बीच जमकर कहासुनी हुई. उस वक्त भी भय्यू महाराज बेटी के पक्ष में खड़े रहे. उन्होंने डॉ. आयुषी को समझाने की कोशिश की और कहा वह बेटी को कैसे डांट सकते हैं. इन दोनों घटनाओं से डॉ. आयुषी और गुस्सैल हो गई. अब वह भय्यू महाराज और उनके करीबी कर्मचारियों से भी सीधे लड़ने लगी थी. भय्यू महाराज बेटी और पत्नी के बीच फंस चुके थे. घर का हर कर्मचारी इस बात से भयभीत रहता था कि घर में किसी भी वक्त बवाल मच सकता है.

कलह की तीसरी वजह : आयुषी माता-पिता को घर के सामने दिला दिया बंगला
डॉ. आयुषी ने भय्यू महाराज के सामने अपने माता-पिता को साथ रखने का प्रस्ताव रख दिया. दबाव में भय्यू महाराज ने अपने घर के सामने ही बड़ा बंगला किराए पर लिया और डॉ. आयुषी के माता-पिता को ठहराया. जैसे ही कुहू को इस बारे में पता चला, उसने पिता से नाराजगी जताई. भय्यू महाराज ने बेटी को समझाने का प्रयास किया और कहा कि वह कुछ समय में सब कुछ ठीक कर देंगे. उन्होंने स्कीम-74 में 60 लाख रुपए का प्लॉट खरीद लिया है. वहां बड़ा बंगला बनाकर कुहू के साथ रहेंगे. कुहू ने उनकी बातों पर विश्वास करने से इन्कार कर दिया. भय्यू महाराज को हर वक्त यही लगता था कि पत्नी और बेटी में किसी भी वक्त हाथापाई हो सकती है. आश्रम के कर्मचारी और नौकर-नौकरानी भी गृह कलह से सहमे-सहमे रहते थे.

पिता की मौत के बाद घर जाते ही बेटी ने तोड़ दीं दूसरी मां की तस्वीरें
कुहू करीब तीन महीने बाद मंगलवार को इंदौर लौटी थी. वह सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंची और पिता को देखा. पिता को खून से सना देख बदहवास हो गई. दोपहर में वह गुस्से में घर (सिल्वर स्प्रिंग) पहुंची और डॉ. आयुषी की तस्वीरों को फोड़ना शुरू कर दिया. उनके साथ मौजूद कांग्रेस की एक महिला नेता ने उसे संभाला और कमरे में लेकर गई. मां और बेटी में मारपीट न हो, इसके लिए दोनों को अलग रखा और उनके कमरों के बाहर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ा.

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